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अल्पसंख्यकों की तालीमी तरक़्क़ी को यक़ीनी बनाने मोदी सरकार संजीदा: नकवी

NEW DELHI, SEP 27 (UNI):- MoS for Minority Affairs (I/C) and Parliamentary Affairs Mukhtar Abbas Naqvi and Md. Shahbaz Ali CMD, NMDFC during the launch of Interactive Voice Response System (IVRS) of National Minorities Development and Finance Corporation (NMDFC), at the inauguration of the Annual Conference of State Channelising Agencies, in New Delhi on Tuesday. UNI PHOTO-9U

नई दिल्ली 05 फरवरी: मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यकों और खास तौर पर मुसलमानों की सामाजिक-आर्थिक तरक़्क़ी के लिए उन्हें शिक्षा से आरास्ता करना सबसे बड़ा चैलेंज है जिस के लिए केंद्र की मोदी सरकार संजीदगी से काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार गरीबों और कमजोर तबक़ात सहित अल्पसंख्यकों को बाइख़तियार बनाना न सिर्फ अपना “राज धर्म” बल्कि अपना “क़ौमी फ़र्ज़” भी मानती है।

नकवी ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि सरकार का वाहिद मक़सद गरीबों, कमजोर तबकों, पसमांदा और अल्पसंख्यकों की ‘आंखों में खुशी और जीवन में ख़ुशहाली लाना है। इसी उद्देश्य के साथ आगे बढ़ते हुए केंद्र सरकार ने इस बार अल्पसंख्यक मंत्रालय के बजट में लगभग 4 सौ करोड़ रुपये का भारी वृद्धि करके। 2017-18 के लिए अल्पसंख्यक मंत्रालय का बजट 4195.48 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो पिछले बजट में 3827.25 करोड़ रुपये था। उन्होंने कहा कि बजट में वृद्धि से अल्पसंख्यकों को सामाजिक, आर्थिक और तालीमी तौर पर बाइख़तियार बनाने में मदद मिलेगी।

नकवी ने कहा कि मोदी सरकार अल्पसंख्यकों को बेहतर शिक्षा देने के साथ उनकी महारत की तरक़्क़ी पर भी ज़ोर दे रही है ताकि अल्पसंख्यक तबक़े के युवाओं को बेहतर रोजगार के मैक़े फ़राहम किराए जा सकें।

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