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अंबानी के प्लेन से एयर ट्रैफिक कंट्रोल रूम को मैसेज बचाओ-बचाओ

एयर ट्रैफिक कंट्रोल रूम में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब मुल्क के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी के प्राइवेट प्लेन से किसी शख्स की चीख पुकार सुनाई दी | प्लेन से किसी शख्स ने मुंबई एटीसी से मदद मांगी थी और मैसेज दिया था- Mayday.

एयर ट्रैफिक कंट्रोल रूम में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब मुल्क के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी के प्राइवेट प्लेन से किसी शख्स की चीख पुकार सुनाई दी | प्लेन से किसी शख्स ने मुंबई एटीसी से मदद मांगी थी और मैसेज दिया था- Mayday. यह पैगाम तब भेजा जाता है, जब प्लेन हादसे का शिकार होने वाला होता है| हिंदी में इसे बचाओ…बचाओ माना जाता है| और तो और, ये पैगाम एटीसी को तब मिला, जब प्लेन हैंगर पर खड़ा था| यह वही एयरबस 319 था जिसे 2007 में मुकेश अंबानी ने बीवी नीता को बतौर बर्थडे गिफ्ट दिया था |

मुंबई मिरर की खबर के मुताबिक, गुजश्ता पीर की रात 8.32 बजे मुंबई एयर ट्रैफिक कंट्रोल के मेन टावर को इस तरह का अलर्ट मिला. एटीसी के आफीसर कुछ समझ पाते कि छह मिनट बाद यानी 8.38 बजे फिर से इसी तरह की आवाज आई. एटीसी आफीसरों को पहले लगा कि यह कॉल दिल्ली-लाहौर-मस्कट रूट पर किसी प्लेन से आया है, लेकिन जांच के बाद पता चला कि यह आवाज किसी ऐसे प्लेन से नहीं आई है जो उड़ान पर हो.

पहला पैगाम

प्लेन के इंजन में आग लगी है और यह गिर रहा है. पायलट ने कहा कि प्लेन दिल्ली से लाहौर होते हुए मस्कट जा रहा है.

दूसरा पैगाम
इंजन में आग लगी है और हम समंदर में गिर रहे हैं.

एक सीनियर एटीसी आफीसर ने बताया, “हमने दिल्ली और मस्कट के एटीसी से राबिता किया कि क्या उन्हें कोई इमरजेंसी पैगाम मिला है. हमने उस रास्ते पर उड़ रहे दूसरे प्लेनो से भी पूछा कि क्या उन्होंने ऐसा कोई प्लेन देखा.” जब दिल्ली और मस्कट, दोनों जगहों से मामूल हालात की जानकारी मिली और बाकी तैय्यारो ( प्लेनो) ने भी ना में जवाब दिया, तब एटीसी ने रेडियो फ्रीक्वेंसी के जरिए तैय्यारे को खोजने की कोशिश की. वे हैरान रह गए जब पता चला कि पैगाम उन्हीं के बगल से आ रहा था, जहां ज़ाती तैय्यारे खड़े होते हैं. आफीसर ने बताया, “हमने जांच के लिए टीम भेजी. टीम को पता चला कि 2007 में नीता अंबानी को उनके शौहर मुकेश अंबानी ने जो तैय्यारा तोहफे में दिया था, हैंगर में खड़ा था लेकिन उसके अंदर कोई नहीं था.”

एटीसी आफीसरों को पहले लगा कि यह कॉल दिल्ली-लाहौर-मस्कट रूट पर किसी तैय्यारे से आई है, लेकिन जांच के बाद पता चला कि यह आवाज किसी ऐसे तैय्यारे से नहीं आई है जो अपनी उड़ान पर है. एटीसी आफीसरों के मुताबिक शुरुआती जांच में पता चला है कि शायद अंबानी के इस प्लेन का पायलट यह जांच कर रहा था कि इसके एमर्जेंसी सिस्टम और रेडियो ठीक से काम कर रहे हैं या नहीं, लेकिन इस दौरान पायलट एटीसी को यह बताना भूल गया था कि वह यह टेस्ट कर रहा था. इस वजह से प्लेन से ऐसी आवाज आई और एटीसी में अफरातफरी मच गई. अंबानी की कंपनी रिलायंस के एक तरजुमान ने इसकी तस्दीक की है कि प्लेन के इमरजेंसी सिस्टम को टेस्ट किया जा रहा था.

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