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Hadis Shareef

हसद से परहेज़

हसद से परहेज़

हजरत अबू हुरैरा रज़ी अल्लाहु तआला अन्हा से रिवायत है के रसूल-ए-पाक सल्लल्लाह अलैहे वसल्लम ने फ़रमाया, हसद से परहेज़ करो कियों के हसद नेकियों को इस तरह खा जाता है जैसे आग लकड़ी या घास को खा जाती है. (अबू दाऊद)

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हदीस शरीफ़

हदीस शरीफ़

हज़रत अबदुल्लाह बिन अब्बास रज़ी अल्लाह ताला अन्हो से रिवायत है एक शख़्स अर्फ़ात में अचानक सवारी से गिरा और मर गया , रसूलल्लाहो सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया उस को ग़ुसल दे कर एहराम में ही दफ़न क्रदो ये क़ियामत में तलबीहा पढ़ता हुआ उठेगा इस का मुंह और …

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हदीस शरीफ़

हदीस शरीफ़

हज़रत अमर बिन अल्लास रज़ी अल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है रसूलल्लाहो सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया इस्लाम लाने से पहले के तमाम गुनाह माफ़ कर दिए जाते हैं दारुल कुफ़र से दारुस्सलाम की तरफ़ हिज्रत करना तमाम गुनाहों को मिटा देता है इस तरह हज करने से पहले के …

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रिज़्क़ की तकसीम

रिज़्क़ की तकसीम

खातून-ए-जन्नत हजरत सैयदा फातिमा ज़हरा रज़ी अल्लाहु तआला अन्हा से रिवायत है, रसूल-ए-पाक सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम ने फ़रमाया अल्लाह तआला सुबह सादिक से लेकर तुलू-ए-आफताब तक अपने बन्दों को रिज़्क़ तकसीम करता है। (बेहकी)

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मुसलमान भाई से अदावत

मुसलमान भाई से अदावत

हजरत अबू हुरैरा रज़ी अल्लाहु तआला अन्हा से रिवायत है के रसूल-ए-पाक सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम ने फ़रमाया, लोगों के आमाल हफ्ता मे दो मर्तबा पीर और जुमेरात को अल्लाह तआला के सामने पेश होते है। अल्लाह तआला सब मुसलमान बन्दों को बख्श देता है सिवाए उस के जिसकी किसी मुसलमान …

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हदीस शरीफ़

हदीस शरीफ़

हज़रत अबू हुरैरा रज़ी अल्लाहो तआला अन्हा से रिवायत है कि रसूल-ए-पाक सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम ने फ़रमाया जिस ने किसी मोमिन की तकलीफ़ दूर की तो अल्लाह तआला क़यामत में उस की सख़्ती और तकलीफ़ को दूर करदेगा। (बेहक़ी)

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वुज़ू की फ़ज़ीलत

वुज़ू की फ़ज़ीलत

हजरत अब्दुल्लाह बिन उमर रज़ी अल्लाहु तआला अन्हु से रिवायत है के, रसूल-ए-पाक सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम ने फरमाया, जिसने वुज़ू पर वुज़ू किया, उसके लिए दस नेकियां लिखी जाती हैं। (तिर्मिज़ी)

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अल्लाह से अच्छा गुमान रखो

अल्लाह से अच्छा गुमान रखो

हजरत जाबिर रज़ी अल्लाहु तआला अन्हु से रिवायत है के रसूल-ए-पाक (स०) ने फ़रमाया, देखो तुम में से किसी को मौत ना आए, मगर इस हालत में के वो अल्लाह से अच्छा गुमान रखता हो। (मुस्लिम)

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हदीस शरीफ़

हदीस शरीफ़

हज़रत मआज़ बिन जबल रज़ी अल्लाह तआला अन्हु अर्ज़ गुज़ार हुए मुझे कुछ नसीहत फ़रमाईए, रसूल अल्लाह सल्ललाहो अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया अपने दिल में ख़ुलूस पैदा कर थोड़ा सा अमल भी काफ़ी हो जाएगा। (हाकिम)

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हदीस शरीफ़

हदीस शरीफ़

हजरत अब्दुल्लाह बिन उमर रज़ी अल्लाहु तआला अन्हु से रिवायत है, रसूल-ए-पाक सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया, तुम रहम करो तुम पर रहमत की जाएगी, तुम लोगों के कुसूर माफ़ करो, तुम्हारे कुसूर माफ़ किये जाएंगे। (अबू (दाऊद)

