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Ghazal

गालिब और आम

गालिब और आम

अल्लाह जानता है मुहब्बत हमीं ने की ग़ालिब के बाद आमों की इज्जत हमीं ने की जैसे भी आम हम को मिले हम ने खा लिये आमों का मान रखा मुरव्वरत हमीं ने की खट्टे भी खाये श़ौक से मीठे भी खाये हैं ]िकस्तम के फैसले से ]िकनायत हमीं ने की

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हसरत मोहानी

हसरत मोहानी

हसरत मोहानी (1875 -1951) रोशन जमाल-ए-यार से है अंजुमन तमाम रोशन जमाल-ए-यार से है अंजुमन तमाम दहका हुआ है आतिश-ए-गुल से चमन तमाम हैरत गुरूर-ए-हुस्न से शोख़ी से इज़तराब दिल ने भी तेरे सीख लिए हैं चलन तमाम

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अमजद हैदराबादी

अमजद हैदराबादी

अमजद हैदराबादी( 7 रजब1305-12 शवाल 1380 )(1878–1961) सय्यद अहमद हुसैन हूँ अमजद हूँ हस्सान उल-हिंद सानी सरमद हूँ क्या पूछते हो हसब ओ नसब को मिरे मैं बंदा लम यलिद वलम यूलद हूँ

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परवीन शाकिर

परवीन शाकिर

परवीन शाकिर (1952 -1994) शायरी में एक ऐसा नाम है, जिसे उर्दू कभी भूल नहीं सकती। ख़ुशबू, सद बर्ग, ख़ुद कलामी, इनकार और माहे तमाम उनके मजमुए कलाम मशहूर हुए। उनकी एक ग़ज़ल और कुछ नज्में यहाँ पेश हैं। ग़ज़ल खुली आँखों में सपना झांकता है

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अज़ीज़ क़ैसी (1931-1992)

अज़ीज़ क़ैसी (1931-1992)

हैदराबाद से फिल्मी दुनिया में नाम कमाने वालों में अज़ीज़ क़ैसी एक बड़ा नाम था। दयावान, कुँवारा बाप और अंकुर जैसी मशहूर फिल्में उन्होंने लिखीं। शायरी में उनकी ग़ज़लें और नज़्में मशहूर रहीं। जगजीत सिंह की आवाज़ में उनकी एक मशहूर ग

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एक पत्थर को जान बना बैठे

एक पत्थर को जान बना बैठे

एक पत्थर को , जान बना बैठे अपना सब कुछ तुझे बना बैठे मेरी हर सांस में, रूह में तुम् हो तुम को अपना जहां बना बैठे किस कदर मेरा दिल ये प्यासा है अपना ज़मज़म तुम्हे बना बैठे रब से मांगा है तुम को मैने सदा सारी दुनिया को हम भुला बैठे

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शाज़ तमकनत

शाज़ तमकनत

शाज़ तमकनत साहब(31 जनवरी 1933- 18 अगस्त 1985) का नाम उर्दू के उन शयरों में शामिल है, जिन्होंने शायरी को ओढना बिछोना बनाया। उनके मजमुए कलाम 'तरशीदा' और 'बयाज़े शाम' मशहूर हुए। कई गुलूकारों ने उनकी ग़ज़लों को अपनी आवाज़ में दुनिया भर में पहुँचाया।

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अहमद फ़राज़

अहमद फ़राज़

अहमद फ़राज़ (1931-2008) की शायरी के बारे में कहा जाता रहा है कि ये निकली तो फ़राज़ की कलम से है, लेकिन लोगों के दिलों में उतर कर उनकी अमानत बन गई है. उनकी एक मशहूर और सब से बड़ी ग़ज़ल यहाँ पेश है। सुना है लोग उसे आँख भर के देखते हैं

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