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आला तालीम के साथ तहज़ीब भी ज़रूरी

परभणी, 05 फरवरी: उर्दू ज़बान उर्दू मदारिस की वजह से ज़िंदा है। इन ख़्यालात का इज़हार शाह मज़हर फ़ारूक़ी डायरेक्टर मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनीवर्सिटी के मर्कज़ पेशा वाराना फ़रोग़ बराए असातिज़ा उर्दू ज़रीया तालीम ने परभणी में मुनाक़िदा पाँच र

परभणी, 05 फरवरी: उर्दू ज़बान उर्दू मदारिस की वजह से ज़िंदा है। इन ख़्यालात का इज़हार शाह मज़हर फ़ारूक़ी डायरेक्टर मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनीवर्सिटी के मर्कज़ पेशा वाराना फ़रोग़ बराए असातिज़ा उर्दू ज़रीया तालीम ने परभणी में मुनाक़िदा पाँच रोज़ा तरबियती कैंप की इफ़्तिताही तक़रीब में सदारती ख़िताब से किया। मेहमानान ख़ुसूसी की हैसियत से ज़िला एस पी संदीप पाटल-ओ‍डा. दोस्त मुहम्मद ख़ान औरंगाबाद अल्हाज मज़हर अलीख़ान सय्यद अहमद हाश्मी शरीक थे।

इस मौक़े पर मज़हर फ़ारूक़ी ने कहा कि मौलाना आज़ाद यूनीवर्सिटी उर्दू की ख़िदमात के लिए पूरी तरह सरगर्म है। हमारा मक़सद मुल्क के तमाम उर्दू असातिज़ा को एक दूसरे से जोड़ना है। जिस के लिए अनक़रीब हैदराबाद में एक कैंप भी रखा जा रहा है। इस तरह परभणी यह औरंगाबाद में मौलाना आज़ाद यूनीवर्सिटी का सब सैंटर खोलने की कोशिश जारी है।

उन्हों ने कहा कि तालीम ही इंसान को इंसान बनाती है। उन्होंने कहा कि आला तालीम ज़रूर हासिल करें। लेकिन‌ अपनी तहज़ीब को ना भूलें इस मौक़े पर ज़िला एस पी संदीप पाटल ने कहा कि परभणी में तालीमी माहौल देखने को मिल रहा है। तालीम ही अज़ीम पेशा है । बच्चे का ताल्लुक़ ख़ानदान के बाद स्कूल से ही होता है। उन्होंने असातिज़ा से ख़ाहिश की है कि वो तलबा को अपना बच्चा समझकर बरताव‌ करें।

अबदुर्रशीद इंजीनियर‌ ने कहा कि पाँच रोज़ा तरबियती कैंप में 65 असातिज़ा तरबियत हासिल कर रहे हैं। इस तरबियती कैंप में 33 सेशन रखे गए हैं। जिन को 13 रिसोर्स परसन तरबियत दें रहे हैं। इस इफ़्तिताही तक़रीब की निज़ामत मिसबाहुल नज़र ने की शुक्रिया आमिर ने अदा किया। इस तक़रीब में शहर के मोअज़्ज़िज़ीन के इलावा असातिज़ा की कसीर तादाद शरीक थी।

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