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अरब लीग शामी बागियों को हथियार देने पर रज़ामंद

दोहा, 28 मार्च: क़तर के दारुल हुकूमत दोहा में मुनाक़िदा अरब लीग के सरबराह इजलास में तंज़ीम के रुकन मुमालिक ने शामी सदर बशारुलअसद के ख़िलाफ़ बरसर पैकार बाग़ी जंगजूओं को अपने दिफ़ा के लिए असलिहे समीत तमाम ज़राए मुहय्या करने की मंज़ूरी दे दी

दोहा, 28 मार्च: क़तर के दारुल हुकूमत दोहा में मुनाक़िदा अरब लीग के सरबराह इजलास में तंज़ीम के रुकन मुमालिक ने शामी सदर बशारुलअसद के ख़िलाफ़ बरसर पैकार बाग़ी जंगजूओं को अपने दिफ़ा के लिए असलिहे समीत तमाम ज़राए मुहय्या करने की मंज़ूरी दे दी है। अरब सरबराह इजलास में मंज़ूर करदा क़रारदाद में कहा गया है कि अरब सिमट हर रियासत के इस हक़ का इआदा करती है कि वो शामी अवाम की मुज़ाहिमत और जैश अलहर की हिमायत के लिए फ़ौजी साज़ो सामान समीत ज़ाती दिफ़ा के लिए हर तरह की मदद करें।

अरब लीग के इस सरबराह इजलास में शामी हिज़बे इख़्तिलाफ़ के क़ौमी इत्तिहाद के सरबराह अहमद मआज़ अलख़तीब को अमीर क़तर शेख़ हम्द बिन ख़लीफ़ा एलिसानी की दावत पर शाम की नशिस्त दे दी गई है। उन्होंने अपनी तक़रीर में अमरीका से बाग़ी जंगजूओं की मदद के लिए ज़्यादा फ़आल किरदार अदा करने का मुतालिबा किया। अरब लीग में शामी क़ौमी इत्तिहाद को नशिस्त मिलने और क़तर की जानिब से इस के सदर बशारुलअसद के ख़िलाफ़ जंग में किरदार की सताइश को हिज़बे इख़्तिलाफ़ की बड़ी कामयाबी क़रार दिया जा रहा है।

अहमद मआज़ अलख़तीब के इलावा हाल ही में उबूरी हुकूमत के मुंतख़ब होने वाले वज़ीरे आज़म ग़स्सान हेतू ,दो मारूफ़ शामी शख़्सियात जॉर्ज सुबरा और सहीर अतासी भी अरब लीग के सरबराह इजलास में शरीक थे। इजलास में शाम के सरकारी पर्चम के बजाय हिज़बे इख़्तिलाफ़ का पर्चम लहराया गया है। सऊदी अरब, इराक़, अल-जज़ाइर, उम्मान, सूडान और मुत्तहिदा अरब इमारात के आला सतही वफ़ूद ने अरब लीग कान्फ़्रेंस को कामयाब बनाने की मसाई की है।

इस का क़ियाम 1945 में अमल में आया था। इस के बाद से इस तंज़ीम की तासीस के 24 वें साल के मौक़े पर 24 वीं चोटी कान्फ़्रेंस का इनइक़ाद अमल में आया है। तेल की दौलत से मालामाल सऊदी अरब और क़तर ने इस कान्फ़्रेंस में शाम के बाग़ी ग्रुप को नुमाइंदगी का मौक़ा देने का अहम रोल अदा किया था।

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