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अरूशी क़त्ल केस : सी बी आई की रिपोर्ट पर वालदैन पर मुक़द्दमा

नई दिल्ली ०७ जनवरी (पी टी आई) दाँतों के डाक्टर मियां बीवी नूपूर और राजेश तलवार को इस वक़्त ज़बरदस्त धक्का लगा जब सुप्रीम कोर्ट ने उन की बेटी आरूशी के क़त्ल पर इन दोनों के ख़िलाफ़ मुक़द्दमा चलाए जाने की राह हमवार कर दी।

नई दिल्ली ०७ जनवरी (पी टी आई) दाँतों के डाक्टर मियां बीवी नूपूर और राजेश तलवार को इस वक़्त ज़बरदस्त धक्का लगा जब सुप्रीम कोर्ट ने उन की बेटी आरूशी के क़त्ल पर इन दोनों के ख़िलाफ़ मुक़द्दमा चलाए जाने की राह हमवार कर दी।

जस्टिस ए के गंगोली और जे एस केहर पर मुश्तमिल एक बंच ने मियां बीवी की जानिब से दाख़िल करदा इस अर्ज़दाशत को मुस्तर्द कर दिया जिस में उन्हों ने ख़ुद उन के ख़िलाफ़ फ़ौजदारी मुआमलात से दसतबरदारी की दरख़ास्त की थी। 2008 में दिल्ली के मज़ाफ़ाती इलाक़ा में तलवार ख़ानदान की कमसिन लड़की आरूशी और उन के घरेलू नौकर हेमराज के क़त्ल ने पूरे मुल्क में सनसनी फैला दी थी।

बंच के मुताबिक़ मजिस्ट्रेट ने अगर नूपूर और राजेश तलवार के ख़िलाफ़ मुक़द्दमा चलाए जाने का फ़ैसला किया है तो ये कोई ग़लत हिदायत नहीं है। याद रहे कि ज़ीरीं अदालत ने सी बी आई की इख़ततामी रिपोर्ट को मुस्तर्द करदिया था और बंच ने अदालत के इस फ़ैसला में दख़ल अंदाज़ी करने से साफ़ इनकार करते हुए कहा कि मजिस्ट्रेट ने भी कुछ सोच समझ कर ही अपना फ़ैसला सुनाया होगा।

लिहाज़ा अपील ख़ारिज की जाती है। ये वज़ाहत भी की गई कि आज जो हुक्म दिया गया है इस के तहत मुल्ज़िमीन के ख़िलाफ़ मुक़द्दमा में कोई जांबदारी नहीं बरती जाएगी। याद रहे कि 14 साला आरूशी जो अपने वालदैन की इकलौती औलाद थी, 15 और 16 मई की दरमयानी शब (2008) में नोएडा में वाक़्य अपने मकान में मुर्दा पाई गई थी। इस का गला कटा हुआ पाया गया था जबकि दूसरे दिन घर के नौकर हेमराज की नाश भी मकान की छत से बरामद हुई थी।

इस मुआमला की इबतिदाई तहक़ीक़ात उत्तरप्रदेश पुलिस ने की थी, जिस ने आरूशी के वालिद राजेश तलवार को 23 मई 2008 को गिरफ़्तार कर लिया था। बादअज़ां इस मुआमला की तहक़ीक़ात 29 मई 2008-ए-को सी बी आई को सौंप दी गई थी और ग़ाज़ी आबाद की एक अदालत से 11 जुलाई 2008-ए-को राजेश तलवार की दरख़ास्त ज़मानत मंज़ूर करली थी।

सी बी आई ने तहक़ीक़ात का सिलसिला ढाई बरस तक जारी रखा और अपनी इख़तेतामी रिपोर्ट में वाज़िह करदिया कि बयादी उल-नज़र में ऐसे कई नकात हैं जिन से ये ज़ाहिर होता है कि दोहरे क़त्ल में मतोफ़ीह के वालदैन ही मुबय्यना तौर पर मुलव्वस हैं।

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