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अल्लामा ताहिर उल-क़ादरी के दौरा-ए-हैदराबाद को क़तईयत

हैदराबाद ।२८ फरवरी। ( सियासत न्यूज़ ) शेख़ उल-इस्लाम हज़रत अलालामा मौलाना डाक्टर मुहम्मद ताहिर उल-क़ादरी आलमी सदर मिनहाज उल-क़ुरआन का दौरा-ए-हैदराबाद का प्रोग्राम क़तईयत पा चुका है । मौलाना डाक्टर ताहिर उल-क़ादरी हैदराबाद में 5 रो

हैदराबाद ।२८ फरवरी। ( सियासत न्यूज़ ) शेख़ उल-इस्लाम हज़रत अलालामा मौलाना डाक्टर मुहम्मद ताहिर उल-क़ादरी आलमी सदर मिनहाज उल-क़ुरआन का दौरा-ए-हैदराबाद का प्रोग्राम क़तईयत पा चुका है । मौलाना डाक्टर ताहिर उल-क़ादरी हैदराबाद में 5 रोज़ाप्रोग्राम के दौरान क़ुली क़ुतुब शाह स्टेडीयम में दो प्रोग्राम्स के इलावा सिटी कनवेनशन सैंटर में दो रोज़ा प्रोग्राम और दार अस्सलाम में जल्सा-ए-आम के इलावा दीगर प्रोग्राम्स में शिरकत करेंगे।

मौलाना हबीब अहमद उल-हुसैनी ने आज प्रैस कान्फ़्रैंस के दौरान ये बात बताई। उन्हों ने बताया कि गुजरात में डाक्टर ताहिर उल-क़ादरी के प्रोग्राम्स के दौरान चीफ़ मिनिस्टर और हुकूमत गुजरात की सताइश के मुताल्लिक़ जो इत्तिलाआत अख़बारात में शाय हुई हैं वो बिलकुल्लिया तौर पर बेबुनियाद है ।

उन्हों ने बताया कि मिनहाज उल-क़ुरआन इंटरनैशनल नरेंद्र मोदी की कारस्तानीयों की मुज़म्मत करता है और गुजरात के मज़लूमीन के इंसाफ़ केलिए दुआगो है । मौलाना हबीब अहमद उल-हुसैनी ने बताया कि डाक्टर ताहिरउल-क़ादरी नरेंद्र मोदी से वाक़िफ़ नहीं है तो फिर वो कैसे मोदी के मुताल्लिक़ कोई रिमार्क कर सकते हैं।

एजैंसीज़ की जानिब से डाक्टर कादरी के नाम से मंसूब ब्यान की तरदीद करते हुए उन्हों ने मिनहाज उल-क़ुरआन के ज़िम्मेदार की हैसियत से कहा कि हम मोदी को ज़ालिम समझते हैं। गुजरात के प्रोग्राम में वज़ीर-ए-दाख़िला गुजरात की शिरकत केमुताल्लिक़ वज़ाहत करते हुए उन्हों ने कहा कि वज़ीर-ए-दाख़िला गुजरात प्रोग्राम में मदऊ नहीं थे और बिलाइजाज़त शहि नशीन पर पहुंच गए थे ।

शहर हैदराबाद में 5 रोज़ा प्रोग्राम के दौरान मसरुफ़ियात के मुताल्लिक़ बताते हुए कहा कि शेख़ उल-इस्लाम की आमद के बाद 29 फ़बरोरी से दो रोज़ा दरस हदीस ( अक़ाइद ) का आग़ाज़ होगा जो कि क़ुली क़ुतुब शाह स्टेडीयम में मुनाक़िद होंगे । 29 फ़बरोरी और यक्म मार्च को मुनाक़िद होने वाले इसदरस हदीस को उल्मा केलिए मख़सूस रखा गया है जिस में पाँचता छः सौ उल्मा शिरकत करेंगे । इलावा अज़ीं अवाम को भी शिरकत की इजाज़त रहेगी।

यक्म मार्च को भी सिलसिला-ए-दरस हदीस क़ुली क़ुतुब शाह स्टेडीयम में मुनाक़िद होगा जिस में डाक्टर कादरी उल्मा को दरस देंगी। 2 मार्च को दार अस्सलाम में जल्सा-ए-आम मुनाक़िद होगा जिस में डाक्टर अल्लामा ताहिर उल-क़ादरी का ख़ुसूसी ख़िताब होगा । इलावा अज़ीं शेख़ इलजा मआजामिआ निज़ामीया मौलाना मुफ़्ती ख़लील अहमद और जनाब असद उद्दीन अवैसी का ख़िताब होगा।

