Wednesday , August 16 2017
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Adab O Saqafat

लैला के वास्ते

लैला के वास्ते

डर डर के शेख़ पढ़ते हैं लाहौल आजकल शैतां के पास रहता है पिस्तौल आजकल मोटर भगाए फिरता है लैला के वास्ते मजनूं को है ज़रूरते पैट्रोल आजकल

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लतीफे

लतीफे

इतनी गर्म ! * तीन दोस्त ( गप्पे बाज़) बैठे बातें कररहे थे। एक दोस्त ने कहा, मैं इतनी गर्म चाय पीता हूँ कि अभी उबल रही होती है। दूसरे ने कहा, मैं चाय चूल्हे से उतारकर फ़ौरन पी जाता हूँ।

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बड़ा शायर

बड़ा शायर

* कुछ नक़्क़ाद हज़रात उर्दू के एक शायर की मद्हसराई कर रहे थे, इन में से एक ने कहा, साहिब क्या बात है, बहुत बड़े शायर हैं, अब तो हुकूमत के ख़र्च से यूरोप भी हो आए हैं।

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मुस्कुराइए….

मुस्कुराइए….

इंसानियत का जज़्बा! एक दोस्त ने दूसरे दोस्त से कहा : यार आज मैंने इंसानियत के जज़्बे के तहत एक गधे को ट्रेन की ज़द में आने से बचा लिया? दोस्त ने ये सुन कर कहा : उस को इंसानियत का जज़्बा और बिरादराना जज़्बा भी कह सकते हैं। --- मैं भी

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ये अल्लाह के वो बंदे हैं….

ये अल्लाह के वो बंदे हैं….

एक बुजुर्ग एक आबादी से गु़जर रहे थे। उन्होंने देखा पूरी आबादी में सिर्फ दो घर ऐसे हैं, जो चांदी की तरह चमक रहे हैं। वो इसी तजस्सुस में दूसरे दिन भी उसी आबादी से गुज़रे और वही मंजर देखा। उन्होंने लोगों से पूछा ये क्या माजरा है?

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माफ़ कीजिए !

माफ़ कीजिए !

* एक पार्टी में एक साहिब ने अपने पास खड़े हुए आदमी से कहा : क्या ज़माना आगया है ? ज़रा सामने बैठे लड़के को तो देखो कैसी पोशाक पहनी है, बिलकुल लड़की मालूम होता है। उस आदमी ने ज़रा नाराज़ होकर कहा :साहब वो मेरी लड़की है ।

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मुस्कुराना मना है-2

मुस्कुराना मना है-2

जगह नहीं है एक गाड़ी पर तीन आदमी सवार थे। एक पुलिस ऑफ़िसर ने उन्हें देख कर गाड़ी रोकने के लिए कहा। एक आदमी ने कहा : हम पहले ही से तीन हैं, तेरे लिए जगह नहीं है ! ------------ नीचे देखिए

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अंग्रेज़ीदाँ शायर

अंग्रेज़ीदाँ  शायर

* उर्दू के एक मारूफ़ शायर को गुफ़्तगु के दौरान अपने हर जुमले में अंग्रेज़ी का कोई नया लफ़्ज़ टाँकने की आदत थी। वो जब भी अंग्रेज़ी का कोई नया लफ़्ज़ सुनते तो अपने किसी साथी से उसके मानी पूछ लेते।

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एक औरत का खत

एक औरत का खत

गाँव में एक औरत रहा करती थी। उसका शौहर शहर में काम करता था। वह अपने शौहर को खत लिखना चाहती थी, लेकिन कम पढ़ी लिखी होने की वज्ह से उसे यह पता नहीं था कि Full Stop कहाँ लगेगा; इसीलिए उसका जहाँ मन करता था, वहीं Full Stop लगा देती थी।

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अहमक़ ?

अहमक़ ?

