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अमेरीकी क़ब्ज़ा की 10 वीं बरसी, बग़दाद धमाकों से दहल गया, 72 हलाक

बग़दाद, 20 मार्च (ए पी) इराक़ पर अमेरीका के ग़ासिबाना क़ब्ज़ा की 10 वीं बरसी से ऐन क़ब्ल दार-उल-हकूमत बग़दाद इंतिहाई तबाहकुन धमाकों से दहल गया, जिसके नतीजा में कम से कम 72 अफ़राद हलाक और दीगर 200 ज़ख़मी हुए हैं। ताज़ा तरीन ख़ुदकुश धमाकों से ये वा

बग़दाद, 20 मार्च (ए पी) इराक़ पर अमेरीका के ग़ासिबाना क़ब्ज़ा की 10 वीं बरसी से ऐन क़ब्ल दार-उल-हकूमत बग़दाद इंतिहाई तबाहकुन धमाकों से दहल गया, जिसके नतीजा में कम से कम 72 अफ़राद हलाक और दीगर 200 ज़ख़मी हुए हैं। ताज़ा तरीन ख़ुदकुश धमाकों से ये वाज़िह होता है कि अमेरीकी जंग के 10 साल बाद भी यह मुल्क किस हद तक ग़ैर मुस्तहकम और ख़तरनाक है।

ये एक ऐसा जंग ज़दा मुल्क है जहां किसी भी वक़्त खूँरेज़ मसलकी तशद्दुद फूट पड़ सकता है। अगरचे 2006 और 2007 के दौरान तख़रीबकार सरगर्मीयों के सबब होलनाक तशद्दुद फूट पड़ा था लेकिन बाद में तशद्दुद की ख़तरनाक लहर थम तो गई थी लेकिन कशीदगी बदस्तूर बरक़रार रही और इराक़ी सेक्युरिटी फोर्सेस को लाहक़ ख़तरात भी बाक़ी हैं।

बग़दाद में सिलसिलावार धमाका एक ऐसे वक़्त हुए जब अमेरीका ने 10 साल क़ब्ल यानी आज 19 मार्च 2003 बग़दाद पर क़यामत ख़ेज़ बमबारी के ज़रीया इराक़ पर अपने क़ब्ज़े का आग़ाज़ किया था। इस दौरान इराक़ की शीया अक्सरीयती हुकूमत सुन्नी अक़ल्लीयत के ज़ेर तसल्लुत बाअज़ सूबों में सुबाई इंतेख़ाबात को छः माह तक मुल्तवी करने का ऐलान किया है।

दो सूबों अंबर और नैनवा में जहां शीया रहनुमा की ज़ेर-ए-क़ियादत इराक़ी हुकूमत के ख़िलाफ़ मुसलसल तीन माह तक एहतिजाजी मुज़ाहिरे जारी थे, 20 अप्रैल को सुबाई असेंबलीयों के इंतेख़ाबात मुक़र्रर थे। बग़दाद में आज हुए ख़ौफ़नाक धमाकों में सख़्त सेक्युरिटी के साथ क़िला बंद इलाक़ा नाम निहाद ग्रीन ज़ोन को भी निशाना बनाया गया, जहां कई अहम सरकारी दफ़ातिर के इलावा अमेरीका और बर्तानिया के इलावा दीगर मग़रिबी ममालिक के सिफ़ारतख़ाने मौजूद हैं।

ग्रीन ज़ोन की एक होटल में हुए धमाके में बिशमोल दो इराक़ी सिपाही 6 अफ़राद हलाक हो गए। बग़दाद के मुख़्तलिफ़ मुक़ामात पर आज इंतिहाई दर्दनाक मुनाज़िर देखे गए, जहां जगह जगह नाशें, इंसानी आज़ा और ख़ून के धब्बे देखे गए। कई इमारतें खंडहर में तब्दील हो गई हैं।

मोटर गाड़ियां तबाह हो गई हैं। सड़कों पर एम्बूलेंस गाड़ीयों की आमद-ओ-रफ़्त का लामतनाही सिलसिला देखा गया और बम धमाकों से भड़क उठने वाली आग के सबब आसमान पर स्याह धुएं के बादल उठ रहे थे। सुबह के मसरूफ़ तरीन वक़्त किए गए कार बम हमलों में अक्सर छोटे होटलों, यौमिया उजरत पर काम करने वाले मज़दूरों और बस स्टैंड्स को निशाना बनाया गया।

अक्सर बड़े हमले एक घंटा के दौरान किए गए। किसी भी ग्रुप ने ताहाल ज़िम्मेदारी कुबूल नहीं की है। ताहम ऐसे हमलों के लिए इराक़ी अलक़ायदा को मौरिद इल्ज़ाम ठहराया जाता है। अमेरीका ने अगरचे इराक़ में जमहूरी हुकूमत के इंतेख़ाब के बाद इस मुल्क की सलामती मुक़ामी सेक्युरिटी फोर्सेस के हवाला करते हुए दो साल क़ब्ल तख़लिया कर दिया था, जिसके बाद तशद्दुद में कमी तो हुई है लेकिन वक़फ़ा वक़फ़ा से इस किस्म के मोहलिक हमलों का सिलसिला बदस्तूर जारी है।

मुक़ामी पुलिस ने कहा कि आज सुबह की मसरूफ़ तरीन साअतों के दौरान बग़दाद के शीया इलाक़ों मुशतल , सदर सिटी, हसीनीह, ज़फ़रानीया, शिला वग़ैरा में कई कार बम धमाके हुए।

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