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अज़ां इंटरनैशनल स्कूल में बच्चों को दीनी माहौल के साथ असरी तालीम

हैदराबाद १५मार्च (सियासत न्यूज़) मुस्लमानों की नई नसल में बेराह रवी की वजह उन की इस्लामी माहौल से दूरी ही। मुस्लिम बच्चे अगर मज़हबी तालीमात से नाबलद हूँ तो उन में अख़लाक़ी बिगाड़ यक़ीनी है। इस का वाहिद ईलाज यही है कि बच्चे की असरी

हैदराबाद १५मार्च (सियासत न्यूज़) मुस्लमानों की नई नसल में बेराह रवी की वजह उन की इस्लामी माहौल से दूरी ही। मुस्लिम बच्चे अगर मज़हबी तालीमात से नाबलद हूँ तो उन में अख़लाक़ी बिगाड़ यक़ीनी है। इस का वाहिद ईलाज यही है कि बच्चे की असरी उलूम के साथ साथ दीनी तालीम-ओ-तर्बीयत पर भी तवज्जा दी जाई।आजकल के मुस्लिम मुआशरामें वक़्त की रफ़्तार के साथ साथ तबदीलीयां तो आरही हैं ख़ासकर तालीमी शोबा जात को देनी माहौल से आरास्ता करने की ज़रूरत है । इस तरह का रुजहान हमारे मुआशरे में बढ़ता जा रहा है ।

एक ज़माना में लोग अपने बच्चों को तालीम दिलवाने केलिए ईसाई मिशनरी स्कूल में दाख़िला दिलवाने को तर्जीह देते थे जिस केलिए काफ़ी रुपय सर्फ़ करते थे जबकि बच्चे असरी तालीम तो हासिल करलेते थे लेकिन दीनी तालीम से नाबलद रहते थे लेकिन आज भी ऐसे हज़रात भी देनी जज़बा रखते हैं जो मुस्लिम मुआशरा की ज़हनीयत को तबदील करसकते हैं जिस केलिए ऐसे तालीमी इदारे क़ायम किए जा रहे हैं जहां असरी तालीम-ए-दीनी माहौल में दी जा रही है ।

अज़ां इंटरनैशनल स्कूल एक ऐसा ही तालीमी इदारा है जहां आप को ऐसा कुछ माहौल मिलेगा जहां आप का बच्चा इस्लामी माहौल में रह कर अच्छी असरी और मयारी तालीमी हासिल करके एक अच्छे बाकरदार अच्छे अख़लाक़ का हामिल बन जाएगा जो हर शोबा-ए-हियात में मुनफ़रद मुक़ाम हासिल करेगा । अज़ां इंटरनैशनल स्कूल का मक़सद सिर्फ और सिर्फ मुस्लिम तालीमी मुआशरे में तबदीली लाना है जिस केलिए ये स्कूल क़ायम किया गया है । जहां इबतदा-ए-से लेकरआली तालीम हासिल करने दीन-ओ-दुनिया की तालीम से अच्छी तरह वाक़िफ़ हो। हालाँकिअज़ां इंटरनैशनल स्कूल का क़ियाम होकर मुख़्तसर अर्सा हुआ है लेकिन रियासत भर में इस ने अपना एक ख़ास मुक़ाम हासिल करलिया है । नर्सरी से लेकर 10 वीं जमात केतलबा केलिए ऐसी तालीम-ओ-तदरीस का इंतिज़ाम है जो दीनी तालीम के साथ साथ असरी तालीम भी मुहय्या कर रहा है।

स्कूल का निसाब तो सी बी एससी है लेकिन इस निसाब को इस्लामी उसूलों से मरबूत किया गया है । जिन केलिए माहिर तजरबाकार असातिज़ा की ख़िदमात हासिल की गई हैं जो तलबा की दीनी सलाहीयतों को उजागर करते हैं ता कितलबा मसह बिकती दौर में आगे रहे । तमाम जमातों को असरी आलात से लैस किया गया है हर जमात आडीयो वीझ़ीवल कमपीवरीज़ड सिस्टम से आरास्ता हैता कि तलबा को समझने में आसानी हो ।

तलबा केलिए मुख़्तलिफ़ शोबा जात शोबा नाज़रा शोबा हिफ़्ज़क़ायम हैं जिस केलिए क़ाबिल हुफ़्फ़ाज़ का इंतिज़ाम किया गया है जो तलबा हिफ़्ज़ करना चाहते हैं इन को स्कूल के औक़ात के बाद हिफ़्ज़ की तालीम दी जाती है । इस के इलावाज़ाइद निसाबी तालीमी सरगर्मीयां और स्पोर्टस एकेडेमी भी क़ायम की गई है । डाक्टर मुहम्मद यूसुफ़ आज़म सदर नशीन अज़ां इंटरनैशनल स्कूल ने जो पेशा के एतबार से सर्जन है बताया कि बहुत जल्द बंजारा हिलज़ से अज़ां इंटरनैशनल स्कूल टोली चौकी में मुंतक़िलहोजाएगा इस स्कूल की ज़ाती बिल्डिंग चार मंज़िला है जो एक अकऱ् पर मुश्तमिल है जहां पर तमाम सहूलतें मौजूद हैं आडीटोरीयम बच्चों के खेलने केलिए मैदान नमाज़ अदा करने केलिए मस्जिद के इलावा लड़के लड़कीयों केलिए अलहदा बिल्डिंग तामीर की गई है । उन्हों ने बताया कि फ़िलवक़्त स्कूल में 1000 तलबा तालीम हासिल कररहे हैं रियासत भर केइलावा दूसरी रियास्तों के तलबा भी यहां तालीम हासिल करने आते हैं उन के लिए स्कूल अहाता में हॉस्टल बनाया गया है ।

उन्हों ने मज़ीद बताया कि अज़ां जेम्स इंटरनैशनल परी स्कूल बंजारा हिलज़ में ही रहेगा । जहां पर पले ग्रुप नर्सरी परी प्राइमरी सक्शन -II काम कररहे हैं जिस में दीढ़ ता साढे़ चार साला बच्चों को दाख़िला दिया जा रहा है अज़ां स्कूल इंतिज़ामीया की जानिब से बच्चों केलिए ऐसा निसाब तैय्यार किया गया है जिस की मदद से बच्चे खेल कूद में रह कर बाआसानी तालीम हासिल कररहे हैं दाख़िले जारी है और ट्रांसपोर्टेशन केलिए असरी बसों की सहूलत भी दस्तयाब है । मज़ीद तफ़सीलात के लिए 23353900 राब्ता पैदा कर सकते हैं।

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