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अब सीबीएसई प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबों की करेगी समीक्षा

नई दिल्ली : सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंड्री एजुकेशन (सीबीएसई) अपने मान्यता प्राप्त स्कूलों द्वारा निर्धारित प्राइवेट पब्लिशर्स की पाठ्यपुस्तकों की समय-समय पर समीक्षा करेगा।
किताबें राष्ट्रीय पाठ्यक्रम फ्रेमवर्क के मुताबिक हों, यह सुनिश्चित करने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय, सीबीएसई और नैशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च के बीच मीटिंगों का कई दौर चला। उन मीटिंगों के बाद किताबों की समीक्षा का फैसला लिया गया।

इसबीच, 1,400 से ज्यादा सीबीएसई स्कूलों ने पहली से बारहवीं क्लास तक की पुस्तकों के लिए ऐकडेमिक सेशन 2017-18 हेतु एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों का ऑर्डर दिया है। अब तक करीब 32 लाख एनसीईआरटी किताबों का ऑर्डर दिया गया है। ऐकडेमिक सेशन के शुरू होने से पहले काउंसिल स्कूलों को किताब उपलब्ध कराएगा।

स्कूलों ने ऑर्डर देने के लिए और समय देने का आग्रह किया था, जिसके बाद बोर्ड ने ऑर्डर देने की तारीख 22 फरवरी से बढ़ाकर 28 फरवरी कर दी है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, मंत्रालय सीबीएसई और एनसीईआरटी के साथ नियमित तौर पर बैठकें कर रहा है।

अधिकारी ने बताया, ‘सरकार पर्याप्त संख्या में एनसीईआरटी किताबों को उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही हैं ताकि छात्रों और अभिभावकों कृत्रिम कमी के कारण महंगी प्राइवेट टेक्स्टबुक्स लेने के लिए मजबूर न होना पड़ा। यह निजी प्रकाशकों और स्कूलों के गठजोड़ पर अंकुश लगाने के लिए है।’

अधिकारी ने बताया, ‘पहले इन किताबों की कमी होने के कारण काफी शिकायतें आया करती थीं।’

सीबीएसई के चेयरमैन ने आदेश दिया है कि एक कमिटी समय-समय पर विभिन्न पाठ्यपुस्तकों की समीक्षा करे। बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, कुछ किताबें जैसे कंप्यूटर साइंस का प्रकाशन एनसीईआरटी नहीं करती है। स्कूलों को इस मामले में प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबे चलाने की अनुमति रहेगी।

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