Tuesday , April 25 2017
Home / Khaas Khabar / अयूब हत्याकांड के सात आरोपियों को गौ रक्षक साबित करने में विफल रही अहमदाबाद पुलिस

अयूब हत्याकांड के सात आरोपियों को गौ रक्षक साबित करने में विफल रही अहमदाबाद पुलिस

अयूब

सितंबर में बकरीद की पूर्व संध्या पर एक कार में दो गौ वंशों को ले जा रहे एक व्यक्ति की हत्या के आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र में अहमदाबाद पुलिस सात आरोपियों को गौ रक्षक साबित करने में विफल रही है। पुलिस चार्ज शीट में एक मुख्य गवाह, जिसने पीड़ित मोहम्मद अयूब के खिलाफ पशु संरक्षण कानून के तहत एक शिकायत दर्ज कराई थी, उसके दो विरोधाभासी बयान की जांच करने में भी विफल रही है।

अयूब की हत्या से संबंधित मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच के विशेष अभियान समूह ने चार्ज शीट में सिर्फ एक पैराग्राफ में अभिव्यक्त कर दिया। इस पैराग्राफ में लिखा है: “शिकायतकर्ता और मोहम्मद अयूब एक नीले रंग की इंडिगो कार में एक बैल और एक बछड़ा ले जा रहे थे। आरोपी व्यक्ति जाइलो और रेनॉल्ट कर में मोहम्मद अयूब का पीछा कर रहे थे जिनका एसजी हाईवे पर एक्सीडेंट हो गया।”

यह कहा गया है कि दुर्घटना के बाद आरोपी कार से बाहर निकले और अयूब पर लोहे की रोड और बेसबॉल स्टिक से हमला कर उसे घायल कर दिया, जिसके नतीजे में उसकी मौत हो गयी।

चार्ज शीट में इस बात का उल्लेख नहीं है कि आरोपी गौ रक्षक गतिविधियों से जुड़े थे या नहीं। मृतक अयूब का परिवार इस घटना की आगे जांच की मांग के लिए एक आवेदन दाखिल करने जा रहा है।

चार्ज शीट लगभग सौ पन्नों में है। कुछ गवाह,  जिन्हें घायल पक्षियों और जानवरों की रक्षा के लिए स्वयंसेवकों होने के लिए वन विभाग द्वारा कार्ड जारी किए गए हैं, वे घटना स्थल पर सबसे पहले पहुंचे थे। वे सभी लगभग एक ही समय 13 सितम्बर को रात में 3 बजे घटना स्थल पर पहुंचे थे।

उनमें से एक जनक मिस्त्री, जिसने पशु संरक्षण कानून के तहत अयूब और उनके सह-यात्री समीर शेख के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई,  उसका दो बार बयान दर्ज किया गया है, जो आपस में विरोधाभासी हैं।

घटना की रात दर्ज की गई अपनी पहली गवाही में, उसने पुलिस को बताया, “।।। करीब 2।25 बजे, मुझे खबर मिली कि एक इंडिगो कार, जो वध के लिए गायों को ले जा रही थी, वह एसजी हाईवे पर ऑनेस्ट रेस्टोरेंट (प्रहलादनगर) के सामने दुर्घटनाग्रस्त हो गयी है। मैं और मेरे दोस्त अजयभाई और उसके मामा विजयभाई अपनी कार में मौके के लिए रवाना हुए ।।। “इस बयान में मिस्त्री ने दावा किया है कि उसकी कार शिवरंजनी फ्लाईओवर पर ख़राब हो गयी थी और वह अपने साथियों के साथ एक अज्ञात कार चालक से लिफ्ट लेकर मौके पर पहुंचा था।

17 नवंबर को दर्ज किये गए अपने दूसरे बयान में मिस्त्री ने कहा, “मैं (13 सितंबर को) करीब 2।30 बजे न्यू रानीप ले रहने वाले मेरे दोस्त समीर मह्पत पटेल के साथ एक कार में एक कप चाय पीने के लिए निकला था। करीब 3 बजे, मुझे खबर मिली कि इंडिगो कार जो वध के लिए गायों को ले जा रही थी वह एसजी हाईवे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गयी।।। ”

दोनों बयानों में, मिस्त्री ने उस स्रोत के बारे में उल्लेख नहीं किया है जिसने उसे दुर्घटना के तुरंत बाद खबर दी था। उसने कहा है कि जब वह मौके पर पहुंचा तब आनंदनगर पुलिस निरीक्षक पी बी राणा भी वहाँ आ गए थे और उन्होंने मुझे अयूब और समीर के खिलाफ एक शिकायत दर्ज करने के लिए कहा था।

दोनों पीड़ितों के रिश्तेदारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के विरोध के बाद राणा को स्थानांतरित कर दिया गया था और जांच एसओजी को सौंप दी गयी थी। अधिवक्ता शमशाद पठान, जो पीड़ित के परिवार का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, उनके अनुसार, “पुलिस ने फोन कॉल की डिटेल्स की जांच नहीं की है, उससे कई अन्य आरोपियों के बीच सम्बन्ध का पता चल सकता था। इसके अलावा, मिस्त्री पहला व्यक्ति नहीं था जिसने घटना को देखा था। पुलिस का गश्ती दल घटना का पहला गवाह था, फिर भी पुलिस इंस्पेक्टर ने मिस्त्री से शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा था।”

Top Stories

TOPPOPULARRECENT