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आला मोआशी तरक़्क़ी की शरह बरक़रार रहने की तवक़्क़ो

नई दिल्ली। 18 अक्तूबर (पी टी आई) मईशत में सुस्त रवी के दौरान वज़ीर फ़ीनानस परनब मुकर्जी ने इस यक़ीन का इज़हार किया कि मुल़्क आला मआशी तरक़्क़ी की शरह बरक़रार रखने में कामयाब रहेगा और वस्त-ओ-तवील मुद्दत में ये शरह 8.5 ता 9 फ़ीसद होगी। परनब

नई दिल्ली। 18 अक्तूबर (पी टी आई) मईशत में सुस्त रवी के दौरान वज़ीर फ़ीनानस परनब मुकर्जी ने इस यक़ीन का इज़हार किया कि मुल़्क आला मआशी तरक़्क़ी की शरह बरक़रार रखने में कामयाब रहेगा और वस्त-ओ-तवील मुद्दत में ये शरह 8.5 ता 9 फ़ीसद होगी। परनब मुकर्जी ने ए डी बी । इंडिया पार्टनरशिप सिलवर जुबली तक़ारीब से ख़िताब करते हुए ये बात कही। उन्हों ने बताया कि जहां तक दरमयानीता तवील मुद्दती मंसूबा का ताल्लुक़ है, आला जी डी पी शरह तरक़्क़ी बरक़रार रखे हुए है और ये 8.5 ता 9 फ़ीसद है, ताहम उन्हें ज़्यादा चौकस रहते हुए उभरते चैलेंजस और तशवीश पर फ़ौरी रद्द-ए-अमल का इज़हार करना होगा। इन चैलेंजस से बरवक़्त निमटते हुए हम अपने मक़सद में कामयाब होसकते हैं और एक नए और तेज़ रफ़्तार तरक़्क़ी याफ़ता मलिक को यक़ीनी बना सकते हैं। दीगर ममालिक की तरह ग़िज़ाई सलामती और क़ीमतों में अदम तवाज़ुन हिंदूस्तान केलिए भी बाइस तशवीश है। परनब मुकर्जी ने कहा कि ज़रई पैदावार में इज़ाफ़ा को यक़ीनी बनाने की ज़रूरत है और हम ये तस्लीम करते हैं कि यही इस मसला का देरीना और मुस्तक़िल हल है। इस के साथ साथ क़ीमतों में ग़िज़ाई अशीया की क़ीमतों को मअसिर तौर पर कंट्रोल में करने केलिए भी यही वाहिद रास्ता है। इनफ़रास्ट्रक्चर के फ़रोग़ के बारे में परनब मुकर्जी ने कहा कि ये शोबा पैदावार में इज़ाफ़ा और तरक़्क़ी की रफ़्तार को बरक़रार रखने के मुआमले में नुमायां एहमीयत का हामिल है। 12 वीं पंच साला मंसूबा (012 -ए-ता 2017य-ए-) में इनफ़रास्ट्रक्चर के शोबा में एक टरीलीन डालर की सरमाया कारी का ग़ैरमामूली निशाना मुक़र्रर किया गया है। मुल्क में इनफ़रास्ट्रक्चर के फ़रोग़ के मुआमले में ए डी बी के रोल को नुमायां करते हुए परनब मुकर्जी ने कहा कि इस शोबा में अवामी । ख़ानगी पार्टनरशिप के फ़रोग़ केलिए इस ने ग़ैरमामूली और तकनीकी मदद फ़राहम की है। हमें इस अहम शोबा में इश्तिराक को मज़ीद वुसअत देने की ज़रूरत है। इस शोबा में ग़ैरमामूली सरमाया कारी को मल्हूज़ रखते हुए ज़्यादा से ज़्यादा इक़दामात किए जाने चाहिऐं। माहौलियाती तहफ़्फ़ुज़ का निशाना पूरे करने केलिए भी उन्हें मुतबादिल और काबुल तजदीद तवानाई के वसाइल से इस्तिफ़ादा करना होगा। उन्हों ने तवक़्क़ो ज़ाहिर की कि ए डी बी मुतबादिल तवानाई के वसाइल और टैक्नोलोजी के फ़रोग़ के साथ साथ तमाम महाज़ों पर तवानाई के तहफ़्फ़ुज़ केलिए मूसिर इक़दामात यक़ीनी बनाने मुम्किना तआवुन करेगी। परनब मुकर्जी ने मुल़्क की मआशी सूरत-ए-हाल का तज़किरा करते हुए कहा कि बैन-उल-अक़वामी सतह पर कसादबाज़ारी और सुस्त रवी के असरात का हम भी शिकार हुए हैं। उन्हों ने कहा कि इस सूरत-ए-हाल से निमटने केलिए हुकूमत मुम्किना इक़दामात कररही है।

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