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अफ़ज़ल गुरु मसला पर बहस की इजाज़त देने स्पीकर का इशारा

जम्मू, 03 मार्च: (पी टी आई) सयासी जमातों के ग़ैरमामूली दबाओ और ऐवान की कार्रवाई मुसलसल मुतास्सिर होने की बिना स्पीकर जम्मू-ओ-कश्मीर असेंबली ने पार्लीमेंट हमला के मुजरिम अफ़ज़ल गुरु को फांसी दिए जाने पर मुबाहिस की इजाज़त देने का इशारा द

जम्मू, 03 मार्च: (पी टी आई) सयासी जमातों के ग़ैरमामूली दबाओ और ऐवान की कार्रवाई मुसलसल मुतास्सिर होने की बिना स्पीकर जम्मू-ओ-कश्मीर असेंबली ने पार्लीमेंट हमला के मुजरिम अफ़ज़ल गुरु को फांसी दिए जाने पर मुबाहिस की इजाज़त देने का इशारा दिया।

ताहम उन्होंने कहा कि पीर को वो अपना मौक़िफ़ वाज़िह करेंगे। स्पीकर मुबारक गिल ने पी टी आई को बताया कि इस मसला पर बहस होनी चाहीए लेकिन वो पीर को अपने मौक़िफ़ का ऐलान करेंगे। तमाम बड़ी सयासी जमातों बिशमोल हुक्मराँ नैशनल कान्फ्रेंस, अपोज़ीशन पी डी पी और सी पी आई (एम) ने बहस की ताईद की और ऐवान में हर रोज़ तहरीक अलतवा पेश कर रही हैं।

ये जमातें अफ़ज़ल गुरु को फांसी की वजह पैदा शूदा सूरत-ए-हाल पर मुबाहिस की ख़ाहां हैं। ऐवान की कार्रवाई कल पी डी पी, सी पी आई (कट) और पीपल्ज़ डेमोक्रेटिक फ्रंट के एहतिजाज की वजह से मुतास्सिर रही और स्पीकर को ऐवान मुल्तवी करना पड़ा।

स्पीकर ने कहा कि अवाम चाहती हैं कि इस मसला पर बहस हो। टी वी चैनल्स पर इस मौज़ू पर काफ़ी बहस हुई है। वज़ीर-ए-आज़म ने भी इस मसला पर बात की। चीफ़ मिनिस्टर ने भी तब्सिरा किया और अपोज़ीशन जमातें ये मसला ऐवान में उठाना चाहती हैं।

मुबारक गिल ने कहा कि अख़बारात में बड़े ईदारीया शाय हुए। अवाम ने काफ़ी एहतिजाज किया फिर हम इस मसला से फ़रार क्योंकर इख़्तेयार कर सकते हैं। ऐवान में क़ाइद अपोज़ीशन महबूबा मुफ़्ती की ज़ेर-ए-क़ियादत पी डी पी अरकान कल ऐवान में अपनी नशिस्तों से उठ खड़े हुए।

वो प्ले कार्ड्स थामे हुए थे और अफ़ज़ल गुरु की बाक़ियात की हवालगी का मुतालिबा करते हुए ताज़ा सूरत-ए-हाल पर तहरीक अलतवा पर मुबाहिस के लिए इसरार कर रहे थे। सी पी आई (एम) रुकन एम वाय तरेगामी ने भी इस मसला पर बहस के लिए तहरीक अलतवा पेश की।

वो भी अपनी नशिस्त से उठ खड़े हुए और मुबाहिस का मुतालिबा करने लगे। नैशनल कान्फ्रेंस रुकन असेंबली असलम वानी की ज़ेर-ए-क़ियादत पाँच अरकान की क़रारदाद ऐवान में पेश की गई और हुक्मराँ नैशनल कान्फ्रेंस ने भी कल असेंबली में इस मसला पर मुबाहिस के लिए ज़ोर दिया था।

इस दौरान भारतीय गूजर महासभा ने अफ़ज़ल गुरु को फांसी के मसला पर क़ौमी धारे की सयासी जमातों के मौक़िफ़ पर तन्क़ीद की और कहा कि उन्होंने इस मुआमला पर असैंबली को यरग़माल बनालिया है जबकि रियासत के अवाम की हालत की किसी को परवाह नहीं।

रियासती सदर सभा अशफ़ाक़ पोसवाल ने ज़राए इबलाग़ के नुमाइंदों से बातचीत करते हुए कहा कि क़ौमी धारे की सयासी जमातों के मनफ़ी रवैय्या पर हमें तशवीश है। उन्होंने कहा कि रियासत के अवाम की हालत-ए-ज़ार की किसी को परवाह नहीं और ऐसे मुआमला पर आवाज़ें उठाई जा रही हैं जिसका फ़ैसला मुल्क की सुप्रीम कोर्ट ने किया है।

उन्होंने कहा कि रियासत के देही इलाक़ों में रहने वाले अवाम बुनियादी मसाइल जैसे पीने के पानी, सेहत, रोड्स की अदम सहूलीयात और बर्क़ी-ओ-तालीम के इलावा इंफ़रास्ट्रक्चर के फ़ुक़दान ( कमी) से काफ़ी परेशान हैं। लेकिन जारीया असेंबली सेशन के दौरान अफ़ज़ल गुरु मसला पर तात्तुल और तहरीकात अलतवा की बिना उन अहम मसाइल पर बहस की कोई तवक़्क़ो नहीं है।

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