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अक़वाम-ए-मुत्तहिदा पर शाम में जमहूरीयत पसंदों पर हमला नजर अंदाज़ करने का इल्ज़ाम

अक़वाम-ए-मुत्तहिदा, ०१ फरवरी (राईटर) अमेरीका ने अक़वाम-ए-मुत्तहिदा पर शाम में तकरीबन दस माह से जारी जमहूरीयत नवाज़ मुज़ाहिरीन पर हमले को नजर अंदाज़ करने का इल्ज़ाम आइद करते हुए कहा है कि इस अरब मुल्क में हुकूमत की मुंतक़ली की कोशिशें

अक़वाम-ए-मुत्तहिदा, ०१ फरवरी (राईटर) अमेरीका ने अक़वाम-ए-मुत्तहिदा पर शाम में तकरीबन दस माह से जारी जमहूरीयत नवाज़ मुज़ाहिरीन पर हमले को नजर अंदाज़ करने का इल्ज़ाम आइद करते हुए कहा है कि इस अरब मुल्क में हुकूमत की मुंतक़ली की कोशिशें तेज़ करने की ज़रूरत है।

अक़वाम-ए-मुत्तहिदा में अमेरीका की सफ़ीर सोज़ाँ राईस ने सलामती कौंसल की मीटिंग से एक रोज़ क़बल कहा कि अक़वाम-ए-मुत्तहिदा को शाम के मुआमले पर अपना रवैय्या तबदील करना होगा। उन्हों ने अक़वाम-ए-मुत्तहिदा को जमहूरीयत हामी मज़ाहिरयों पर हुकूमती दस्तों की कार्यवाईयों को नजरअंदाज़ करने का क़सूरवार ठहराते हुए कहा कि हालात बेहतर बनाने की कोई कोसश नहीं की गई।

उन्होंने शाम पर बराह-ए-रास्त कार्रवाई की मुख़ालिफ़ करने वाले ममालिक चीन और रूस का नाम तो नहीं लिया लेकिन इशारों में उन पर अंगुश्तनुमाई ज़रूर की।मिसिज़ राईस ने कहा कि सलामती कौंसल के दो ताक़तवर ममालिक ये नहीं चाहते कि शाम के ख़िलाफ़ किसी भी तरह की कार्रवाई की जाये।मिसिज़ राईस ने मज़ीद कहा कि हम अरब लीग की तजवीज़ पर संजीदगी से ग़ौर करेंगे अगरचे इस में रुकावट डाले जाने का ख़दशा है।

वाज़िह रहे कि अरब लीग के सेक्रेटरी जनरल नबील आराबी शाम के सदर बशर अल असद( Bashar al assad)को हटाने के मुतालिबा पर जारी मुज़ाहिरे रोकने के लिए सलामती कौंसल में एक मंसूबा पेश करने वाले हैं। वो चाहते हैं कि मिस्टर असद अपने नायब वज़ीर-ए-आज़म को हुकूमत सौंप दें ताकि हुकूमत की मुंतक़ली का काम शुरू होसके।अमेरीकी सफ़ीर ने मज़ीद कहा कि सलामती कौंसल कुमलक शाम पर ये वाज़िह करना होगा कि मासूम अफ़राद के ख़िलाफ़ तशद्दुद इसे हरगिज़ क़बूल नहीं है।

मज़ीद ये कि हमें तशद्दुद का ये दौर रोकना ही होगा ताकि वहां नए दौर का आग़ाज़ हो सके।सलामती कौंसल की इस अहम मीटिंग में अमरीकी वज़ीर-ए-ख़ारजा हिलेरी क्लिंटन,फ़्रांस के वज़ीर-ए-ख़ारजा ऐलन जपे और बर्तानिया के वज़ीर-ए-ख़ारजा विलियम हेग भी शिकायत करने वाले हैं।उम्मीद है कि इस मीटिंग में अरब लीग की तजवीज़ पर हफ़्ता के आख़िर में वोटिंग होगी।

उम्मीद है कि रूस अरब लीग की तजवीज़ की हिमायत नहीं करेगा जबकि कुछ का ख़्याल है कि वो वोटिंग में हिस्सा ही नहीं लेगा।सयासी हलक़ों में ये क़ियास आराईयां हैं कि रूस कम अज़ कम तजवीज़ में इस्तेमाल की गई ज़बान तबदील करने के लिए कहेगा जिस में बशार अलासद से बराह-ए-रास्त इख़्तयारात की मुंतक़ली के लिए कहा गया है।

वाज़िह रहे कि इस तजवीज़ में मुल्क शाम को असलाह फ़राहम करने की भी नुक्ता चीनी की गई है और इस का निशाना वाज़िह तौर पर रूस को बनाया गया है।ये बात ज़हन नशीन रहे कि अरब लीग के मुशाहिदीन के शाम से हटने के बाद ही अक़वाम-ए-मुत्तहिदा ने मीटिंग तलब की है।

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