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हदीस शरीफ़

हदीस शरीफ़

हज़रत अमर बिन अल्लास रज़ी अल्लाहो तआला अन्हु से रिवायत है रसूल अल्लाहो सल्लाहो अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया इस्लाम लाने से पहले के तमाम गुनाह माफ़ कर दिए जाते हैं दारुल कुफ़र से दार उस्सलाम की तरफ़ हिज्रत करना तमाम गुनाहों को मिटा देता है इस तरह हज करने से …

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हदीस शरीफ़

हदीस शरीफ़

हजरत अब्दुल्लाह बिन उमर रज़ी अल्लाहो तआला अन्हु से रिवायत है रसूल-ए-पाक सल्लल्ल्हो अलैहि वसल्लम से पूछा गया बेहतर और अफज़ल इस्लाम कौन सा है इरशाद फरमाया मसाकीन को खान खिलाना और जाने अनजाने हर मुसलमान को सलाम करना (बुखारी मुस्लिम)

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हदीस शरीफ़

हदीस शरीफ़

हज़रत अबदुल्लाह बिन अब्बास रज़ी अल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है रसूलल्लाहो सल्लाह अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया एक उमरा से दूसरे उमरा तक के दरमयान तमाम गुनाह माफ़ कर दीए जाते हैं, हज्ज-ए-मबरूर ( नेकियों वाला हज) की जज़ा सिवाए जन्नत के कुछ नहीं है । (बुख़ारी और मुस्लिम )

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हदीस शरीफ़

हदीस शरीफ़

रसूल-ए-पाक सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम ने हजरत अबू ज़र गफ्फारी रज़ी अल्लाहु तआला अन्हु से फ़रमाया, तुम खामूश रहा करो,खामुशी शैतान को दफा करती है और दीन के कामो में मदद करती है। (इब्ने हिबान, हाकिम)

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एहसान को छुपाना कुफराने नेमत है

एहसान को छुपाना कुफराने नेमत है

हजरत जाबिर रज़ी अल्लाहु तआला अन्हु से रिवायत है के रसूल-ए-पाक सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम ने फ़रमाया, जिसने मुहसिन की तारीफ की उसने एहसान का शुक्रिया अदा कर दिया जिसने मुहसिन के एहसान को छुपाया उसने कुफराने नेमत किया। (तिरमिज़ी) Share

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मोमिन की पहचान

मोमिन की पहचान

हजरत अबू अमामा रज़ी अल्लाहु तआला अन्हु से रिवायत है के, रसूल-ए-पाक (स०) ने फ़रमाया, अगर नेकी करने के बाद तुझको ख़ुशी होती हो, और गुनाह के बाद तेरा दिल रंजीदा होता हो तो, समझ ले तू मोमिन है। (अहमद)

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ज़मज़म का पानी

ज़मज़म का पानी

हज़रत अबदुल्लाह बिन अब्बास रज़ी अल्लाहो तआला अनहो से रिवायत है रसूलल्लाहो सल्लाहो अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया रुए ज़मीन के तमाम पानीयों से बेहतर ज़मज़म का पानी है, इस पानी में भूके की ग़िज़ा और बीमार की शिफ़ा है। (इब्ने हबान )

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एक नमाज़ एक लाख नमाज़ों के बराबर

एक नमाज़ एक लाख नमाज़ों के बराबर

हजरत अनस रज़ी अल्लाहु तआला अनहु से रिवायत है के, रसूल-ए-पाक (स०) ने फ़रमाया, मस्जिद ए अक़सा और मेरी मस्जिद, इन दोनों की नमाज़ें पचास हज़ार नमाज़ों के बराबर है, मगर मस्जिद-ए-हराम की एक नमाज़ एक लाख नमाज़ों के बराबर है। (इब्न माजा)

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हदीस शरीफ़

हदीस शरीफ़

हजरत अस्मा रज़ी अल्लाहु तआला अन्हा से रिवायत है के, रसूल-ए-पाक (स०) फरमाया, तुम खर्च करो और गिन गिन के जमा मत करो , वर्ना अल्लाह भी तुम्हें गिन गिन के देगा, और बंद करके न रखो वर्ना वो भी तुम पर अपनी रहमत के दरवाज़े तुम पर बंद कर …

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गु़स्से पर कंट्रोल करने का इनाम

गु़स्से पर कंट्रोल करने का इनाम

हजरत मआज बिन अनस रज़ी अल्लाहु तआला अन्हु से रिवायत है के रसूल-ए-पाक (स०) ने फ़रमाया, जो शख्स कुदरत रखने के बावजूद गुस्सा पी गया, तो कयामत में अल्लाह उसे अख्तियार देगा के वो जिस हूर को चाहे पसंद करले। (अबू दाऊद)

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