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अलास्का का क़स्बा ताल केत नाजहां का मयूर कोई और नहीं बिल्ली है

दुनिया भर के कई मुल्कों ,शहरों और कस्बों में आम अवाम में से काबुल और बासलाहीयत फ़र्द को मेयर मुंतख़ब किया जाता है लेकिन अमरीका में एक क़स्बा ऐसा भी जहां मयूर कोई इंसान नहीं बल्कि चार पंजों पर चलने वाली बिल्ली है।

दुनिया भर के कई मुल्कों ,शहरों और कस्बों में आम अवाम में से काबुल और बासलाहीयत फ़र्द को मेयर मुंतख़ब किया जाता है लेकिन अमरीका में एक क़स्बा ऐसा भी जहां मयूर कोई इंसान नहीं बल्कि चार पंजों पर चलने वाली बिल्ली है।

अमरीकी रियासत अलास्का के क़स्बेtalkeenatकी मयूर और कोई नहीं15साला बिल्लीसstubbsहै।क़िस्सा कुछ यूं हुआ कि पंद्रह साल पहले900की आबादी वाले इस क़स्बे में अवाम को बतौर मयूर कोई नुमाइंदा पसंद नहीं आया तो उन्हों ने इसी साल पैदा होने वालीstubbsको बतौर एज़ाज़ी मयूर नामज़द करदिया और वो इंतेख़ाबात जीत गई।

बस फिर किया था वो दिन और आज का दिन इस क़स्बे मेंstubbsनामी इस बेज़रर बिल्ली की हुक्मरानी है जो अपनी अवाम पर किसी किस्म के टैक्स आइद करती है और ना ही उन के कामों और निजी मुआमलात में दख़ल अंदाज़ी करती है।अमरीका में सब से ज़्यादा अर्से तक मेयर ज़ रहने वालों में शामिलstubbsने अपने क़स्बे को पसंदीदा सयाहती मुक़ाम बनादिया है जहां रोज़ाना तक़रीबन30से40सय्याह उस की एक झलक पाने के मुंतज़िर नज़र आते हैं।

मुक़ामी और मुल्की सतह पर एक सेलीब्रिटी की हैसियत रखतीstubbsके समाजी नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक पर मद्दाहों की तादाद क़स्बे की आबादी से भी तजावुज़ करते हुए हज़ार तक पहुंच चुकी है।

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