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आर एस् एस् के आक़ाऒ को ख़ुश करने अनवर मानपाड़े की ग़लत बयानबाज़ी

बीदर। 2 फरवरी ( सियासत डिस्ट्रिक्ट न्यूज़) जनाब क़मर उल-इस्लाम रुकन असैंबली गुलबर्गा-ओ-रुकन कर्नाटक स्टेट वक़्फ़ बोर्ड ने ओक़ाफ़ी ज़मीन पर उन की जानिब से क़बज़ा करने से मुताल्लिक़ लगाए गए इल्ज़ाम को ग़लत और बेबुनियाद क़रार देते ह

बीदर। 2 फरवरी ( सियासत डिस्ट्रिक्ट न्यूज़) जनाब क़मर उल-इस्लाम रुकन असैंबली गुलबर्गा-ओ-रुकन कर्नाटक स्टेट वक़्फ़ बोर्ड ने ओक़ाफ़ी ज़मीन पर उन की जानिब से क़बज़ा करने से मुताल्लिक़ लगाए गए इल्ज़ाम को ग़लत और बेबुनियाद क़रार देते हुए मुतालिबा किया है कि कर्नाटक अक़ल्लीयती कमीशन के चेयरमैन अनवर मानपाड़े इस ज़िमन में ग़ैर मशरूत तौर पर माफ़ी मांगें या उन पर आइद करदा इल्ज़ामात का सबूत पेश करें या अक़ल्लीयती कमीशन की चेयरमैन शिप से मुस्ताफ़ी होजाएं। उर्दू सहाफ़त से गुफ़्तगु करते हुए क़मर उल-इस्लाम ने बताया कि अनवर मानपाड़े ने जिस सर्वे नंबर 12 नूर बाग़ रोज़ा गुलबर्गा की 8एकड़ 4गनटे अराज़ी पर नाजायज़ क़बज़ा करने का इल्ज़ाम आइद किया है इस से उन का कोई ताल्लुक़ नहीं ही। जबकि ये अराज़ी निज़ाम सलतनत हैदराबाद के सूबेदार की बीवी नूर जहां ने सय्यद ग़ुलाम दस्तगीर नामी शख़्स को फ़रोख़त की थी,

और साल 1945-ए-से ये अराज़ी ग़ुलाम दस्तगीर के नाम पर ही। क़मर उल-इस्लाम ने बताया कि साबिक़ वज़ीर इसके कान्ता जो अंक कट्टर सयासी हरीफ़ होने के इलावा इंतिख़ाबात में कई बार उन के ख़िलाफ़ शिकस्त खा चुके हैं के एक ब्यान की बुनियाद पर अनवर मानपाड़े ने उन पर ग़लत इल्ज़ाम आइद किया है जबकि उन्हें मालूम होना चाहीए कि वो अक़ल्लीयती कमीशन जैसे बावक़ार इदारा के चेयरमैन हैं। उन्हों ने कहा कि साबिक़ में वो भी कमीशन हज़ा के चेयरमैन रह चुके हैं और गुज़श्ता 40 बरसों से उन की सयासी इमेज बेदाग़ रही ही। उन्हों ने बताया कि मानपाड़ी इस तरह के ब्यानात के ज़रीया वो आर ऐस उसके आक़ाॶं को ख़ुश करने की कोशिश कररहे हैं।

क़मर उल-इस्लाम ने कहा कि चाहीए तो ये था कि मिस्टर मानपाड़ी सिंदगी का दौरा करती, जहां पर राम सेना के कारकुनों ने पाकिस्तानी पर्चम लहरा कर फ़िर्कावाराना मुनाफ़िरत फैलाने की मज़मूम कोशिश की थी।जिस तरह मुस्लिम लीजसलीचरस फ़ोर्म ने राम सेना पर पाबंदी आइद करने का मुतालिबा क्या वो भी ये मुतालिबा करती। इलावा अज़ीं पब्लिक सरवेस कमीशन में एक भी मुस्लिम नुमाइंदा ना होने के बाइस जो दुश्वारियां पेश आरही हैं इस की रियास्ती हुकूमत को रिपोर्ट पेश करते हुए अपने ओहदा का ग़लत इस्तिमाल करते हुए मुस्लिम इदारों और मिल्लत को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।

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