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अंतर्राष्ट्रीय किताब मेले में दिखी उर्दू साहित्य को सही ढंग से लोगो तक पहुंचाने की एक नई कला

दिल्ली के प्रगति मैदान में 7 जनवरी से विश्व पुस्तक मेले का आरंभ हो चूका है। यह मेला 7 जनवरी से 15 जनवरी तक चलेगा। जहा विभिन्न तरह के पुस्तक प्रकाशन मेले में पहुंचे हुए हैं। वहीं उर्दू प्रकाशन में इसमें पीछे नहीं हटे हैं। इन सभी प्रकाशनों के बीच एक विचित्र स्टाल रुझान एवम् एनीबुक नाम से लगा हुआ है जिसमे ग़ालिब, पाश, जॉन अलिया सहित बड़े उर्दू लेखको के स्केच बनाये गए हैं। पोस्टर्स से लेकर टी-शर्ट तक यह स्केच हाथो से बनाये गए हैं।

स्टाल पर खड़े आयोजक पराग अग्रवाल ने बताया की हमे उर्दू से मोहब्बत है और अपने इस प्रकाशन के ज़रिये हम लोगो तक सही ढंग से साहित्य पहुंचाना चाहते हैं, जो साहित्य आज के दौर में प्रचलन में हैं बड़ी फूहड़ता के साथ लोगो को परोस जा रहा है, हम अपने इस प्रकाशन के ज़रिये लोगो तक उर्दू साहित्य की सही झलक पहुंचना चाहते हैं। पराग ने आगे बताया की उनके प्रकाशन के मुख्य लक्ष्य उर्दू साहित्य पर रौशनी डालने के साथ साथ कुछ नए लेखक जिनको प्रकाशन द्वारा जगह नहीं दी जाती है या फिर उनकी किताबे नहीं छापी जाती है उनकी किताबो को छाप कर भी जनता से रूबरू कराना उनका मक़सद है।

वहीं पोस्टर बनाने वाले आर्किटेक के विद्यार्थी शिराज़ हुसैन ने बताया की उनको बचपन से ही उर्दू पढ़ने में दिलचस्पी रही है। वो ये पोस्टर लोगो तक उर्दू साहित्य के लेखको को पहुंचने के लिए बना रहे हैं। उनका कहना है की कुछ ऐसे लेखक जो बेहतरीन लिखते थे उनपर वो अपने स्केचों के ज़रिये रौशनी डालना चाहते हैं। स्केचों के साथ साथ शिराज़ ने लेखको के कुछ कलाम भी लिखे हुए हैं।

यह स्टाल विश्व पुस्तक मेले में दूसरी बार पहुंचा हैं। इसके अलावा मिल्ली पब्लिकेशन, एम आर पब्लिकेशन, उर्दू अकादमी दिल्ली, राष्ट्रिय उर्दू भाषा विकास परिषद जैसे बेहतरीन प्रकाशन मेले में उपस्थित हैं।

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