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अगस्ट 14 को पाकिस्तान की तारीख़ की सब से बड़ी एहतेजाजी रैली

क्रिकेटर से सियास्तदान बनने वाले तहिरीक-ए-इंसाफ़ पार्टी के सरबराह इमरान ख़ान ने आज कहा है कि वो गुज़िशता साल हुए पारलीमानी इंतेख़ाबात के ख़िलाफ़ 14 अगस्ट को पाकिस्तान की तारीख़ की सब से बड़ी एहतेजाजी रैली का एहतेमाम करेंगे। इन का इल्ज़

क्रिकेटर से सियास्तदान बनने वाले तहिरीक-ए-इंसाफ़ पार्टी के सरबराह इमरान ख़ान ने आज कहा है कि वो गुज़िशता साल हुए पारलीमानी इंतेख़ाबात के ख़िलाफ़ 14 अगस्ट को पाकिस्तान की तारीख़ की सब से बड़ी एहतेजाजी रैली का एहतेमाम करेंगे। इन का इल्ज़ाम है कि इंतेख़ाबात में बड़े पैमाने पर धांदलीयाँ की गई हैं जिन के नतीजे में उनकी पार्टी को शिकस्त का सामना करना पड़ा। 2013 में हुए इंतेख़ाबात में इमरान ख़ान की तहिरीक-ए-इंसाफ़ पार्टी को शिकस्त हुई थी और वज़ीर-ए-आज़म नवाज़ शरीफ़ की क़ियादत वाली पाकिस्तान मुस्लिम लीग ( नवाज़ ग्रुप ) को शानदार कामयाबी मिली थी।

इन का मुतालिबा है कि कई हलक़ों में वोटों की दुबारा गिनती करवाई जानी चाहिऐं जहां उनका इद्दिआ है कि उनकी पार्टी के उम्मीदवारों को शिकस्त का सामना करना पड़ा था। ईस्लामाबाद में एक प्रेस कान्फ्रेंस से ख़िताब करते हुए पाकिस्तान तहिरीक-ए-इंसाफ़ पार्टी के सरबराह ने कहा कि वो गुज़िशता चार माह से इस सिलसिले में एहतेजाज कर रहे हैं लेकिन हुकूमत ने उनकी शिकायात के अज़ाला से इनकार कर दिया है। उन्होंने इल्ज़ाम आइद किया कि क़ौमी असेम्बली की कम अज़ कम 90 नशिस्तों के लिए बदउनवानीयाँ की गई हैं। उन्होंने कहा कि 14अगस्ट को उन की पार्टी की जानिब से जो रैली मुनज़्ज़म की जा रही है वो पाकिस्तान की तारीख़ की सब से बड़ी रैली होगी और हुकूमत उनके मुतालिबात को तसलीम करने पर मजबूर हो जाएगी ।

उन्होंने कहा कि मुल्क में मौजूदा निज़ाम जम्हूरी नहीं है क्योंकि अवाम की राय को चुरा लिया गया है। उन्होंने कहा कि वो 11 अगस्ट को इंतेख़ाबात में धांदलियों का सबूत पेश करेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी की हिमायत वाले उम्मीदवारों को इंसाफ़ नहीं मिला है हालाँकि उन्होंने जो कुछ हुआ है उस की तहक़ीक़ात के मुतालिबे पर लाखों रुपये ख़र्च किए हैं। इमरान ख़ान की जानिब से एहतेजाज के ऐलान से हुकूमत के हलक़ों में पहले ही बेचैनी पैदा होगई है जिस ने दस्तूर के दफ़ा 245 के तहत अमन-ओ-ज़बत की बरक़रारी के लिए फ़ौज को तलब करलिया है।

ईस्लामाबाद में फ़ौज मुतय्यन करदी गई है। कहा गया है कि अभी इमरान ख़ान की इस रैली के हक़ीक़ी अज़ाइम का पता नहीं चल सका है ताहम कई गोशे कह रहे हैं कि ये मौजूदा नवाज़ शरीफ़ हुकूमत को ज़वाल का शिकार करने की कोशिश है। इस ताल्लुक़ से अंदेशे मज़ीद गहरे होगए हैं क्योंकि लाहौर से अल्लामा ताहिर उल-क़ादरी ने भी ऐलान किया है कि वो मौजूदा हुकूमत को इक़तेदार से बेदखल करने के लिए 14 अगस्ट से तहरीक का आग़ाज़ करेंगे। अल्लामा ताहिर उल-क़ादरी दोहरी शहरीयत के हामिल हैं और वो गुज़िशता महीने कनाडा से पाकिस्तान आए हैं।

वो एक शोला बयान मुक़र्रर हैं और उन के हज़ारों हामी हैं जो मिनहाज उल-क़ुरआन नामी तंज़ीम से वाबस्ता हैं और कई तालीमी इदारे इस के तहत चलाए जाते हैं। समझा जाता है कि इमरान ख़ान और अल्लामा ताहिर उल-क़ादरी ने ईस्लामाबाद में हज़ारों की तादाद में मुज़ाहिरीन को जमा करने के लिए एक दूसरे से इत्तेफ़ाक़ करलिया है ताकि हुकूमत को वस्त मुद्दती इंतेख़ाबात के ऐलान के लिए मजबूर किया जा सके ।

अपनी जानिब से वज़ीर-ए-आज़म नवाज़ शरीफ़ सूरत-ए-हाल से निमटने के लिए सियासी क़ाइदीन से मुलाक़ातें कर रहे हैं। आज नवाज़ शरीफ़ ने सीनियर सियास्तदान और क़बाइली सरबराह महमूद ख़ान उचक ज़ई से मुलाक़ात की और सियासी सूरत-ए-हाल पर तबादला-ए-ख़्याल किया। ये इत्तेलाआत भी हैं कि वज़॒र दाख़िला निसार अली ख़ान ने फ़ोन पर इमरान ख़ान से बातचीत की है ताकि उन्हें एहतेजाज से दसतबरदारी के लिए राज़ी किया जा सके ताहम इमरान ख़ान ने ये तजवीज़ क़बूल करने से इनकार कर दिया है।

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