दो बेवक़ूफ टहलते टहलते एक दरिया के पोल पर जा निकले वहां उन्हों ने एक ख़ूबसूरत लड़की को आँसू बहाते और बड़बड़ाते हुए देखा वो कह रही थी : मेरा महबूब मेरा दिलबर हर इतवार को इस जगह आकर मुलाक़ात करता है, लेकिन आज वो नहीं आया। लगता है कि वो मुझ स

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तख़ल्लुस

तख़ल्लुस

एक महफ़िल में कुछ शायर बेख़ुद देहलवी और साइल देहलवी का ज़िक्र कर रहे थे। एक शायर ने शेर सुनाए जिस में दोनों के तख़ल्लुस नज़्म हुए थे। वहां हैदर देहलवी भी मौजूद थे। शेर सुनकर कहने लगे।

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मुस्कुराना मना है

मुस्कुराना मना है

मैं समझा !........ लड़के ने कसाई से सवाल क्या : ये बकरा क्यों चीख रहा है ? कसाई बोला : इसे ज़ब्ह करने के लिए ले जा रहा हूँ। लड़के ने कहा : ओह ! मैं समझा तुम उसे स्कूल ले जा रहे हो ! ---------------- वर्ना...........!

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तानपूरे और तंबूरे का फर्क़

तानपूरे और तंबूरे का फर्क़

पतरस बुख़ारी रेडियो स्टेशन के डायरेक्टर थे एक मर्तबा मौलाना ज़फ़र अली ख़ानसाहब को तक़रीर के लिए बुलाया तक़रीर की रिकार्डिंग के बाद मौलाना पतरस के दफ़्तर में आकर बैठ गए।

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तंग आचुकी थी !

तंग आचुकी थी !

तंग आचुकी थी ! * एक मरीज़ा की टांग की हड्डी टूट गई डाक्टर ने प्लास्टर के बाद छुट्टी कर उसे हिदायत की कि सीढियों से उतरना चढ़ना नहीं है ।

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पुरानी बीमारी !

पुरानी बीमारी !

पुरानी बीमारी ! डॉक्टर ने मरीज़ का मुआइना करने के बाद : ये कोई पुरानी बीमारी है जो आप की सेहत और ज़हनी सुकून को तबाह-ओ-बर्बाद कर रही है । ये सुनकर मरीज़ ने डाक्टर से कहा डाक्टर साहिब आहिस्ता बोलिए वो बीमारी बाहर ही बैठी है ! ---------------------

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क्या करते हैं?

क्या करते हैं?

* एक दफ़ा एक मशहूर शायर किसी होटल में खाना खाने के लिए जा रहे थे। रास्ते में एक दोस्त मिल गए। उन्हें भी साथ ले लिया। होटल पहुंचकर शायर साहिब ने पूछा : क्या खाओगे?

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ज़रा मुस्कुराइए

ज़रा मुस्कुराइए

दुनिया बड़ी धोकेबाज़ ! कोई चोर मकान में दाख़िल हुआ तो उसने तिजोरी पर लिखा हुआ देखा 'दाइं तरफ़ लगे हुए बटन को दबाएं तो तिजोरी ख़ुदबख़ुद खुल जाएगी।' चोर ने इस हिदायत पर अमल किया और बटन पर हाथ रखा ही था कि सायरन बज पड़ा और चोर पकड़ा गया।

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तोतों का बॉस

तोतों का बॉस

एक कम्प्यूटर इंजीनियर तोता खरीदने गया। दुकानदार ने उसे तीन तोते दिखाए। कहा सबसे आखरी तोते की कीमत 500 रुपए है। यह कम्प्यूटर चलाना जानता है। उसके बगल में दूसरे तोते की कीमत एक हजार रुपए है। यह सारे ऑपरेटिंग सिस्टम चला सकता है।

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नुसरत फ़तह अली ख़ान… तुम बहुत याद आते हो

नुसरत फ़तह अली ख़ान… तुम बहुत याद आते हो

16 अगस्त 1997 को महज़ 48 बरस की उम्र में इंतिक़ाल कर जाने वाले और फ़न-ए-क़व्वाली और क्लासिकी मूसीक़ी को नई जिहतों से मुतआरिफ़ करवाने वाले उस्ताद नुसरत फ़तह अली ख़ान की यादें आज भी उन के चाहने वालों के दिलों में ज़िंदा हैं।

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