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आजम खान के गाय लौटाने पर शंकराचार्य ने कहा, प्रधानमंत्री को सब पता वही गौरक्षकों को सुधारें

दिल्ली: समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान ने हाल ही में शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद महाराज को उनकी भेंट स्वरूप दी गई गाय को लौटा दिया। गोवर्धनपुरी पीठ के शंकराचार्य ने उन्हें यह कोई डेढ़ साल पहले दी थी। लेकिन आजम खान ने गौरक्षकों से भय होने की बात कह उन्हें उनकी गाय लौटा दी।

शंकराचार्य को इसके लिए आजम खान ने लिखे अपने पत्र में कहा कि वर्तमान सरकार में मुस्लिमों में एक भय का माहौल है। कोई भी स्वयंभू गौरक्षक मुझे या मुस्लिम समुदाय को बदनाम करने के लिए उसे नुकसान पहुंचा सकता है या फिर इस खूबसूरत और लाभकारी गाय की हत्या भी कर सकता है।

इसके बाद उन्होंने अपने पत्र में लिखा, “आपकी ओर से दी गई गाय मुझे मजबूरी में वापस करनी पड़ रही है। राजस्थान में गाय ले जाने वाले मुसलमानों को कुछ कथित गौरक्षकों की ओर से नुकसान पहुंचाया गया।”

यह खबर आने के बाद काफी हो-हल्ला मचा था। अब स्वामी अधोक्षजानंद महाराज ने इसको लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि गोरक्षा के नाम पर जो भय का माहौल बना है उसका लेखा-जोखा उन राजनेताओं को करना चाहिए जिन्होंने भय मुक्त समाज व्यवस्था कायम करने की शपथ ली है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी कहा है कि वे कानून अपने हाथ में लेने वाले कथित गोरक्षकों को सुधारने के लिए पहल करें। उन्होंने कहा, “भारत के प्रधानमंत्री ऐसे गोभक्तों के बारे में कुछ दिन पहले अपना बयान दे चुके हैं। इससे जाहिर है कि सारी जानकारियां प्रधानमंत्री जी को भी हैं। वो स्वत: इस पर निर्णय लें कि जिन कारणों से समाज का वातावरण और कानून व्यवस्था की स्थिति खराब होती है। उसे किस तरह सुधारना है।

शंकराचार्य ने कहा कि गाय आजम खान को साल 2013 में इलाहाबाद में आयोजित कुंभ की बेहतर व्यवस्था करने के लिए दी थी। आजम खान खुद भी काली गाय की सेवा करना चाहते थे।

हालांकि शंकराचार्य ने कहा कि सरकार को कानून बनाकर गायों की रक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा, “एक कानूनी लाइन बन जाए कि देश के अंदर गाय को नुकसान पहुंचाने वाले को फांसी की सजा है। जब ये कानून बन जाएगा तो इस पर किसी प्रकार की गफलतखोरी करने का हक न गोभक्तों और न गोकशी करने वालों को होगा।

गौरतलब है कि राजस्थान के अलवर जिले में बिते शनिवार को गौरक्षकों के समूह ने पहलू खान नाम के एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। इसके अलावा पहलू खान के दूसरे साथियों को भी बूरी तरह पीटा था जिसके बाद सभी को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

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