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आलमे दीन अबू क़तादा की अरदन को हवालगी ख़ारिज अज़ इमकान, बर्तानवी अदालत का फ़ैसला

लंदन, 28 मार्च: हुकूमत बर्तानिया की अपील आज नाकामी का शिकार होगई जो इस ने बुनियाद परस्त आलमे दीन अबूक़तादा की अरदन को हवालगी रोकने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ की थी। अदालते मुराफ़ा की 3 रुकनी बेंच ने अबू क़तादा को इंतिहाई ख़तरनाक शख़्स क़रार दिया,ल

लंदन, 28 मार्च: हुकूमत बर्तानिया की अपील आज नाकामी का शिकार होगई जो इस ने बुनियाद परस्त आलमे दीन अबूक़तादा की अरदन को हवालगी रोकने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ की थी। अदालते मुराफ़ा की 3 रुकनी बेंच ने अबू क़तादा को इंतिहाई ख़तरनाक शख़्स क़रार दिया,लेकिन कहा कि उस की वजह से उन्हें अरदन के हवाले नहीं किया जा सकता क्योंकि ऐसा करना इंसानी हुक़ूक़ की ख़िलाफ़वरज़ी होगी।

इस फ़ैसले के बाद बर्तानिया की वज़ीरे ख़ारजा थरीसामे को एक बड़ा सदमा पहुंचा क्योंकि उन्होंने दारुल अवाम को गुज़िश्ता साल यक़ीन‌ दिलाया था कि क़तादा तय्यारा में सवार करदिए जाएंगे और मुल्क की बेहतरी के लिए उन्हें बर्तानिया से ख़ारिज कर दिया जाएगा। समझा जाता हैकि क़तादा यूरूप में अलक़ायदा के मज़हबी रहनुमा हैं और बर्तानिया के इंतिहाई मुमताज़ अस्करियत पसंदी के हामी हैं।

वो 20 साल पहले सयासी पनाह तलब करते हुए बर्तानिया मुंतक़िल हुए थे। अदालते मुराफ़ा के जजों ने तहत की अदालत के फ़ैसले की तौसीक़ करदी, जिस के बमूजब उन्हें बर्तानिया में क़ियाम की इजाज़त दी गई थी। जजों ने कहा कि ये हक़ीक़त हैकि वो बर्तानवी अवाम के लिए ख़तरा हैं,लेकिन इस बुनियाद पर उन्हें मुल्क से ख़ारिज करके किसी दूसरे मुल्क की तहवील में नहीं दिया जा सकता।

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