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आजादी के मौके पर दलितों ने ली मैला और मृत पशु न उठाने की शपथ

गुजरात के दलित पिटाई मामले के बाद ऊना में करीब 10 हजार दलितों ने मैला न ढोने और मृत पशुओं को न दफनाने की शपथ ली। यह शपथ दलितों को उनके आंदोलन की अगुवाई कर रहे दलित नेता जिग्नेश मेवाणी ने दिलाई है जिसमें उन्होंने तय किया कि अब कोई दलित मृत पशु की खाल उतारने का और गटर में उतरकर सफाई करने का काम नहीं करेगा। इसके साथ ही दलितों ने सरकार को चेतावनी दी है कि एक महीने में हर दलित परिवार को 5 एकड़ जमीन देने की मांग नहीं मानी गई तो पूरे देश में रेल रोको आंदोलन किया जाएगा। ऊना में दलित महासम्मेलन का आयोजन किया गया था जिसका मकसद दलितों की समस्याओं और मांगों की ओर ध्यान केन्द्रित करना था।  इस सम्मेलन में गुजरात के कई इलाकों से आकर मुस्लिमों ने दलितों के साथ एकजुटता की घोषणा की और दलित मुस्लिम भाई भाई के नारे भी लगाए। जिग्नेश ने  प्रधानमंत्री मोदी के दलितों के प्रति समर्थन को नौटंकी करार दिया। मेवाणी ने कहा कि  जब गुजरात के थानगढ़ में तीन दलितों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, तब मोदी मुख्यमंत्री थे लेकिन तब उन्होंने नहीं कहा कि मुझे गोली मार दो। अब गुजरात के कारण उन पर दबाव क्या बढ़ा तब तो वो दलितों की बात करते हैं।

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