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अनाप-शनाप बिल भेज रहा कार्पोरेसन

रांची 24 अप्रैल : अपर बाजार में राजेंद्र जैन का आबाई मकान है। मकान के सामने उनकी दुकान भी है। कुछ दिन पहले वह अपनी दुकान में बैठे थे। एक पोस्टमैन आया और लेटर देकर चला गया। जैन ने जब लेटर खोला, तो वह नगर निगम वाटर बोर्ड का वाटर कनेक्शन ब

रांची 24 अप्रैल : अपर बाजार में राजेंद्र जैन का आबाई मकान है। मकान के सामने उनकी दुकान भी है। कुछ दिन पहले वह अपनी दुकान में बैठे थे। एक पोस्टमैन आया और लेटर देकर चला गया। जैन ने जब लेटर खोला, तो वह नगर निगम वाटर बोर्ड का वाटर कनेक्शन बिल निकला।

इसमें 82 माह का वाटर बिल एक साथ जमा करने का हिदायत था। वह भी एक हफ्ता के अंदर बिल जमा नहीं करने पर दो फिसद का सूद लगाये जाने का ज़िक्र था। जैन खानदान हैरान व परेशान हो गया कि जब घर में वाटर कनेक्शन नहीं है, तो फिर यह बिल आया कैसे? वाटर बोर्ड की लापरवाही की यह सिर्फ एक बानगी है। दर्जनों ऐसे मामले हैं, जिससे शहरवासी परेशान हैं।

होल्डिंग नंबर पर भेजे जा रहे बिल
रांची नगर निगम वाटर बोर्ड के अफसरान या मुलाज्मिन कनेक्शन लेनेवालों की बिना जांच-पड़ताल किये सिर्फ मकान का होल्डिंग नंबर देख कर अंदाजा लगाते हुए बिल भेज रहे हैं। लोगों को एक से पांच सालो तक का बकाया बिल भेजा जा रहा है। मुताल्लिक़ा शख्स जब इस सिलसिले में शिकायत करने पहुंचता है, तो कोई सुनवाई नहीं होती।

अपर बाजार में सबको 12 हजार का बिल
अपर बाजार वाक़ेय जेजे रोड के दुकानदारों को भी वाटर बिल भेज दिया गया है। वहां 50 से ज़्यादा लोगों के घर में वाटर कनेक्शन नहीं है। फिर भी कार्पोरेसन की तरफ से उन्हें 12800 रुपये का बिल भेज दिया गया है। एक हफ्ता तक बिल जमा नहीं करनेवालों को 2 फिसद सूद की शरह से रक़म वसूलने की बात का भी ज़िक्र बिल में है।

शिकायत पर समझायी जा रही त्वील अम्ल
वाटर बिल मिलने से हैरान लोग बड़ी तादाद में कार्पोरेसन को हकीकत बताने और अपनी शिकायत दर्ज कराने पहुंच रहे हैं। कार्पोरेसन के अफ़्सर इस सिम्त में फौरी कार्रवाई करने की जगह लोगों से दरख्वास्त मांग रहे हैं। तविल अम्ल समझायी जा रही है। कह रहे हैं : आप दरख्वास्त दें। उसके बाद ताफ्सिश की जायेगी। ताफ्सिश के बाद ही बिल मंसूख करने के सिलसिले में कुछ कहा जा सकता है।

होल्डिंग टैक्स में शामिल है ओवरलोड
नगर निगम इलाकों में रहनेवाले लोगों से निगम होल्डिंग टैक्स के साथ-साथ 7.5 फिसद पानी ओवरलोड भी लेता है। पानी ओवरलोड सभी लोगों से लिया जाता है। इसके अलावा पानी इस्तेमाल करने के एवज में वाटर टैक्स भी वसूलता है। ऐसे में लोगों का कहना है कि जब होल्डिंग टैक्स के साथ ही ओवरलोड दिया जाता है, तो बिना कनेक्शन के पानी बिल भेजने का क्या जवाज़ है।

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