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आरएसएस, अफवाहें फैलाने वाले संगठन:जयपाल रेड्डी

हैदराबाद 06 नवम्बर : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री एस जयपाल रेड्डी ने आरएसएस को अंग्रेजों का एजेंट और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को गुजरात सड़क का नेता करार देते हुए भाजपा पर आरोप लगाया कि वह कांग्रेस के नेता सरदार पटेल से जोड़ते हुए उन्हें अपना मामा करार देने की कोशिश कर रही है।

हैदराबाद के पुलिस कार्रवाई या कश्मीर का स्वतंत्र स्टैंड या फिर अखंड भारत नेहरू। पटेल और तत्कालीन कैबिनेट का संयुक्त फैसला था। लेकिन भाजपा सरदार पटेल की प्रशंसा करते हुए नेहरू का अपमान कर रही है। गांधी भवन में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात बताई।

इस मौके पर सदर तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी कैप्टन उत्तम कुमार रेड्डी उपाध्यक्ष मिलो रवि भी मौजूद थे। जयपाल रेड्डी ने कहा कि जवाहर लाल नेहरू और सरदार वल्लभ भाई पटेल कांग्रेस के दोनों आँखें थीं ऑपरेशन पोलो हैदराबाद का विलय भारतीय राज्य कश्मीर का रुख देश के छोटे-बड़े सभी राजा महाराजा, राजोड़ों की भारतीय राज्य में शामिल सभी नेहरू पटेल और समय केंद्रीय मंत्रिमंडल के संयुक्त निर्णय था। लेकिन भाजपा के सभी नेता सरदार पटेल को नायक और नेहरू को खलनायक की तरह पेश कर रहे हैं। आरएसएस के असली अर्थ (रोमरस स्सपरीडिंग सोसाइटी) अफवाहें फैलाने वाली संस्था है।

इतिहास को विकृत करते हुए युवा पीढ़ी को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। जब गांधी जी ने भारत छोड़ दिया आंदोलन का नारा दिया था। इस समय भारतीय जनसंघ के प्रमुख मौजूदा भाजपा के वैचारिक गुरु श्यामा प्रसाद मुखर्जी ब्रिटिश सरकार में मंत्री थे। देश के सारे जनता अंग्रेजों के खिलाफ लड़ रहे थे। इस समय आरएसएस अंग्रेजों के एजेंट बनी हुई थी।

इस समय श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अखंड भारत का विरोध किया था क्योंकि यूनाइटेड बंगाल में मुसलमानों का बहुमत था और उन्होंने बंगाल हिंदुओं का नारा दिया था। वह खुद पाकिस्तान की स्थापना के समर्थक थे। कांग्रेस पार्टी विभाजन की विरोधी थी। लेकिन तब स्थिति और मजबूरियों के तहत यह स्वीकार करना पड़ा।

पाकिस्तान के खिलाफ कांग्रेस ने ही युद्ध की थी। इस समय कई देशों सहित अमेरिका, रूस, चीन, इंग्लैंड के अलावा अन्य देशों युद्ध के खिलाफ थे। राजनयिक संबंधों और स्वार्थों मज़ा के तहत भारत ने संघर्ष विराम के लिए सहमत किया। अधिकृत कश्मीर को इस समय कई समस्याओं थे। कांग्रेस के कई नेताओं ने आजादी के लिए जेल की सावबतें धीरज की।

भाजपा का कोई भी नेता भी जेल नहीं गया। सरदार पटेल और नेहरू के बीच पत्राचार हुआ करती थी। नेहरू ने पटेल की एक राय से असहमत नहीं किया। सरदार पटेल देश के पहले उप प्रधानमंत्री के साथ गृह मंत्री थे महत्वपूर्ण कलमदान उनके पास था इसलिए वह हर मामले में शामिल रहे। मगर उन्होंने कोई भी अकेले फैसला नहीं किया। जिस तरह आज भाजपा के नेताओं पेश करते हुए युवा पीढ़ी को गुमराह कर रहे हैं।

वाजपेयी पसंदीदा नेता नेहरू थे। पाकिस्तान के साथ सर्जिकल स्ट्राइक भाजपा राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश करते हुए देश को कठिनाइयों का सामना कर रही है। जबकि वह यूपी सरकार में मंत्री थे, तब पाकिस्तान के खिलाफ तीन सर्जिकल हमले किए गए थे। यह संवेदनशील मुद्दा है कांग्रेस ने इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया। भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के गठन के बाद कश्मीर के हालात खराब हो गए हैं। भाजपा में कोई स्वतंत्रता सेनानी नहीं है और ना ही कोई नेता जेल गया है।

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