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अंदरून तीन हफ़्ते ज़ियागुड़ा मस्लख़-ओ-नाजायज़ क़बज़े बरख़ास्त किए जाएं

हैदराबाद 18 जून:चीफ जस्टिस ए पी हाइकोर्ट कल्याण ज्योति सेनगुप्ता ने मजलिस बलदिया हैदराबाद को आज हिदायत दी कि वो ज़ियागुड़ा मस्लख़ को और ज़ियागुड़ा सड़क पर गैर मजाज़ क़ब्ज़ों को अंदरून तीन हफ़्ते बरख़ास्त करदें।

हैदराबाद 18 जून:चीफ जस्टिस ए पी हाइकोर्ट कल्याण ज्योति सेनगुप्ता ने मजलिस बलदिया हैदराबाद को आज हिदायत दी कि वो ज़ियागुड़ा मस्लख़ को और ज़ियागुड़ा सड़क पर गैर मजाज़ क़ब्ज़ों को अंदरून तीन हफ़्ते बरख़ास्त करदें।

चीफ जस्टिस ने सिटी सपुलि कमिशनर को भी हिदायत दी के इस मुआमले में बलदी हुक्काम को ज़रूरी पुलिस मदद फ़राहम करें। चीफ जस्टिस ज़ियागुड़ा के साकन डी संतोष कुमार और राजिंदर कुमार की मफ़ाद-ए-आम्मा की एक दरख़ास्त की जस्टिस जी रोहिणी के साथ समाअत कर रहे थे।

दरख़ास्त गुज़ारों की इस्तिदा था कि बलदिया को हिदायत दी जाये कि यहां जानवरों के ज़बीहा(वध) पर रोक लगाए। इस के इलावा दरख़ास्त गुज़ारों ने शिकायत की थी कि ज़िया गौड़ा जाने वाली सड़कों पर गैर मजाज़ क़ब्ज़ों को रोकने में भी बलदिया नाकाम होगई है ।

दरख़ास्त गुज़ार के वकील नज़ीर अहमद ख़ान ने अदालत के इलम में लाया कि यहां जानवरों के ज़बीहा(वध) में इज़ाफ़ा होगया है और मुक़ामी शहरियों के लिए मसाइल पैदा हो रहे हैं।

इस के अलावा दरयाए मौसी में ग़लाज़तें वगैरह फेंकी जा रही हैं। बलदिया के वकील सी दामोदर रेड्डी ने अदालत को बताया कि ज़िया गुड़ के मस्लख़ को बलदिया की तरफ से चुंगीचरला में असरी मस्लख़ के क़ियाम के बाद कोई इजाज़त नहीं दी गई है।

उन्होंने कहा कि ज़ियागुड़ा में कुछ शेड्स और छोटी इमारतें अभी तक हैं जिन्हें ताजिर अपने जानवर बेचने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बलदिया ने 20 जून को यहां मौजूद तामीरात को हटा देने का फैसला किया था और पुलिस से तआवुन तलब किया था जिस पर पुलिस ने मतला किया हैके उन्हें असेंबली के सेक्यूरिटी इंतेज़ामात करने हैं।

पुलिस ने असेंबली मीटिंग के बाद दरकार मदद फ़राहम की जाएगी। बलदिया के वकील ने कहा कि पुलिस के तआवुन के बगैर ज़ियागुड़ा में इमारतों को गिराना और नाजायज़ क़बज़े बरख़ास्त करना मुश्किल होगा।

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