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अफ़्रीकी देशो में इस्लाम फैलाने के लिए लांच हुई ‘याओ कुरान’

 

मैंगोची- देश भर के मुसलमान, मैंगोची टाउन हॉल में मलावी भाषा ‘याओ’ में अनुवादित ‘याओ कुरान’ के पहले संस्करण के प्रक्षेपण का जश्न मनाने के लिए एकत्रित हुए । मुस्लिम एसोसिएशन (एमएएम) के अनुसार याओ कुरान के इस संस्करण के अनुवाद में पूरा एक दशक लगा है।

देश भर के अलग-अलग मस्जिदों से चुने प्रमुख १४ शेखों के दल ने यह अनुवाद किया है जो इस्लाम धर्म के इतिहास में मील के पत्थर के रूप में साबित होगा क्योंकि इस अनुवाद के कारण पुरे क्षेत्र में अधिक से अधिक स्थानीय लोगो को अल्लाह सुभानाव ताला के शब्दो को समझने का मौका मिलेगा।

मलावी समाचार एजेंसी को दिए अपने साक्षात्कार में एमएएम के महासचिव अल्हाजी टवइबू लावे ने कहा की याओ क़ुरान का परिचय इस्लाम धर्म का उत्थान करेगा।

लावे ने कहा की याओ मलावी के अलावा कई पड़ोसी देशो जैसे मोजांबिक, तंज़ानिया, ज़ाम्बिया और ज़िम्बाब्वे में बोली जाती है। इस भाषा को बोलने वाले मुसलमानो की आबादी तक़रीबन ७० प्रतिशत है।

” आप यह जानते हैं की कुरान अरबी भाषा मे लिखी गई है जिसे सभी समझ नहीं सकते और हमें ऐसा लगा की यह ज़रूरी है की कुरान स्थानीय भाषा मे भी लिखी जाये ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोग कुरान पढ़ सके, उन्होंने कहा ”

लावे ने कहा की याओ मे अनुवादित कुरान इस्लाम का प्रचार करने मे मदद करेगी। स्थानीय भाषा मे कुरान न होने के कारण इस के सदस्यो में कमी हो रही थी। हमने अपने काफी सदस्यो को इसलिए खो दिया क्योंकि वे विदेशी भाषा मे कुरान को नहीं समझ पा रहे थे।

लावे ने यह विश्वास दिलाया की एमएएम क़ुरान को और भी स्थानीय भाषाओ मे अनुवादित करेगी जिनमे – लॉमवे, सेना और तुमबुक शामिल हैं ।

समारोह के विशिष्ट अथिति डॉ उल्दी मूसा जो संसद के सदस्य भी हैं उन्होंने कहा की क़ुरान को स्थनीय भाषा मे अनुवादित करने का कारण यह था की लोग क़ुरान को अपनी मात्र भाषा मे समझे। मूसा ने अपने संसाधनों की पेशकश करके, क़ुरान के अनुवादन के कार्य मे एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने मुसलमानो से हर रोज़ कुरान से १० आयतो को पढ़ने के लिए कहा ताकि उससे उनका आध्यात्मिक विकास हो सके।

मूसा ने मुसलमानो को व्यक्तिगत शिक्षा विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा की इससे देश का आर्थिक और सामाजिक विकास होगा और साथ मे इस्लाम को भी बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने मुसलमानो से यह अपील करी की देश के संवैधानिक प्रावधान ” किसी को भी पूजने की आज़ादी” का आदर करें और सभी धर्मो के साथ प्यार से रहे।

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