Wednesday , August 16 2017
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Hadis Shareef

हदीस शरीफ़

हदीस शरीफ़

हज़रत अबूहुरैरा रज़ी अल्लाह ताला अन्हा से रिवायत है रसूलल्लाह सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम ने फ़रमाया जिस शख़्स ने लोगों को किसी भले काम की तरफ़ बुलाया तो वो क़ियामत में अपनी तब्लीग़ के मुवाफ़िक़ हाज़िर होगा। चाहे उस ने एक ही शख़्स को तब्लीग़ क्यों ना की हो। (इब्ने माजा)

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भले होने की गवाही

भले होने की गवाही

हजरत अनस रज़ी अल्लाहु तआला अन्हों से रिवायत है के, रसूल-ए-पाक (स०) ने फ़रमाया, कोई शख्स मरता है और उसके चार पड़ोसी उसके भले होने की गवाही देते हैं, तो अल्लाह तआला फरमाता है, मैं ने तुम्हारी शहादत कुबूल करली,और जिन बातों का तुम्हें इल्म न था वो मैं ने …

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हदीस शरीफ़

हदीस शरीफ़

हज़रत अबदुल्लाह बिन जर्रार रज़ी अल्लाहो तआला अन्हों से रिवायत है रसूलल्लाहो सल्लाहो अलैहि अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया ए लोगो हज करो क्योंकि हज गुनाहों को इस तरह धो देता है जैसे पानी मेल को साफ़ कर देता है। (तिबरानी)

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हदीस शरीफ़

हदीस शरीफ़

हज़रत अबदुल्लाह बिन अब्बास रज़ी अल्लाहो तआला अनहो से रिवायत है रसूलल्लाहो सल्लाहो अलैहि अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया अल्लाह ताला हुज्जाज के लिए हर रोज़ एक सौ बीस रहमतें नाज़िल करता है इन में से साठ तवाफ़ करने वालों केलिए लिखी जाती हैं, चालीस नमाज़ पढ़ने वालों के लिए और …

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हदीस शरीफ़

हदीस शरीफ़

हज़रत अबदुल्लाह बिन अब्बास रज़ी अल्लाहो तआला अनहो से रिवायत है रसूल ल्लाहो सल्लाहो अलैहि अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया रुए ज़मीन के तमाम पानीयों से बेहतर ज़मज़म का पानी है, इस पानी में भूके की ग़िज़ा और बीमार की शिफ़ा-है । (इबन हबान)

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बगैर हिसाब के जन्नत

बगैर हिसाब के जन्नत

हजरत अबू अमामा रज़ी अल्लाहु तआला अन्हो से रिवायत है के, रसूल-ए-पाक (स०) फरमाया, मेरे रब ने मुझ से वादा फरमाया है के, मेरी उम्मत की कसीर (जियादा) तादाद को किसी हिसाब वो अज़ाब के बगैर जन्नत में दाखिल करेगा। (मिश्कात)

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अज़ान अकामत के दरमियान दुआ रद नहीं होती

अज़ान अकामत के दरमियान दुआ रद नहीं होती

हजरत अनस रज़ी अल्लाहु तआला अन्हो से रिवायत है कि रसूले पाक (स०) ने फ़रमाया, अज़ान अकामत के दरमियान दुआ रद नहीं होती और बल्कि कुबूल ही हो जाती है। किसी ने पूछा ऐसे मोके पर हम क्या दुआ करें ? फरमाया! अल्लाह तआला से दीन व दुनिया की आफियत …

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हदीस शरीफ़

हदीस शरीफ़

हजरत अनस रज़ी अल्लाहु तआला अनहु से रिवायत है के रसूल-ए-पाक (स०) ने फ़रमाया, कोई शख्स मरता है और उसके चार पड़ोसि उसके भले होने की गवाही देते हैं, तो अल्लाह तआला फरमाता है, मैं ने तुम्हारी शहादत कुबूल करली,और जिन बातों का तुम्हें इल्म न था वो मैं ने …

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हदीस शरीफ़

हदीस शरीफ़

हजरत अब्दुल्लाह बिन उमर रज़ी अल्लाहु तआला अन्हों से रिवायत है के, रसूल-ए-पाक (स०) ने फरमाया, रजा-ए-इलाही के लिए गुस्सा के घोंट को पी जाने से बढ़ कर कोई दूसरा घोंट नहीं है। (इब्ने माजा)

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हदीस शरीफ़

हदीस शरीफ़

हज़रत अबदुल्लाह बिन अब्बास रज़ी अल्लाह ताला अन्हों से रिवायत है रसूलल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया दो आँखों को दोज़ख़ की आग छू नहीं सकती, एक वो आँख जो अल्लाह के ख़ौफ़ से रोने वाली है, दूसरी वो आँख जो मुजाहिदीन की हिफ़ाज़त में रात को जागती रहती है। …

