Friday , September 22 2017
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आबादी के मामले में चीन नहीं भारत नंबर 1 , रिसर्चर ने किया दावा

नई रिसर्च नई बहस को जन्म देती है, ऐसी ही एक नई बहस शुरु हुई है भारत और चीन की आबादी को लेकर । अब तक यही माना जाता रहा कि दुनिया में सबसे अधिक आबादी वाला देश चीन है. लेकिन इसी सप्ताह एक रिसर्चर ने दावा किया है कि चीन की आधिकारिक जनसंख्या को लेकर लगाया गया अनुमान गलत है. इस रिसर्चर का दावा है कि भारत दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है न कि चीन.

ये दावा किया है यी फुक्सियान (Yi Fuxian) ने जो कि विस्कॉन्सिन-मैडिसन यूनिवर्सिटी में शोधकर्ता हैं। चीन की पेकिंग यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम के दौरान यह दावा किया गया. द वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट में साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के हवाले से बताया गया है, रिसर्चर यी का कहना है कि चीन में साल 1991 से लेकर 2016 तक केवल 377.6 मिलियन जन्म हुए. ये आधिकारिक आंकड़े, 464.8 मिलियन से काफी कम है.

इस तरह से चीन की आधिकारिक जनसंख्या लगभग, वर्तमान में, 1.38 अरब है, जोकि गलत है. इसकी बजाय यह 90 मिलियन कम होनी चाहिए. उन्हें लगता है कि वास्तविक आंकड़ा 1.29 अरब है और भारत की आबादी फिलहाल अनुमानत 1.32 अरब है.

यी के इस दावे की चर्चा भारत और चीन में नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों में हो रही है। अगर यी सही हैं तो इसके नतीजे बहुत ज्यादा विकराल होंगे. यदि ये दावे सही हुए तो इसका अर्थ हुआ कि भारत ने चीन से दुनिया के सबसे बड़े देश का तमगा पहले ही छीन लिया है.
आबादी के मामले में भारत चीन से आगे निकलेगा , इसके लिए यूनाइटेटड नेशन्स ने 2022 साल तक का अनुमान लगाया था. इसका मतलब यह भी हुआ कि चीन की जनसंख्या तमाम अनुमान और दुनिया के कयासों के मुकाबले कहीं ज्यादा धीमी थी.

यी के मुताबिक यह विवाद उन्हें हैरान नहीं करता और वह अपनी 2013 में आई किताब में पहले ही यह कह चुके हैं कि चीन के ऑफिशल एस्टीमेट्स गलत हैं. हुनान प्रांत में पैदा हुए यी 1999 में अमेरिका शिफ्ट हो गए थे. यी ने परिवार नियोजन से जुड़े चीन के बेहद सख्त नियमों के खिलाफ लंबे समय तक अभियान चलाया है, खासतौर से वन चाइल्ड पॉलिसी के लिए.

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