Tuesday , July 25 2017
Home / Kashmir / अनुच्छेद 370 एक बाधक नहीं बल्कि हमें जोड़ने का एक पुल है- महबूबा मुफ्ती

अनुच्छेद 370 एक बाधक नहीं बल्कि हमें जोड़ने का एक पुल है- महबूबा मुफ्ती

जम्मू। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने राज्य को देश के शेष हिस्से से पूरी तरह से ‘भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक’ एकीकरण किए जाने की मंगलवार को पुरजोर हिमायत करते हुए कहा कि अनुच्छेद 370 बाधक नहीं है, बल्कि इस दिशा में एक सेतु है। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग जब अनुच्छेद 370 की बात करते हैं तब वे तकनीकी एकीकरण की बात करते हैं। हमें उन्हें समझाना होगा कि हम भी चाहते हैं कि जम्मू कश्मीर भावनात्मक, तकनीकी रूप से भारत के साथ पूर्ण रूप से एकीकृत हो। इससे कौन इनकार कर सकता है।

मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के अभिभाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर विधानसभा में एक चर्चा का जवाब देते हुए यह कहा। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान का अनुच्छेद 370 एक बाधक नहीं है बल्कि हमें जोड़ने के लिए एक सेतु है। उन्होंने भारतीय लोकतंत्र की सराहना करते हुए कहा कि उनके दिवंगत पिता मुफ्ती सईद ने हमेशा ही इसमें यकीन किया और यही कारण है कि उन्होंने 1960 के दशक में मुख्य धारा की पार्टी (कांग्रेस) का झंडा थामा था। आज हमारे पास अवसर है कि हम इस बारे में सोचे कि आगे किधर बढ़ना है। ‘मैं आशावादी हूं। जैसा कि हम सभी कहते हैं कि एक मुद्दा है, एक दर्द है, एक मुश्किल है, जिसका हल निकालना होगा। उसके लिए वार्ता होनी चाहिए।’

उन्होंने कहा, ‘लेकिन वार्ता के बारे में बाहर बात करने से पहले हमें खुद ही उस डर को हटाना होगा जो हममें है। भाजपा को ‘स्वशासन और स्वायत्ता’ का डर है और हमें यह डर है कि भाजपा अनुच्छेद 370 खत्म कर देगी, जो हमारे राज्य को विशेष दर्जा प्रदान करता है।’

महबूबा ने कहा कि दोनों ही पार्टियां एक दूसरे से भयभीत है लेकिन लक्ष्य एक है, जम्मू कश्मीर को एकजुट देखना, उसे समृद्ध होते देखना। हमें इस देश के लोकतंत्र में विश्वास है। हम भारत के संविधान और हमारा खुद का (जम्मू कश्मीर का) संविधान की शपथ लेते हैं है। फिर भी कई सारे संदेह है क्योंकि भाजपा को लगता है कि जम्मू कश्मीर उनके हाथ से फिसल सकता है।

TOPPOPULARRECENT