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हदीस शरीफ़

हदीस शरीफ़

रसूल-ए-पाक (स०) ने हजरत अबू ज़र गफ्फारी रज़ी अल्लाहु तआला अनहु से फ़रमाया, तुम खामूश रहा करो,खामुशी शैतान को दफा करती है और दीन के कामो में मदद करती है। (इब्ने हिबान, हाकिम)

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हदीस शरीफ़

हदीस शरीफ़

हजरत अबू हुरैरा रज़ी अल्लाहु तआला अन्हा से रिवायत है के रसूल-ए-पाक (स०) ने फ़रमाया, लोगों के आमाल हफ्ता मे दो मर्तबा पीर और जुमेरात को अल्लाह तआला के सामने पेश होते है। अल्लाह तआला सब मुसलमान बन्दों को बख्श देता है सिवाए उस के जिसकी किसी मुसलमान भाई से …

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हदीस शरीफ़

हदीस शरीफ़

हजरत अब्दुल्लाह बिन उमर रज़ी अल्लाहु तआला अन्हों से रिवायत है के,रसूल-ए-पाक (स०) फरमाया, तनहा सफ़र करने में जो खराबियां मुझे मालूम हैं अगर लोगों को मालूम हो जाए तो कभी कोई शख्स तनहा सफ़र न करें। (बुखारी शरीफ)

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मस्जिद में नमाज़ पढ़ने की फज़ीलत

मस्जिद में नमाज़ पढ़ने की फज़ीलत

हजरत उस्मान बिन अफ्फान रज़ी अल्लाहु तआला अअन्हों से रिवायत है के रसूल-ए-पाक (स०) ने फ़रमाया जिसने पूरा पूरा वजू किया, और फ़र्ज़ नमाज़ पढने को घर से निकला, और मस्जिद में जा कर इमाम के साथ नमाज़ पढ़ी, तो उसके तमाम गुनाह माफ़ हो गए। (इब्न खजीमा)

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हदीस शरीफ़

हदीस शरीफ़

हजरत अबू हुरैरा रज़ी अल्लाहु तआला अन्हों से रिवायत है के रसूल-ए-पाक (स०) ने फ़रमाया जो बन्दा अपने रब से सवाल नहीं करता और दुआ नहीं मांगता, हक तआला उस पर नाराज़ होता है। (तिरमिज़ी)

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हदीस शरीफ़

हदीस शरीफ़

हज़रत अबदुल्लाह बिन अब्बास रज़ी अल्लाह ताला अन्हो से रिवायत है रसूलल्लाह सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया जो इस घर (बैतुल्लाह) में दाख़िल हुआ वो नेकियों में दाख़िल हुआ जो इस घर से निकला वो गुनाहों से पाक होकर निकला। (इब्ने ख़ुज़ैमा)

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हदीस शरीफ़

हदीस शरीफ़

हज़रत इमाम हुसैन रज़ी अल्लाहो तआला अन्हों फ़रमाते हैं रसूलल्लाह सल्लाहो अलैहि अलैहि वसल्लम से एक शख़्स ने अर्ज़ किया हुज़ूर में कमज़ोर भी हूँ और बुज़दिल भी, इरशाद हुआ तुम ऐसा जिहाद करो जिस में कांटा भी ना लगे, उस ने अर्ज़ किया ऐसा कौन सा जिहाद है जिस …

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हदीस शरीफ़

हदीस शरीफ़

हज़रत काब बिन अजरा रज़ी अल्लाह तआला अन्हों से रिवायत है रसूल अल्लाह सल्लाहो अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया अपने लिए, अपनी औलाद के लिए , अपने माँ-बाप के लिए कमाना अल्लाह ताला की ख़ुशनुदी का मूजिब है, रिया और बड़ाई ज़ाहिर करने के लिए कमाना शैतान की कमाई है। (तिबरानी …

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हदीस शरीफ़

हदीस शरीफ़

हज़रत अबदुल्लाह बिन उमर रज़ी अल्लाह ताला अन्हों से रिवायत है रसूल अल्लाह सल्लाहो अलैहि वसल्लम से पूछा गया कि कौनसी कमाई अफ़ज़ल है इरशाद हुआ अपने हाथ से काम करना या तिजारत करके कमाना । (तिबरानी, बेक़ही , हाकिम )

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हदीस शरीफ़

हदीस शरीफ़

हज़रत अबदुल्लाह बिन उम्र रज़ी अल्लाह ताला अन्हों से रिवायत है रसूलल्लाह सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया अल्लाह मेहनत मज़दूरी करने वाले पेशावर मुस्लमान को बहुत पसंद करता है। (तिबरानी)

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