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आम बजट की आज लोक सभा में पेशकशी

टैक्स अदा करने वालों को वज़ीर फायनेंस परनब मुकर्जी से कुछ ना कुछ राहत की ज़रूर उम्मीद रहेगी जो तवक़्क़ो है इनकम टैक्स इस्तिस्ना की हद को बढ़ाकर कम अज़ कम 2 लाख रुपय करते हुए अपनी बजट तजावीज़ बराए 2012१3 पेश करेंगे जिन्हें कल लोक सभा में मुत

टैक्स अदा करने वालों को वज़ीर फायनेंस परनब मुकर्जी से कुछ ना कुछ राहत की ज़रूर उम्मीद रहेगी जो तवक़्क़ो है इनकम टैक्स इस्तिस्ना की हद को बढ़ाकर कम अज़ कम 2 लाख रुपय करते हुए अपनी बजट तजावीज़ बराए 2012१3 पेश करेंगे जिन्हें कल लोक सभा में मुतआरिफ़ किया जाएगा।

वज़ीर फायनेंस दीगर टैक्स ज़मरों के 10, 20 और 30 फ़ीसद वाले सिलाबस में भी क़दरे इज़ाफ़ा कर सकते हैं। डायरेक्ट टेक्सस कोड (डी सी सी) बिल ने भी इस का तज़किरा किया है। ताहम डी टी सी जो इनकम टैक्स ऐक्ट 1961 की जगह लेगा, 2013-14 से लागू होगा और वज़ीर मौसूफ़ इस बारे में रस्मी ऐलान अपनी बजट तक़रीर में कर सकते हैं।

पार्लीमैंट की स्टैंडिंग कमेटी जिसने डी टी सी बिल की तन्क़ीह की है, वो पहले ही अपनी रिपोर्ट लोक सभा स्पीकर को पेश कर चुकी है। अगरचे इस कमेटी ने टैक्स असतसनाई हद को 3 लाख रुपय तक बढ़ा देने की तजवीज़ रखी थी, लेकिन ऐसा मुम्किन नहीं है कि मिस्टर मुकर्जी इस के लिए इत्तिफ़ाक़ करेंगे जिस का तनाज़ुर मालीयाती ख़सारे पर क़ाबू पाने की ज़रूरत है। चूँकि रियायतों के लिए महिदूद गुंजाइश है, इसलिए बजट में मक़बूल स्कीमात के मुआमला में तवाज़ुन रहने का इम्कान है जबकि टैक्स चोरी और काला धन की पैदावार के इंसेदाद के लिए बाअज़ सख़्त इक़दामात पेश किए जाऐंगे।

ताहम हालिया इख्तेताम पज़ीर रियास्ती असेंबली इंतेख़ाबात में नाकामियों के पस-ए-मंज़र में मिस्टर मुकर्जी मआशी इस्लाहात जैसे मल्टी ब्रांड रीटेल मैं एफ डी आई और बैरूनी सरमाया कारी के लिए बीमा शोबा को मज़ीद खोल देने के मुआमला में जिद्दत का मुज़ाहिरा नहीं करेंगे। कार के इम्कानी ख़रीदारों के लिए कुछ बुरी ख़बर भी होसकती है क्योंकि हुकूमत वसाइल इकट्ठा करने के लिए लक्जरी आइटम्स ( Luxury Items) पर मुहासिल बढ़ा सकती है।

मिस्टर मुकर्जी को दरपेश सब से बड़ा चैलेंज शरह मआशी तरक़्क़ी में इन्हितात को रोकना है जो मौजूदा मालीयाती साल तीन बरस की सब से नीची शरह 6.9 फ़ीसद तक पहुंच जाने का अंदेशा है जबकि गुज़श्ता दो साल में ये 8.4 फ़ीसद से घटती आ रही है। मज़ीद ये कि हुकूमत अगले माली साल के लिए सरकारी हिसस की फ़रोख्त का निशाना 30 हज़ार करोड़ रुपय मुक़र्रर करने का इम्कान है।

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