Thursday , August 17 2017
Home / Bihar News / अजीत सिंह का बिहार सरकार में मंत्री से लेकर पंचायत मुखिया तक का रोचक सफर

अजीत सिंह का बिहार सरकार में मंत्री से लेकर पंचायत मुखिया तक का रोचक सफर

बिहार सरकार में पहले मंत्री रह चुके एक विधायक अब मुखिया बन कर गाँव कि सेवा में लगे है। हम बात कर रहे है सिवान के गोरेयाकोठी क्षेत्र से दो बार विधायक रहे अजीत कुमार सिंह उर्फ़ मोहन बाबू की। 1980 में सीवान के गोरेयाकोठी विधान सभा सीट से कांग्रेस की टिकट पर पहली विधायक बने थे।

अजीत कुमार सिंह 1990 में जनता दल के टिकट पर गोरेयाकोठी के विधायक बने और फिर 1990 से 1995 तक सूबे के श्रम नियोजन मंत्री के पद पर भी रहे। आज हालत यह हों गई है कि मुखिया में खड़ा होना पर रहा है. लेकिन तारीफ करने कि बात यह है कि 1995 से लेकर अब तक वे लगातार गोरेयाकोठी पंचायत से मुखिया का चुनाव जीतते आ रहे हैं।

एक न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर ने जब उनसे इस बारे में बातचीत किया तो पता चला कि वह गांव की राजनीति में जीत हासिल कर खुश हैं वहीं उनकी पत्नी शंकुतला सिंह भी इसे राजनीति के उतार-चढ़ाव की बात कहकर अपने पति की ख़ुशी अपनी ख़ुशी भी जताती है। प्रदेश कि राजनीति में आने से पहले भी वह गाँव कि ही राजनीति करते थे जब उनके विचार का कही सम्मान नहीं मिला तो वह फिर से गाँव कि राजनीति में लौट गये।

मंत्री बनने के वावजूद भी जब उन्हें टिकट नहीं मिला तो वह पटना से अपने घर वापस लौट गये और फिर से पंचायत का चुनाव लड़ गोरेयाकोठी पंचायत के मुखिया बन गए।

TOPPOPULARRECENT