Wednesday , August 16 2017
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Hadis Shareef

हदीस शरीफ़

हदीस शरीफ़

हज़रत आईशा सिद्दीक़ा रज़ी अल्लाह ताला अनहा से रिवायत है रसूल अल्लाह सल्लाहो अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया जो शख़्स दिन भर अपने हाथ की मेहनत के बाइस शाम को थक गया तो इस ने ऐसी हालत में शामिल की के इस की मग़फ़िरत करदी जाती है । (इबने माजा )

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हदीस शरीफ़

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हज़रत अबदुल्लाह बिन उम्र रज़ी अल्लाह ताला अनहो से रिवायत है रसूल अल्लाह सल्लाहो अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया अल्लाह मेहनत मज़दूरी करने वाले पेशावर मुस्लमान को बहुत पसंद करता है । ( तिबरानी )

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हदीस शरीफ़

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हज़रत अबदुल्लाह बिन उम्र रज़ी अल्लाह ताला अनहो से रिवायत है रसूल अल्लाह सल्लाहो अलैहि वसल्लम से पूछा गया कि कौनसी कमाई अफ़ज़ल है इरशाद हुआ अपने हाथ से काम करना या तिजारत करके कमाना । (तिबरानी, बेक़ही , हाकिम )

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हदीस शरीफ़

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हज़रत काब बिन अजरा रज़ी अल्लाह तआला अनहो से रिवायत है रसूल अल्लाह सल्लाहो अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया अपने लिए , अपनी औलाद केलिए , अपने माँबाप केलिए कमाना अल्लाह ताला की ख़ुशनुदी का मूजिब है , रिया और बड़ाई ज़ाहिर करने के लिए कमाना शैतान की

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हदीस शरीफ़

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हज़रत अबदुल्लाह बिन उम्र रज़ी अल्लाह ताला अनहो से रिवायत है रसूल अल्लाह सल्ल अल्लाह अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया जिस ने ख़तरा के मौक़ा पर मुजाहिदीन की पासबानी की ये रात शब क़दर से बेहतर है । (हॉकिम)

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हदीस शरीफ़

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हज़रत अबदुल्लाह बिन अब्बास रज़ी अल्लाह ताला अनहो से रिवायत है रसूल अल्लाह सल्ल अल्लाह अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया दो आँखों को दोज़ख़ की आग छू नहीं सकती , एक वो आँख जो अल्लाह के ख़ौफ़ से रोने वाली है , दूसरी वो आँख जो मुजाहिदीन की हिफ़ाज़त में रात

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हदीस शरीफ़

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हज़रत अबदुल्लाह बिन अब्बास रज़ी अल्लाह ताला अनहो से रिवायत है रसूल अल्लाह सल्ला अल्लाह अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया हज्र-ए-असवद क़ियामत में इन लोगों केलिए गवाह होगा जिन्हों ने इस को हक़ और ख़ुलूस के साथ बोसा दिया और हाथ लगाया । (तिरमिज़ी शर

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हदीस शरीफ़

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हज़रत अबदुल्लाह बिन अब्बास रज़ी अल्लाह ताला अन्नहो से रिवायत है रसूल अल्लाह सल् अ ल्लाह अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया जो इस घर (बैतुल्लाह) में दाख़िल हुआ वो नेकियों में दाख़िल हुआ जो इस घर से निकला वो गुनाहों से पाक होकर निकला । (इबन ख़ुज़ैमा

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