Sunday , October 22 2017
Home / Khaas Khabar / अमित शाह मुल्ज़िम होते तो यूपीए को खुशी होती : सिन्हा

अमित शाह मुल्ज़िम होते तो यूपीए को खुशी होती : सिन्हा

सीबीआई के डायरेक्टर रंजीत सिन्हा ने इशरत जहां फर्जी एनकाउंटर केस में अमित शाह को लेकर सनसनीखेज बयान दिया है। सिन्हा के बयान को लेकर इंतेखाबी माहौल गर्माता नजर आ रहा है। रंजीत सिन्हा ने कहा है कि अगर सीबीआई इशरत केस में नरेंद्र मो

सीबीआई के डायरेक्टर रंजीत सिन्हा ने इशरत जहां फर्जी एनकाउंटर केस में अमित शाह को लेकर सनसनीखेज बयान दिया है। सिन्हा के बयान को लेकर इंतेखाबी माहौल गर्माता नजर आ रहा है। रंजीत सिन्हा ने कहा है कि अगर सीबीआई इशरत केस में नरेंद्र मोदी के करीबी अमित शाह का नाम डालती तो यूपीए हुकूमत काफी खुश होती। साथ ही उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी अपना काम मुंसिफाना तरीके से कर रही है। हालांकि, टीवी चैनलों के मुताबिक रंजीत सिन्हा ने इस बयान से इनकार किया है और कहा है कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया है।

सिन्हा के एक अखबार को दिए इंटरव्यू पर सियासी कयास लगाए जा रहे है। उन्होंने इंटरव्यू के दौरान कहा कि यूपीए की हुकूमत काफी खुश होती अगर हम फर्जी एनकाउंटर के लिए अमित शाह को मुल्ज़िम बनाते। लेकिन, हम सुबूतों के साथ आगे बढे और देखा कि अमित शाह के खिलाफ ऐसा कोई ठोस सुबूत नहीं हैं, जिनसे कि उन्हें कटघरे में खडा किया जाए।

सीबीआई ने एक दिन पहले ही गुजरात के इस फर्जी एनकाउंटर केस में दूसरी चार्जशीट दायर की थी। सीबीआई की ओर से दायर सप्लिमेंट्री चार्जशीट में आईबी के साबिक स्पेशल डायरेक्टर राजेंद्र कुमार को अहम मुल्ज़िम बनाया गया है। इसके इलावा चार्जशीट में आईबी के 3 मौजूदा आफीसरों के भी नाम हैं। इस चार्जशीट में गुजरात के साबिक वज़ीर ए दाखिला अमित शाह का नाम नहीं है।

सीबीआई चीफ के इस बयान ने कई दबे हुए सवालों को फिर से ताकत देने का काम किया है। क्या इशरत केस में यूपीए हुकूमत अमित शाह को फंसाना चाहती थी! लोकसभा इंतेखाबात की तैयारियों में जुटी यूपीए के लिए ये सवाल काफी मुश्किल पैदा कर सकते हैं, क्योंकि अमित शाह को नरेंद्र मोदी का करीबी माना जाता है और बीजेपी इस बयान के सहारे यूपीए पर अपने हमले फिर तेज कर सकती है।

TOPPOPULARRECENT