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अखिलेश यादव मुझसे जितना प्यार मांगोगे देने के लिए तैयार हूँ, खून भी देने को तैयार हूँ : शिवपाल सिंह

लखनऊ : लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में समाजवादी पार्टी रजत जयंती समारोह में शिवपाल मौके पर उमड़ी भीड़ को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नेताजी की मेहनत और संघर्ष के कारण ही पार्टी तीन बार सत्ता में आई। शिवपाल ने कहा, मेरा कितना भी अपमान कर लेना। कितनी भी बार बर्खास्त कर लेना। मुझे मुख्यमंत्री कभी नहीं बनना। अखिलेश यादव मुझसे जितना प्यार मांगोगे देने के लिए तैयार हूँ। खून भी देने को तैयार हूँ।

उन्होंने कहा, मेरे विभागों में आपसे कम अच्छा काम नहीं हुआ है। हम लोगों के बीच में कुछ घुसपैठिये घुस गए हैं। अखिलेश यादव मेरा चाहे जितना अपमान कर लेना। में सब बर्दाश्त कर लूँगा। लेकिन नेता जी का अपमान मैं क्या पूरा प्रदेश और समाजबादी पार्टी बर्दाश्त नहीं करेगी। महागठबंधन के सवाल पर मीडिया से बात करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने कहा, हम यहां सपा के सिल्वर जुबली इवेंट में हिस्सा लेने आए हैं। फिलहाल तक गठबंधन की कोई बात नहीं हुई है।

वहीं जेडीयू नेता शरद यादव ने कहा, महागठबंधन को लेकर अभी कोई बात नहीं हुई है। आगे क्या होगा देखते हैं। लेकिन राजद सुप्रीमो लालू यादव का बयान कुछ जुदा था। उन्होंने कहा, जैसे बिहार से बीजेपी को खदेड़ा था उसी तरह से यूपी से भी खदेडना है। सपा के रजत जयंती कार्यक्रम पर भाजपा नेता उमा भारती ने कहा, मुलायम सिंह जी की पार्टी और उनकी सरकार का ये विदाई उत्सव है। इससे पहले लालू यादव जब मंच पर आए तो अखिलेश ने उनके पैर छुए। अखिलेश ने बेनी प्रसाद के भी पैर छुए। शिवपाल के पैर छूने के बाद अखिलेश और वह बातें करते हुए दिखे। अखिलेश के साथ डिंपल यादव भी मंच पर दिखाई दीं।

एशिया के सबसे बड़े मैदान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। सपा लखनऊ में जोरदार समारोह कर अपनी ताकत का एहसास कराना चाहती है। माना जा रहा है कि यहां से यूपी चुनाव के मद्देनजर महागठबंधन की राह भी निकल सकती है। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के कहने पर प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव गैर भाजपाई व गैरकांग्रेसी नेताओं को इस आयोजन में लाने की कवायद कई दिनों से कर रहे हैं। मुलायम की कोशिश है कि सभी समाजवादी पार्टियों को एक छतरी के नीचे लाया जाए और यूपी के चुनाव में भाजपा के खिलाफ मजबूत गठजोड़ पेश किया जाए।

सूत्र बता रहे हैं कि इन दलों के नेता सपा के आंतरिक घमासान शांत होने के इंतजार में हैं। बताया जा रहा है कि ज्यादातर नेता चाहते हैं कि सपा पहले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को औपचारिक तौर पर गठबंधन का नेता तय कर दे, तभी गठजोड़ करना उचित होगा।

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