Monday , October 23 2017
Home / India / अक़ल्लीयती अज़ला क़रार देने के मेयार मैं तख़फ़ीफ़(कमि करने) की तज्वीज़(सलाह)

अक़ल्लीयती अज़ला क़रार देने के मेयार मैं तख़फ़ीफ़(कमि करने) की तज्वीज़(सलाह)

नई दिल्ली । एक पार्लीमेंट्री कमेटी ने तज्वीज़ (राय) पेश की है कि अक़ल्लीयती आबादी को 25 फ़ीसद से कम करके 15 फ़ीसद कर लिया जाए, जिस की बुनियाद पर(वजह से) किसी ज़िलें को अक़ल्लीयती मृरतकिज़(मरकजि) ज़िला क़रार दिया जा सके। इन सिफ़ारिशात पर अगर

नई दिल्ली । एक पार्लीमेंट्री कमेटी ने तज्वीज़ (राय) पेश की है कि अक़ल्लीयती आबादी को 25 फ़ीसद से कम करके 15 फ़ीसद कर लिया जाए, जिस की बुनियाद पर(वजह से) किसी ज़िलें को अक़ल्लीयती मृरतकिज़(मरकजि) ज़िला क़रार दिया जा सके। इन सिफ़ारिशात पर अगर अमल आवरी की(अमल किया) जाए तो अक़ल्लीयती मर्कज़ अज्ला की तादाद में मज़ीद(ओर) 40 का इज़ाफ़ा(बढोतरी) हो जाएगा और ये तादाद 130 हो जाएगी।

कमेटी की रिपोर्ट पार्लीमैंट के दोनों एवानों में आज पेश करदी गई, जिस में ये भी सिफ़ारिश की गई है कि मंसूबा बंदी की एकाई ज़िलई सतह से कम करके ब्लोक सतह पर लाई जाए इस से अक़ल्लीयती आबादी का ज़्यादा से ज़्यादा अहाता हो सकेगा जो समाजी । मआशी हालात के एतबार से नुमायां तौर पर(जाहिर में) बहुत ज़्यादा पसमांदा(बीछ्डे हुए लोग‌) और फ़वाइद से महरूम हैं।

वज़ारत अक़ल्लीयती उमूर से पार्लीमैंट की स्टांडंग कमेटी बराए समाजी इंसाफ़‍ ओ‍ बा इख़तियारी ने इस के सरबराह बी एस पी के रुक्न पार्लीमेंट दारा सिंह है, सिफ़ारिश की कि वज़ारत अक़ल्लीयती उमूर को 2011 की मर्दुम शुमारी के ब्लॉग सतह की ताज़ा मालूमात हासिल करनी चाहीए और इस मक़सद के हुसूल के लिए कोशिश करनी चाहीए।

वज़ारत अक़ल्लीयती उमूर पहले ही से अक़ल्लीयती मर्कजि अज़ला क़रार देने की बुनियाद 15 फ़ीसद आबादी करने की जद्द-ओ-जहद में मसरूफ़ है।

वज़ीर‍ ए‍ अकल्लियती उमूर सलमान ख़ुरशीद 2010 में उम्मीद ज़ाहिर कर चुके है कि बारहवीं पंच(पाँच) साला मंसूबा (2012-17) में ये मक़सद हासिल कर लिया जाएगा। पार्लीमेंट्री कमेटी की सिफ़ारिशात उस पस-ए-मंज़र में(इस वजह से) वज़ारत अक़ल्लीयती उमूर के हाथों को मज़ीद तक़वियत(ओर मज्बुत बना) देती है।

TOPPOPULARRECENT