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अतिया का खून बेच रहे प्रायवेट ब्लड बैंक

रांची 8 जून : झारखंड के ब्लड बैंक अतिया (डोनेट) में मिलनेवाला खून बेच रहे हैं। रियासत के 41 में से 16 प्रायवेट ब्लड बैंकों में यह सियाह धंधा चल रहा है। प्रायवेट ब्लड बैंक खून का अतिया कैंप लगाते हैं। लोग इंसानी बुनियाद पर इसमें शिरकत कर

रांची 8 जून : झारखंड के ब्लड बैंक अतिया (डोनेट) में मिलनेवाला खून बेच रहे हैं। रियासत के 41 में से 16 प्रायवेट ब्लड बैंकों में यह सियाह धंधा चल रहा है। प्रायवेट ब्लड बैंक खून का अतिया कैंप लगाते हैं। लोग इंसानी बुनियाद पर इसमें शिरकत करते हैं।

कई समाजी तंजीमें भी कैंप लगा कर खून का अतिया कराती हैं और उसे ब्लड बैंकों को दे देती हैं। अतिया में मिले इस खून की एक यूनिट से ब्लड बैंक दो हजार से पांच हजार रुपये की गैर कानूनी कमाई कर रहे हैं। ब्लड बैंक फायदामंद नहीं, खिदमत आदरे हैं। उन्हें खून का अतिया कैम्पों से मिला खून जरूरतमंदों को मुफ्त देना चाहिए। सिर्फ खून की जांच और स्टोर में लगनेवाला खर्च लेना चाहिए, जो ज्यादा से ज्यादा 850 रुपये तय है।

उम्मीद की जाती है कि खून का अतिया कैम्पों से मिला खून हादसे में जख्मी में लोगों और दीगर हंगामी जरूरतों के लिए दिया जाये। थैलेसीमिया और हीमोफीलिया के मरीजों को दिया जाये। लेकिन प्रायवेट ब्लड बैंक यह खून उन्हें देने में माजिद दिलचस्पी लेते हैं, जिनसे इसके बदले मोटा माल ऐंठा जा सकता है। ब्लड बैंक से खून दिये जाने के लिए मरीज की तरफ से खुन का अतिया (डोनर) होना चाहिए या नहीं, इस बारे में कोई कानून नहीं है।

प्रायवेट ब्लड बैंक इसका खूब फायदा उठाते हैं। डोनर नहीं रहने पर जखीरा और जांच खर्च के अलावा ब्लड बैंक दो हजार से पांच हजार रुपये जमानत के तौर में जमा कराते हैं। मरीज के घरवालों को डोनर लाने के लिए दो दिन का समय दिया जाता है। तय वक़्त में डोनर नहीं लाने पर जमानत रकम जब्त कर ली जाती है।

एक यूनिट के बदले वसूले 4750 रुपये

गुमला के सुधीर भगत ने अपनी बीवी को रांची के एक बड़े अस्पताल में भरती कराया था। बीवी में खून की बहुत ज्यादा कमी थी। उनका हीमोग्लोबीन छह मिलीग्राम/डेसीलीटर के नीचे आ गया था। डाक्टरों ने तुरंत खून चढ़ाने की जरूरत बतायी। वह अस्पताल के ब्लड बैंक गये। डोनर नहीं होने की वजह उनसे 3500 रुपये बतौर जमानत और 1250 रुपये जांच वगैरह खर्च के लिए जमा कराये गये। जमानत रकम वापस पाने के लिए उनसे दो दिन के अंदर उसी ब्लड ग्रुप का डोनर लाने को कहा गया, जिस ब्लड ग्रुप का खून उनकी बीवी को दिया गया था। दो दिन के अंदर वह डोनर नहीं ला पाये, तो उनकी पूरी जमानत रकम अस्पताल ने जब्त कर ली।

राज्य में 41 ब्लड बैंक : सरकारी ब्लड बैंक (25)

रिम्स (रांची), एचइसी प्लांट अस्पताल (रांची), सीसीएल ब्लड बैंक (रांची), रेड क्रास ब्लड बैंक (रांची), सैनिक हॉस्पिटल नामकुम (रांची), किरिबुरू जेनरल हॉस्पिटल, पीएमसीएच कैंपस (धनबाद), जमशेदपुर ब्लड बैंक (एमजीएम मेडिकल कॉलेज कैंपस जमशेदपुर), सदर अस्पताल चाईबासा, सदर अस्पताल देवघर, सदर अस्पताल गिरिडीह, सदर अस्पताल दुमका, सदर अस्पताल लोहरदगा, सदर अस्पताल गढ़वा, सदर अस्पताल सिमडेगा, सदर अस्पताल लातेहार, जय जवान संघ ब्लड बैंक (मेदिनीनगर), गुमला ब्लड बैंक, रेड क्रास (हजारीबाग), ब्लड बैंक कोडरमा, बोकारो जेनरल अस्पताल इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी (बोकारो), सेंट्रल अस्पताल बीसीसीएल (धनबाद), सीसीएल अस्पताल (रामगढ़ कैंट), मिलिट्री हॉस्पिटल (रामगढ़), टिस्को हॉस्पिटल नावामुंडी (चाईबासा)।

प्रायवेट ब्लड बैंक (16)

बिरसा ब्लड बैंक (रांची), धनबाद ब्लड बैंक, झारखंड ब्लड बैंक (रांची), आर्ची ब्लड बैंक (रांची), किडनी हॉस्पिटल एंड यूरोलॉजी सेंटर ब्लड बैंक (रांची), एसएन चक्रवर्ती मेमोरियल अस्पताल ब्लड बैंक (धनबाद), टिस्को बेस्ट बोकारो अस्पताल ब्लड बैंक (हजारीबाग), अपोलो अस्पताल (रांची), गुरुनानक अस्पताल (रांची), नागरमल सेवा सदन (रांची), रिंची अस्पताल (रांची), सेवेंथ डे एडवेंटिस्ट बरियातू (रांची), केएम मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर ( बोकारो), साईं अस्पताल ब्लड बैंक (सेक्टर -5, बोकारो), टिस्को हॉस्पिटल ब्लड बैंक (चाईबासा), देवकमल अस्पताल ब्लड बैंक (रांची)।

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