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अब एस एम कृष्णा की बारी!

कर्नाटक का कानकनी स्क़ाम भी अब वसाअत् इख़तियार करता जा रहा है । इस स्क़ाम में पहले ही कर्नाटक के साबिक़ वज़ीर गाली जनार्धन रेड्डी जेल की हवा खाने पर मजबूर हैं। इस के इलावा इस स्क़ाम की वजह से कर्नाटक में बरसर-ए-इक्तदार बी जे पी केलिए

कर्नाटक का कानकनी स्क़ाम भी अब वसाअत् इख़तियार करता जा रहा है । इस स्क़ाम में पहले ही कर्नाटक के साबिक़ वज़ीर गाली जनार्धन रेड्डी जेल की हवा खाने पर मजबूर हैं। इस के इलावा इस स्क़ाम की वजह से कर्नाटक में बरसर-ए-इक्तदार बी जे पी केलिए मुश्किलात पैदा हो गई हैं तो कांग्रेस भी महफ़ूज़ नहीं है ।

जहां गाली जनार्धन रेड्डी जेल में हैं और बेल्लारी में आज़ाद उम्मीदवार मिस्टर बेसुरी रामलो ने बी जे पी के ख़िलाफ़ उतनी शानदार कामयाबी हासिल की है कि वहां बी जे पी उम्मीदवार की ज़मानत तक ज़बत हो गई ।

अब बी जे पी में फूट और एक अलैहदा पार्टी का क़ियाम अमल में आने वाला है । ये बी जे पी की मुश्किलात हैं । कांग्रेस भी इस से बच नहीं सकी है और कर्नाटक लोक आयुक्त् पुलिस ने मौजूदा वज़ीर-ए-ख़ारजा और साबिक़ चीफ़ मिनिस्टर मिस्टर एस एम कृष्णा के ख़िलाफ़ मुबय्यना तौर पर इस स्क़ाम में मुलव्वस रहने पर एफ़ आई आर दर्ज कर लिया है ।

ऐसा ही एफ़ आई आर जनतादल सैकूलर के लीडर-ओ-साबिक़ चीफ़ मिनिस्टर मिस्टर एच डी देवेगौड़ा के ख़िलाफ़ भी जारी किया गया है । अब इस सारे मुआमला की अलैहदा तौर पर तहक़ीक़ात होंगी । अब तक जो तहक़ीक़ात हुई हैं इन ही की बुनियाद पर ये एफ़ आई आर दर्ज की गई है और अब इस रोल की तफ़सीली तहक़ीक़ात होगी जो साबिक़ चीफ़ मिनिस़्टरों ने कानकनी अस्क़ाम में अदा किया है । ये एफ़ आई आर मिस्टर एस एम् कृष्णा के दौर में एक कानकनी कंपनी को लाईसैंस जारी करने से मुताल्लिक़ है ।

मिस्टर कृष्णा का इद्दिआ है कि वो इस ताल्लुक़ से अदालत में अपनी बेगुनाही साबित करेंगे ताहम उन्हों ने ये भी वाज़िह करदिया कि इन के दौर-ए-इक्तदार में कभी भी कानकनी और जियालो जी का क़लमदान उन के पास नहीं रहा और जहां तक उन्हें याद पड़ता है उन के दौर चीफ़ मिनिस्ट्री में कानकनी का कोई लाईसैंस जारी ही नहीं किया गया ।

मिस्टर कृष्णा ने वज़ाहत की कि इन के किरदार को मसख़ करने की नापाक कोशिशें हो रही हैं जो अदालत में नाकाम होजाएंगी ताहम उन्हों ने इसी लिए अदालत के बाहर भी वज़ाहत ज़रूरी समझी क्योंकि अगर-ओ-ह ख़ामोशी इख़तियार करते तो उन के रोल के ताल्लुक़ से शकूक-ओ-शुबहात पैदा हो जाते ।