3 और 4 मार्च को दरस हदीस और उसूल-ए-हदीस का सिटी कनवेनशन सैंटर क़दीम शालीमार गार्डन (नामपली) मैं इनइक़ाद अमल में आएगा जिस में उल्मा को दरस दिया जाएगा। क़ुली क़ुतुब शाह स्टेडीयम और सिटी कनवेनशन सैंटर में मुनाक़िद होने वालेदरस हदीस के प्रोग्राम्स में तर्बीयत हासिल करने वाले उल्मा को डाक्टर कादरी हदीस कीरिवायत करने की सनद हवाले करेंगे जोकि 15 सफ़हात पर मुश्तमिल होगी ।

मौलाना हबीब अहमद उल-हुसैनी ने उल्मा से ख़ाहिश की कि वो दरस में शिरकत के मौक़ा पर पेन और नोट बक्स साथ रखें । 5 मार्च को शेख़ उल-इस्लाम सदर दफ़्तर मिनहाज उल-क़ुरआन , इंडिया (हैदराबाद) की इमारत का इफ़्तिताह अंजाम देंगे और इसी इमारत में क़ायम लड़कीयों के मुदर्रिसा मदरसৃ अलज़हरा ललबनात का भी इफ़्तिताह अंजाम देंगे । बादअज़ांदुबैर पूरा में क़ायम किए गए लड़कों के मुदर्रिसा कलीৃ उल-दावत का इफ़्तिताह अंजाम देंगे । मौलाना डाक्टर ताहिर उल-क़ादरी मीसरम में 4 एकड़ अराज़ी पर मिनहाज वोकेशनल-ओ-डिग्री कॉलिज की इमारत का संग-ए-बुनियाद भी रखेंगे ।

उन्हों ने बताया कि 29 फ़बरोरी ता 4 मार्च मुनाक़िद होने वाले तमाम प्रोग्राम्स का आग़ाज़ रात 9 बजे होगा और हर प्रोग्राम में डाक्टर ताहिर उल-क़ादरी का ख़िताब 3 घंटों पर मुश्तमिल रहेगा । इस मौक़ा पर डाक्टरताहिर उल-क़ादरी के शहरा आफ़ाक़ फ़तवा दहश्तगर्दी और फ़ित्ना-ए-ख़वारिज के अंग्रेज़ी तर्जुमे का हैदराबाद में रस्म इजरा अंजाम दिया गया। रस्म इजरा तक़रीब में मौलाना सय्यद औलिया-ए-हुसैनी कादरी उल-मारूफ़ मुर्तज़ा पाशाह , मौलाना ऑल मुस्तफ़ा कादरी इल्मो सोई अली पाशाह , मौलाना आल-ए-रसूल कादरी इल्मो सोई हसनैन पाशाह , जस्टिस ए गोपाल रेड्डी , जनाब अबदालमनाम हाजी सेठ , जनाब ख़्वाजा ख़लील-उल-ल्लाह , मौलाना सय्यद ममशाद पाशाह कादरी के इलावा दीगर मौजूद थे ।

मौलाना सय्यद ऑलमुस्तफ़ा कादरी अली पाशाह ने डाक्टर ताहिर उल-क़ादरी की शख़्सियत पर रोशनी डालते हुए शुरका का ख़ौरमक़दम किया बादअज़ां जस्टिस ए गोपाल रेड्डी ने किताब के रस्म इजराके बाद ख़िताब करते हुए कहा कि कोई भी मज़हब दहश्तगर्दी की तालीम नहीं देता । उन्हों ने डाक्टर ताहिर उल-क़ादरी की जानिब से तहरीर करदा फ़तवा को बेमिसाल क़रार देते हुए कहा कि इस्लाम के मुताल्लिक़ फैली ग़लत फ़हमियों को दूर करने में ये बेहद मुआविन है । जस्टिस गोपाल रेड्डी ने बतायाकि किसी फ़र्द के इक़दाम को इस के मज़हब से मंसूब करना दरुस्त नहीं है ।

उन्हों ने डाक्टर ताहिर उल-क़ादरी से इस तवक़्क़ो का इज़हार किया कि वो मुस्तक़बिल में इस तरह की मज़ीद कुतुब मंज़र-ए-आम पर लाईंगे । जनाब अबदालमनाम हाजी सेठ ने मेहमानों और शुरका का शुक्रिया अदा किया।

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