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आकाश टेबलेट बेहतर वज़ा क़ता के साथ अनक़रीब बाज़ार में : पल्लम राजू

कोज़ी कोड, 26 मार्च: वज़ीर बराए फ़रोग़ इंसानी वसाइल एम एम पल्लम राजू ने आज एक अहम बयान देते हुए कहा कि आकाश टेब्लेट के तीन इक़साम की लॉंचिंग के बाद अब उस की एक बेहतर शक्ल भी अनक़रीब बाज़ार में दस्तियाब होगी। उन्होंने कहा कि वज़ारत की जानिब से

कोज़ी कोड, 26 मार्च: वज़ीर बराए फ़रोग़ इंसानी वसाइल एम एम पल्लम राजू ने आज एक अहम बयान देते हुए कहा कि आकाश टेब्लेट के तीन इक़साम की लॉंचिंग के बाद अब उस की एक बेहतर शक्ल भी अनक़रीब बाज़ार में दस्तियाब होगी। उन्होंने कहा कि वज़ारत की जानिब से आकाश टेबलेट की एक बेहतर शक्ल को मुतआरिफ़ किया जाना एक इंतिहाई अहम क़दम से ताबीर किया जा रहा है। ये एक ऐसा मोबाईल आला होगा जिसे तलबा कहीं भी, किसी भी वक़्त इस्तिमाल कर सकते हैं।

उस की कामयाबी से आज़माईश भी की जा चुकी है। दूसरी और तीसरी इक़साम मंज़रे आम पर आचुकी हैं और अब चौथी क़िस्म भी बहुत जल्द बाज़ार में मुतआरिफ़ की जाएगी। कोज़ी कोड डिस्ट्रिक्ट कांग्रेस कमेटी की एक तक़रीब के मौक़े पर अख़बारी नुमाइंदों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि आकाश टेबलेट की कारकर्दगी हर नए किस्म की शक्ल के साथ साथ बेहतर होती जा रही है।

पहली किस्म से दूसरी किस्म बेहतर रही और दूसरी किस्म से तीसरी क़िस्म भी बेहतर नज़र आरही है। बह अलफ़ाज़ दीगर गुज़रते वक़्त के साथ आकाश टेबलेट की कारकर्दगी में बेहतरी होरही है और वज़ारत भी उस की मज़ीद तरक़्क़ी और बेहतरी की ख़ाहां है। उन्होंने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि सिर्फ़ एक शोबा ऐसा है जहां हमें दरकार कामयाबी नहीं मिली है और वो ये है कि हमें जितने टेब्लेट्स की ज़रूरत है इसके मुताबिक़ उन की बनवाई नहीं हो पारही है।

पल्लम राजू ने इस सिलसिले में तालीमी शोबे का तज़किरा किया और कहा कि मर्कज़ टेब्लेट्स की बेहतरी के लिए मुतअद्दिद पराजेक्ट्स वज़ा कर रही है जिस में सब से अहम नई हाएर तालीमी दरसगाहों का क़ियाम है जिन्हें 12 वीं मंसूबा में शामिल करते हुए मौजूदा दरसगाहों में सहूलियात की फ़राहमी में बेहतरी लाना भी शामिल है। जैसा कि आदाद-ओ-शुमार से ज़ाहिर हो चुका है कि 23 करोड़ बच्चे इबतिदाई तालीम हासिल करते हैं और 11 करोड़ बच्चे हाई स्कूल की तालीम हासिल करते हैं। मर्कज़ का यही मक़सद है कि स्कूल्स, कॉलेज्स और दीगर आला तालीमी दरसगाहों में तालीम के मीआर को बेहतर बनाने मूसिर इक़दामात किए जाएं।

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