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‘अनारकली’ भी जिल्लेइलाही सेंसर बोर्ड का शिकार

मुंबई : स्वरा भास्कर की आने वाली फिल्म ‘अनारकली ऑफ आरा’ के कुछ विवादस्पद सीन इंटरनेट पर लीक हो गए थे। सेंसर बोर्ड ने फिल्म को ‘ए’ सर्टिफिकेट देने से पहले 12 कट लगाने का फरमान सुना दिया। फिल्म से जुड़े सदस्यों ने बताया कि इस ‘अनारकली’ को जिल्लेइलाही सेंसर बोर्ड के चंगुल से निकालने के लिए उन्हें क्या करना पड़ा :

अनारकली का नाम सुनते ही ‘मुगल-ए-आजम’ की अनारकली की याद ताजा हो जाती है, जो अपने प्यार की खातिर जिल्लेइलाही बादशाह अकबर तक से टकराव मोल लेने में पीछे नहीं हटती और नतीजतन उसे दीवारों के पीछे चुनवा देने का हुक्म सुना दिया जाता है। लगता है इतने सालों बाद भी अनारकली की किस्मत बदली नहीं है। फर्क सिर्फ इतना है कि तब उसे बादशाह अकबर का सामना करना पड़ा था और आज सेंसर बोर्ड में बैठे ‘जिल्लेइलाहियों’ से जूझना पड़ रहा है। हम बात कर रहे हैं स्वरा भास्कर की फिल्म ‘अनारकली ऑफ आरा’ की, जिसे हाल ही में सेंसर बोर्ड का शिकार होना पड़ा। फिल्म के निर्देशक अविनाश दास ने बताया कि ऑर्केस्ट्रा पार्टियों के साथ स्टेज पर नाचने-गाने डांस करने वाली महिलाओं के जीवन की चुनौतियोंऔर संघर्ष को दर्शाने वाली इस फिल्म को सेंसर बोर्ड ने नहीं बख्शा और ऐसे कट लगाने का फरमान सुना दिया, जिनके बारे में जानकर हैरानी होगी।

‘अनारकली ऑफ आरा’ पर सेंसर बोर्ड की सख्ती का किस्सा सुनाते हुए अविनाश ने बताया, ‘आमतौर पर जब सेंसर बोर्ड में किसी फिल्म की स्क्रीनिंग होती है और फिल्म खत्म होने के फौरन बाद बोर्ड के सदस्य डायरेक्टर को बुलाते हैं और उन्हें तुरंत बता देते हैं कि किस-किस जगह पर उन्हें आपत्ति है और क्या-क्या कट लगाने हैं, मगर मेरी फिल्म खत्म होने के बाद भी बोर्ड मेंबर्स ने एक घंटे तक मुझे बाहर ही बैठाए रखा और वे लोग इस बात पर डिबेट करते रहे कि फिल्म में से क्या-क्या काटना हटाना है। उसके बाद उन्होंने मुझे बुलाया और फिल्म में एक विजुअल कट और 11 अन्य कट्स लगाने का फरमान सुना डाला। इसमें मुख्य रूप से डायलॉग से कुछ शब्दों को हटाने या म्यूट करने के लिए कहा गया। अविनाश का कहना था कि फिल्म एक भी डायलॉग या सीन ऐसा नहीं था, जो आउट ऑफ कॉन्स्टेक्स्ट हो। हमने इस बारे में सेंसर बोर्ड के सदस्यों को समझाने की कोशिश भी की, मगर वे नहीं माने और आखिरकार हमें उनके निर्देशों को मानना पड़ा। अविनाश के मुताबिक, ‘हैरानी की बात यह है कि इतना सबकुछ करवाने के बाद भी सेंसर बोर्ड ने हमारी फिल्म को ए सर्टिफिकेट दिया। उनका कहना था कि फिल्म का सब्जैक्ट बहुत बोल्ड है और इसलिए इसे यू/ए सर्टिफिकेट नहीं दिया जा सकता।’

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