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अफ्रीकी छात्रों को भारत न भेजा जाए, अफ्रीकी राजदूतों की सिफारिश

नई दिल्ली : महाद्वीप अफ्रीका के देशों के राजदूतों ने कहा कि नई दिल्ली में अफ्रीकी छात्रों को असुरक्षा का खतरा है। राजदूतों की ओर से यह बयान कांगो के एक शिक्षक की कथित नस्लवादी हत्या के संदर्भ में दिया गया है। भारतीय राजधानी नई दिल्ली में अफ्रीकी दूतावासों के समूह ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि वे अपनी अपनी सरकारों को सलाह देंगे कि अब शिक्षा प्राप्त करने के लिए फिलहाल छात्रों को भारत न भेजा जाए और यह प्रतिबंध तब तक रखी जाए जब तक कि रंगभेद के आधार पर किए गए हमलों के दोषी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता।

अफ्रीकी देशों के राजदूतों के समूह के प्रमुख अरेटरिया के राजनयिक तसाहगे वोलडे मारीम का कहना है कि फिलहाल भय और असुरक्षा के माहौल में स्वतंत्र रूप से छात्रों को अपनी गतिविधियों को जारी रखना मुश्किल हो रहा है। उनके अनुसार अफ्रीका से संबंधित नागरिकों पर हुए पिछले हमलों में शामिल लोगों को भी अब तक न्याय के कठघरे में नहीं लाया गया।

कथित नस्लवादी हमलों की नवीनतम उदाहरण गणराज्य से संबंधित मसविंडा कताडा ओलिवर की नई दिल्ली में ऑटो रिक्शा के मुद्दे पर तीखी बातचीत के बाद होने वाली मौत है। ओलिवर को तीन भारतीयों ने डंडे मार मार कर हत्या कर दी थी। ओलिवर भारत में पढ़ाई पूरी करने के बाद एक निजी शिक्षण संस्थान में पढ़ा रहा था।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस अफ्रीकी निवासी की हत्या की निंदा करते हुए कहा है कि इस समय भारत में कई हजार अफ्रीकी छात्र बेफिक्र होकर अपना शिक्षा जारी रखे हुए हैं। भारत के जूनियर मंत्री वीके सिंह अगले दिनों में इन राजदूतों के समूह के प्रमुख से मुलाकात करने वाले हैं और वे इसमें अफ्रीकी छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपायों की व्याख्या करेंगे।

दूसरी ओर नई दिल्ली की पुलिस ने कांगो के नागरिक की हत्या के सिलसिले में अब तक दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। तीसरे की तलाश जारी है। पुलिस ने हत्या के प्रोत्साहन में रंगभेद को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है।

उधर भारतीय कौंसिल सांस्कृतिक संबंध की ओर से ‘अफ्रीका दिवस समारोह में भी राजदूतों के समूह ने भाग लेने से इनकार कर दिया है। अरेटरिया के राजदूत का कहना है कि अफ्रीकी समुदाय मृत ओलिवर के शोक में है और इस कारण भारत सरकार अफ्रीका डे समारोह स्थगित कर दे। इस साल जनवरी में बेंगलुरु शहर में एक भीड़ ने तंजानिया महिला पर अत्याचार करने के बाद इस कार को आग लगा दी थी। इसी तरह सन 2013 में तटीय शहर गोवा में एक नाईजीरियन निवासी को भी एक उग्र भीड़ ने मार डाला था। इसी घटना के बाद स्थानीय नेताओं ने अफ्रीका को भारत का कैंसर करार दिया था। सन 2014 में दिल्ली सरकार के कानून मंत्री पर भी एक अफ्रीकी महिला को परेशान करने का आरोप लगाया गया था।

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