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अमेरिका में एक अनोखा मुकदमा, आसमान पर किसका हक

केंटकी : अमेरिका में एक अनोखा मुकदमा शुरू हो गया है जिसमें झगड़ा जमीन का नहीं आसमान का है. यानी आपका घर जिस जमीन पर बना है, वह तो आपकी है लेकिन उसके ऊपर के आसमान पर आपका अधिकार है या नहीं? बात पिछले साल की है. हुआ यूं कि दक्षिणी राज्य केंटकी में एक व्यक्ति ड्रोन उड़ा रहा था. पड़ोसी ने उस ड्रोन को गोली मारकर गिरा दिया. उसका कहना था कि मेरे घर के ऊपर उड़ रहा था तो मैंने गिरा दिया. लेकिन उसके ऊपर के आसमान पर क्या उसका अधिकार है? अब इस बात का फैसला कोर्ट में हो रहा है. ड्रोन उड़ाने वाले डेविड बोग्स ने कोर्ट से अपील की है कि उनके 1800 डॉलर के ड्रोन का हर्जाना दिलाया जाए जिसे हिलव्यू के उनके पड़ोसी विलियम मेरिडेथ ने गोली मारकर उड़ा दिया. मेरिडेथ का कहना कि ड्रोन उनके बाग पर, उनकी बेटी के ऊपर उड़ रहा था.

विशेषज्ञ इस मुकदमे के फैसले पर नजर बनाए हुए हैं क्योंकि ड्रोन इंडस्ट्री पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है. आसमान में सीमाएं सुनिश्चित हैं और यह तय है कि कहां से किस देश का आसमान शुरू होता है. लेकिन निचले वायु मार्गों को लेकर कोई नियम नहीं है. इस मुकदमे का फैसला नए नियमों की राह खोल सकता है. मानवरहित विमान के कानून के विशेषज्ञ जेम्स मैकलर कहते हैं, “यह बहुत दिलचस्प समय है. तकनीक कानूनी दहलीजों को लांघ रही है. ऑपरेटर्स ये जानना चाहते हैं कि वे कहां उड़ा सकते हैं. और लोग यह जानना चाहते हैं कि आसमान पर उड़ते ये मशीनी परिंदे उनके घरों में तो नहीं झांक रहे.” ड्रोन की ग्लोबल मार्किट 32 प्रतिशत की दर से सालाना बढ़ रही है. 2020 तक इसके 5.6 अरब डॉलर तक पहुंच जाने की संभावना है. अमेरिका के फेडरल ऐविएशन अथॉरिटी का अनुमान है कि 2016 के आखिर तक अमेरिका के आसमान में 25 लाख ड्रोन मंडरा रहे होंगे. और अगले चार साल में यह संख्या तीन गुना हो जाएगी. इसलिए इस बारे में नियमों की सख्त और फौरी तौर पर जरूरत महसूस हो रही है कि कौन कहां क्या उड़ा सकता है. यानी कितना आसमान किसका है.

मुकदमा झेल रहे मेरिडेथ कहते हैं, “सच बताऊं तो उस वक्त तो मैंने जो किया वही किया जो कोई भी करता यानी अपनी संपत्ति, अपने बच्चों की सुरक्षा. मुझे नहीं पता था कि ड्रोन कौन और क्यों उड़ा रहा है. लेकिन मैं उम्मीद करता हूं कि इस बारे में कोई कानून हो ताकि ड्रोन उड़ाने वालों और उनके नीचे के घर वालों, सबके हित सुरक्षित रहें.” मैकलर अनुमान लगाते हैं कि हर महीने अमेरिका में कम से कम एक ड्रोन गिरा दिया जाता है और नतीजा ऐसा ही होता है क्योंकि लोगों को इस बारे में अपने कानूनी अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी ही नहीं है. वह कहते हैं, “प्रशासन को भी नहीं पता होता कि ऐसी स्थिति में क्या करें. मुकदमेबाजी कैसी हो यह भी समझ नहीं आता क्योंकि ज्यादातर लोग तो मुकदमेबाजी में उलझना ही नहीं चाहते.” इसी साल अगस्त में अमेरिका में छोटे ड्रोन के लिए आसमान के इस्तेमाल की इजाजत दी गई है. नियमों में भी ढील दी गई है. अब ड्रोन चालकों को पायलट लाइसेंस और एफएए की इजाजत की जरूरत नहीं है. अब एफएए एक नया लाइसेंस जारी कर रही है जो कम खर्चीला और बनवाने में आसान है.

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