कांग्रेस पार्टी ने भी इस मसला पर कोई ख़ास रद्द-ए-अमल काव ज़िहार नहीं किया है औरा स ने मिस्टर कृष्णा को एक तरह से ये आज़ादी दी है कि वो इस मुआमला मैं ख़ुद को बेक़सूर साबित करें। ये उम्मीद नहीं की जा सकती कि लोक आयवकत पुलिस की जानिब से एफ़ आई आर के इंदिराज के बाद कांग्रेस की जानिब से मिस्टर कृष्णा के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई की जाएगी हालाँकि अपोज़ीशन जमातें और खासतौर पर बी जे पी एस मसला को उछाल रही है ।

बी जे पी को इस अस्क़ाम की वजह से पहले ही काफ़ी नुक़्सान हो चुका है और उसे आइन्दा दिनों में मज़ीद नुक़्सान हो सकता है । बी जे पी के साबिक़ चीफ़ मिनिस्टर मिस्टर बी ऐस यदि यूरप्पा को इस अस्क़ाम की वजह से इक़तिदार से हाथ धोना पड़ा । एक साबिक़ वज़ीर जेल में हैं और उन के साथीयों ने पार्टी के ख़िलाफ़ इलम बग़ावत बुलंद कर दिया है और पार्टी में फूट और अलैहदा पार्टी के क़ियाम के इमकानात पैदा हो गए हैं।

बी जे पी को जब इस तरह के नुक़्सान का सामना हुआ तो वो ख़ामोश रही ताहम अब जबकि मिस्टर कृष्णा का नाम भी इस अस्क़ाम से जुड़ गया है और उन के ख़िलाफ़ भी एफ़ आई आर दर्ज की गई है तो बी जे पी एस मौक़ा को गंवाना नहीं चाहती और वो कांग्रेस को भी इसी कटहरे में ला खड़ा करना चाहती है जिस कटहरे में कांग्रेस ने बी जे पी को ला खड़ा किया था ।

इस स्क़ाम और इस की वजह से होने वाली सयासी तबदीलीयों के नतीजा में बी जे पी को जो नुक़्सान हुआ था बी जे पी चाहती है कि वही नुक़्सान कांग्रेस को पहूंचे और सयासी तौर पर पार्टी को इस क़दर नुक़्सान ना होने पाए जितना अंदेशा ज़ाहिर किया जा रहा है । अब बी जे पी एस मसला को अवाम में मौज़ू बेहस बनाना चाहती है और ये कोशिश मुसलसल की जाएगी कि कांग्रेस से मौक़िफ़ की वज़ाहत तलब की जाय और ऐस ऐम कृष्णा के ख़िलाफ़ कार्रवाई पर ज़ोर दिया जाये ।

कांग्रेस और बी जे पी के माबैन ये सयासी लड़ाई है और यक़ीनी तौर पर इस लड़ाई का एक पहलू जनतादल इससे भी ताल्लुक़ रखता है । जनतादल उसने अभी मिस्टर देवेगौड़ा के ख़िलाफ़ एफ़ आई आर पर कोई बाज़ाबता रद्द-ए-अमल ज़ाहिर नहीं किया है हालाँकि एचडी देव गौड़ा पहले ही वाज़िह करचुके हैं कि वो तहक़ीक़ात में तआवुन करेंगे और एफ़ आई आर का क़ानूनी मुक़ाबला करेंगे । ऐसी सूरत में अवामी सतह पर असल लड़ाई कांग्रेस और बी जे पी के माबैन ही रह गई है ।

ताहम ये सब कुछ सयासी अमल है और क़ानूनी तौर पर दोनों ही जमातें कटहरे में ला खड़ी की जा चुकी हैं। जिस तरह कांग्रेस ने बी जे पी के ख़िलाफ़ मुहिम चलाई थी इसी तरह अब बी जे पी को भी कांग्रेस के ख़िलाफ़ मौक़ा है । इन हालात से क़ता नज़र कांग्रेस केलिए ये ज़रूरी होगया है कि वो भी कुरप्शन के ख़िलाफ़ अपनी जद्द-ओ-जहद को अमली शक्ल दे और ऐस ऐम कृष्णा के ख़िलाफ़ एफ़ आई आर के इंदिराज पर पार्टी के मौक़िफ़ की वज़ाहत की जाय । देखना ये भी है कि पार्टी मिस्टर कृष्णा के ख़िलाफ़ क्या कार्रवाई करती है ।

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