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अरूणाचल प्रदेश की तरह आसाम में भी हुकूमत को माज़ूल करने की कोशिश

गोहाटी: चीफ़ मिनिस्टर आसाम‌ तरूण गोगोई ने आज ये इल्ज़ाम आइद किया कि अरूणाचल प्रदेश के गवर्नर ज्योति प्रसाद राजखवा ने पहाड़ी रियासत में सियासी बोहरान के दौरान बी जे पी एजेंट और आर एस एस प्रचारक का रोल अदा किया है। इन्होंने प्रेस कान्फ़्रेस को मुख़ातिब करते हुए कहा कि जे पी राजखवा मर्ख़‌ज़ी हुकूमत के ताबेदार बन गए और बी जे पी और आर एस एस एजेंट की तरह काम कर रहे हैं और राज भवन को आर एस एस के दफ़्तर में तबदील कर दिया है।

चीफ़ मिनिस्टर ने कहा कि राजखवा को क़ायदा क़ानून की पासदारी करते हुए पड़ोसी रियासत के दस्तूरी सरबराह की हैसियत से फ़राइज़ अंजाम देना चाहिए चूँकि वो एक ब्यूरोक्रेट (चीफ़ सेक्रेटरी) रह चुके हैं और वो क़ानून और दस्तूरी तक़ाज़ों को बख़ूबी जानते हैं और उन्हें दस्तूरी उसूलों की तामील करनी चाहिए।

मिस्टर तरूण गोगोई ने इल्ज़ाम आइद किया कि बी जे पी, दौलत के ज़ोर पर एक मुंख़बा हुकूमत को माज़ूल करने की कोशिश में है और बताया कि बी जे पी आसाम में भी ये खेल खेलना चाहती है जिस के लिए हेमंत बिस्वा शर्मा को मोहरा बनाने के लिए इंतेख़ाब भी कर लिया था लेकिन वो कामयाब नहीं हो सकी।

गोका बी जे पी दीगर रियासतों में भी हुकूमत को गिरा देने की साज़िश कर रही है। इन्होंने ये भी इल्ज़ाम आइद किया कि गवर्नर आसाम पद्मनाभा बाला कृष्णा आचार्य रियासती हुकूमत के ख़िलाफ़ मुनज़्ज़म तरीक़े से रज़ाकाराना तन्ज़ीमों (एन जी औज़) को उकसा रहे हैं। ज्योति प्रसाद राजखवा आसाम के साबिक़ चीफ़ सेक्रेटरी हैं और अरूणाचल प्रदेश असेम्बली का इजलास 14 जनवरी की बजाय 16 दिसम्बर‌ को ही तलब कर लिया और एक कम्यूनिटी हाल में बी जे पी के हामीयों और कांग्रेस के बाग़ीयों से साज़-बाज़ करके चीफ़ मिनिस्टर और स्पीकर असेम्बली के ख़िलाफ़ तहरीक अदमे एतेमाद को मंज़ूर करवा लिया था।

गोहाटी हाइकोर्ट ने मदाख़िलत करते हुए रियासती गवर्नर की सरज़निश की और उन्हें मजलिस विज़ारत के मश्वरे से फ़राइज़ अंजाम देने की हिदायत दी। चीफ़ मिनिस्टर और स्पीकर की बरतरफ़ी पर हुक्म अलतवा जारी कर दिया जिसके ख़िलाफ़ गवर्नर ने अपील दायर करने का फ़ैसला किया और इस फ़ैसले से रियासत में सियासी बोहरान पैदा हो गया है।

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