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आतंकवाद को मज़हब‌ से जोड़ना गलत: मुख्तार अब्बास नकवी

नई दिल्ली: मर्कज़ी वज़ीर मुख़तार अब्बास नक़वी ने कहा कि हम-आहंगी हिन्दुस्तान के सेकूलरिज़म का अटूट हिस्सा है और उसे दहशतगर्दी, इंतेहापसंदी के अलावा इन ताक़तों को शिकस्त देने के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए जो समाज को तक़सीम और महाज़ आराई की राह पर लाना चाहते हैं।

मिनिस्टर आफ़ स्टेट पारलिमानी‍ अक़िलीयती उमोर ने आज उनकी रिहायश गाह पर नौजवानों के एक वफ़द से ख़िताब करते हुए कहा कि दहशतगर्दी को किसी मज़हब से मरबूत करना ग़लत है और अगर हम ऐसा करें तो दहशतगर्द अनासिर अपने नापाक मन्सूबों में कामयाब होंगे।

उन्होंने कहा कि हम-आहंगी हमारे हिन्दुस्तान में सेक्युलरिज़म का अटूट हिस्सा है। हमें इस जम्हूरी विरसा का तहफ़्फ़ुज़ करना होगा। हम सेक्युरिज़म‌ को एक हथियार के तौर पर समाज की तरक़्क़ी, भाई चारगी और इत्तेहाद के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। हमें दहशतगर्द अनासिर की साज़िशों से मुहतात रहना चाहिए जो समाज में बाहम लड़ाई पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।

इत्तेहाद-ओ-हम-आहंगी के ज़रिए ही उन्हें शिकस्त दी जा सकती है। नक़वी ने ”इंडिया अगेंस्ट टेररिज्म’ के वफ़द से कहा कि सेक्युलरिज़म के सियासी इस्तेहसाल और फ़िर्कापरस्ती के सियासी मुहर्रिकात पर मबनी प्रोपगंडा को भी रोकने की ज़रूरत है।

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