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अक्लियतों के मसायल के हल के लिए दफ्तर का इफ़्तेताह

हुकूमत ने अक्लियतों से मुतल्लिक़ मसायल के हल के लिए ज़िला हेड क्वार्टर में एक दफ्तर खोला है। ताकि अक्लियतों के मसायल काहल इसी दफ्तर में हो। खास तौर पर अक्लियती तल्बा को दिये जाने वाले वज़ीफ़ा की रकम इसी दफ्तर से होगी और इसके लिए बाकाय

हुकूमत ने अक्लियतों से मुतल्लिक़ मसायल के हल के लिए ज़िला हेड क्वार्टर में एक दफ्तर खोला है। ताकि अक्लियतों के मसायल काहल इसी दफ्तर में हो। खास तौर पर अक्लियती तल्बा को दिये जाने वाले वज़ीफ़ा की रकम इसी दफ्तर से होगी और इसके लिए बाकायदा ज़िला अक्लियती बोहबुद अफसर को मुकर्रर किया गया है। इन खयालात का इज़हार जुमेरात के दिन कलक्ट्रेट में ज़िला अक्लियती दफ्तर में एक प्रेस कोन्फ्रेंस से होम सेक्रेटरी बिहार आमिर सुभानी ने किया। उन्होने कहा की वज़ीफ़ा के लिए अक्लियती तल्बा की परेशानियों को संजीदगी से लेते हुये इस के हल के लिए ये दफ्तर कायम किया गया है।

उन्होने कहा की प्री मैट्रिक वज़ीफा, पोस्ट मैट्रिक वज़ीफ़ा 20113-2014 की रकम दस्तयाब हो गयी है और ये जून तक तक़सीम कर दि जाएगी। उन्होने ये भी बताया की वजीरे आला मयनूरिटी एजुकेशन क़र्ज़ की भी सहूलत है और इसके लिए हर साल 10 करोड़ रुपए मुहैया कराई जाती है। एजुकेशन लोन बैंकों से कम शरह सिर्फ चार फीसद पर दिया जाता है। ये रकम मंसूख नहीं होती और अगले साल भी इस का फाइदा होता है। तालिबे इल्म को साल में एक लाख रुपए दिया जाता है जिसमें कॉलेज की फीश, लैपटॉप, किताब वगैरह शामिल होते हैं। ज़िला के अक्लियती तरक़्क़ी अफसर के तौर पर जितेंद्र कुमार को मुंतखिब किया गया है। उन्होने ये भी बताया की एजुकेशन लॉन के लिए किसी तरह की जमानत के तौर पर कागजात जमा नहीं होता है।

उन्होने कहा की बिहार स्टेट मयनुरीटी फायनेंस कॉर्पोरेशन की जानिब से इसकी सहूलतें दस्तयाब होंगी। इस मौके पर गया के न्यू करीम गंज अक्लियती हॉस्टल के ताल्लुक से खुशी ज़ाहिर करते हुये कहा की ये बिहार का पहला अक्लियती तल्बा हॉस्टल है जो बेहतर ढंग से चलाया जा रहा है। उन्होने इस मौके पर अक्लियती हॉस्टल के सेक्रेटरी एहतेशाम खान, सदर डॉक्टर फ्राहत हुसैन और दीगर मेंबरान उनकी भी सताईश की और कहा की मुंतज़िमीन ने बेहतर ढंग से अपने काम को अंजाम दिया।

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