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आयत-उल्लाह ख़ामना ई और अहमदी नज़ाद से मनमोहन सिंह की मुलाक़ात

आमिर अली ख़ान - वज़ीर-ए-आज़म(प्रधान मंत्री) मनमोहन सिंह ने आज ईरान के रहनुमा आयत-उल्लाह ख़ामना ई और सदर ईरान महमूद अहमदी नज़ाद से मुलाक़ात की । मुलाक़ातों के दौरान इन क़ाइदीन ने ईरान के मुतनाज़ा न्यूक्लियर प्रोग्राम , अफ़्ग़ानिस्

आमिर अली ख़ान – वज़ीर-ए-आज़म(प्रधान मंत्री) मनमोहन सिंह ने आज ईरान के रहनुमा आयत-उल्लाह ख़ामना ई और सदर ईरान महमूद अहमदी नज़ाद से मुलाक़ात की । मुलाक़ातों के दौरान इन क़ाइदीन ने ईरान के मुतनाज़ा न्यूक्लियर प्रोग्राम , अफ़्ग़ानिस्तान की सूरत-ए-हाल , शाम में कशीदगी और दीगर अहम बाहमी(आपसी) ताल्लुक़ात बशमोल तिजारती-ओ-मआशी ताल्लुक़ात में इज़ाफ़ा पर तबादला-ए-ख़्याल किया ।

दोनों क़ाइदीन ने न्यूक्लियर मसला पर भी तबादला-ए-ख़्याल किया और हिंदूस्तान ने उम्मीद ज़ाहिर की कि P5+1 मुज़ाकरात में अहम पेशरफ़्त होगी । दोनों क़ाइदीन ने बाहमी(आपसी) ताल्लुक़ात का मुकम्मल जायज़ा लिया और उन्हें मज़ीद मुस्तहकम करने की एहमीयत पर ज़ोर दिया ।

वज़ीर-ए-आज़म(प्रधान मंत्री) मनमोहन सिंह ने ईरान से ख़ाहिश की कि हिंदूस्तान से ज़्यादा मिक़दार में दरआमदात (आयात) की जाएं ताकि तिजारती अदम तवाज़ुन दूर किया जा सके । हिंदूस्तान से ईरान को बरामदात(निर्यात ) का अहया होना चाहीए । वज़ीर-ए-आज़म(प्रधान मंत्री) ने हिंदूस्तान से ईरान को बरामदात(निर्यात ) में इज़ाफ़ा पर ज़ोर दिया ।

एक ख़ुसूसी ख़ैर सगाली अलामत ज़ाहिर करते हुए सदर ईरान ने आज वज़ीर-ए-आज़म(प्रधान मंत्री) मनमोहन सिंह के एज़ाज़ में एक ज़याफ़त का एहतिमाम किया । ग़ैर जांबदार तहरीक की चोटी कान्फ़्रैंस में शिरकत के लिए आने वाले क़ाइदीन में से मनमोहन सिंह वाहिद क़ाइद हैं जिन के एज़ाज़ में दावत का एहतिमाम किया गया है। ग़ैर मुस्लिम अहम शख़्सियात में से ईरान के आला तरीन क़ाइद आयत-उल्लाह ख़ामना ई ने एक ख़ुसूसी ख़ैरसगाली का मुज़ाहरा करते हुए सिर्फ वज़ीर-ए-आज़म(प्रधान मंत्री) मनमोहन सिंह से तबादला-ए-ख़्याल किया ।

उन्हों ने हालिया बरसों में हिंदूस्तान की तरक़्क़ी की सताइश की । उन्हों ने हिंदूस्तानी क़ाइदीन आँजहानी महात्मा गांधी और आँजहानी वज़ीर-ए-आज़म पण्डित जवाहर लाल नहरू को याद किया जबकि उन की मुलाक़ात वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह से हो रही थी ।

उन्हों ने गांधी जी की ज़हानत और उन के दरख़शां किरदार से मुतास्सिर होने का इद्दिआ(दावा) क्या । ख़ामना ई ने पण्डित नहरू के ख़्यालात का भी तज़किरा किया जो उन के बमूजब गांधी जी की जद्द-ओ-जहद से मुतास्सिर होने का नतीजा थे । ईरान के आला तरीन क़ाइद ने कहा कि इन नज़रियात की वजह से पण्डित नहरू को ग़ैर जांबदार तहरीक के क़ियाम में मदद मिली ।

वज़ीर-ए-आज़म(प्रधान मंत्री) मनमोहन सिंह ने सदर ईरान महमूद अहमदी नज़ाद को दुबारा सदर मुंतख़ब होने (चुने जाने)पर मुबारकबाद और नेक ख़ाहिशात भी पेश कीं और कहा कि हिंदूस्तान ईरान में एक सक़ाफ़्ती मर्कज़ क़ायम करेगा । हुकूमत ईरान की जानिब से इस मर्कज़ के क़ियाम की इजाज़त देने पर उन्हों ने अहमदी नज़ाद का शुक्रिया पर अदा किया ।

हिंदूस्तानी और ईरानी अवाम के सक़ाफ़्ती-ओ-मज़हबी रिश्तों पर रोशनी डालते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि ये दोनों ममालिक के दरमयान आइन्दा तआवुन की बेहतरीन बुनियाद साबित होंगे ।

अहमदी नज़ाद ने कहा कि ईरानीअवाम हिंदूस्तान के साथ मुसबत सक़ाफ़्ती ताल्लुक़ात रखते हैं । दोनों क़ाइदीन ने इत्तिफ़ाक़ किया कि बाहमी(आपसी) ताल्लुक़ात में इज़ाफ़ा ज़रूरी है । खासतौर पर इनफ़रास्ट्रक्चर की तरक़्क़ी के प्रोजेक्ट स में तवील मुद्दती तआवुन के बेहतर असरात मुरत्तिब होंगे ।

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