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अक़ल्लीयतों को 4.5 फ़ीसद तहफ़्फुज़ात पर हाईकोर्ट में चैलेंज

हैदराबाद 6 जनवरी (सियासत न्यूज़ ) मर्कज़ी हुकूमत की जानिब से रोज़गार और तालीम में अक़ल्लीयतों को 4.5 फ़ीसद तहफ़्फुज़ात की फ़राहमी को आंधरा प्रदेश हाईकोर्ट में चैलेंज किया गया है । इस सिलसिले मे आज चीफ़ जस्टिस मुदुन बी लोकुर के इजला

हैदराबाद 6 जनवरी (सियासत न्यूज़ ) मर्कज़ी हुकूमत की जानिब से रोज़गार और तालीम में अक़ल्लीयतों को 4.5 फ़ीसद तहफ़्फुज़ात की फ़राहमी को आंधरा प्रदेश हाईकोर्ट में चैलेंज किया गया है । इस सिलसिले मे आज चीफ़ जस्टिस मुदुन बी लोकुर के इजलास पर एक दरख़ास्त पेश की गई जिसे अदालत ने समाअत केलिए क़बूल करलिया । आर करिशनया नामी शख़्स ने मर्कज़ी हुकूमत की जानिब से 27 फ़ीसद ओ बी सी कोटा में अक़ल्लीयतों को 4.5 फ़ीसद तहफ़्फुज़ात फ़राहम करने से मुताल्लिक़ आलामीया को चैलेंज किया । और कहा कि इस से ओ बी सी तबक़ात से नाइंसाफ़ी होगी ।

जस्टिस मुदुन बी लोकुर और जस्टिस पी वे सनजए कुमार ने दरख़ास्त गुज़ार के वकील राम कृष्णा रेड्डी की समाअत के बाद दरख़ास्त कोक़बूल कर लिया और मर्कज़ी और रियास्ती हुकूमतों को नोटिस जारी कीता कि वो अपना जवाब दाख़िल करें । डीवीझ़न बंच ने 23 जनवरी को आइन्दा समाअत मुक़र्रर की है ।अदालत ने कहा कि मर्कज़ी मुलाज़मतों में अक़ल्लीयतों को फ़राहम करदा तहफ़्फुज़ात के तहत तक़र्रुरात और मर्कज़ी तालीमी इदारों में दाख़िले हाईकोर्ट के क़तई फ़ैसले के ताबेरहेंगे । वाज़ेह रहे कि हकूमत-ए-हिन्द ने 23 डिसमबर को 27 फ़ीसद ओ बी सी तहफ़्फुज़ात में अक़ल्लीयतों को 4.5 फ़ीसद तहफ़्फुज़ात की फ़राहमी का फ़ैसला किया और दूसरे ही दिन बाक़ायदा तौर पर आलामीया जारी करदिया था ।भारतीय जनता पार्टी और इस की हलीफ़जमातें अक़ल्लीयतों को तहफ़्फुज़ात की मुख़ालिफ़त कररही हैं ।

दिलचस्प बात तो ये है कि मर्कज़ी हुकूमत के तहफ़्फुज़ात के ख़िलाफ़ हाईकोर्ट में पीरवी करने वाले वकील साबिक़ मैं रियास्ती सतह पर अक़ल्लीयतों को फ़राहम करदा तहफ़्फुज़ात के ख़िलाफ़ भी असल दरख़ास्त गुज़ार के वकील रह चुके हैं। दरख़ास्त गुज़ार आर करशनया बी सी वीलफ़ीर एसोसी उष्ण के सदर हैं। सीनीयर वकील राम कृष्णा रेड्डी ने दरख़ास्त गुज़ार की तरफ़ से बेहस करते हुए इस्तिदलाल पेश किया कि मुस्लमानों को तहफ़्फुज़ात फ़राहम करने केलिए मर्कज़ ने ये फ़ैसला किया है । जबकि दस्तूर में उस की गुंजाइश नहीं है । दस्तूर हिंद ने मज़हब की बुनियाद पर तहफ़्फुज़ात की मुख़ालिफ़त की है ।

उन्हों ने 4.5 फ़ीसद तए करने पर हैरत का इज़हार किया और कहा कि मर्कज़ ने किस तरह इस फ़ैसला को तए किया है नाक़ाबिल फ़हम है । तहफ़्फुज़ात की फ़राहमी केलिए कोई स्टडी सर्वे किया गया और ना ही कोई तहक़ीक़ात की गईं । राम कृष्णा रेड्डी ने कहा कि बी सी कमीशन ऐक्ट के तहत तहफ़्फुज़ात की फ़राहमी केलिए बी सी कमीशन की सिफ़ारिश ज़रूरी है । इस तरह का कोई अमल इख़तियार नहीं किया है। जिस से साफ़ ज़ाहिर है कि तहफ़्फुज़ात केलिए कोई मेयार तए नहीं किया गया।

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