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आसाम की कांग्रेस हुकूमत तशद्दुद पर क़ाबू पाने में नाकाम, अपोज़ीशन लीडर बदर उद्दीन अजमल का दावा

गोहाटी, १४ नवंबर (पीटीआई) आसाम में जारीया मुख़ालिफ़ बैरूनी शहरी एजीटेशन को एक बी जे पी ज़ेर क़ियादत तहरीक क़रार देते हुए असल अपोज़ीशन पार्टी ऑल इंडिया यूनाईटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (ए आई यू डी एफ़) ने आज कहा कि इससे मसला फ़िर्कावाराना रंग इख़त

गोहाटी, १४ नवंबर (पीटीआई) आसाम में जारीया मुख़ालिफ़ बैरूनी शहरी एजीटेशन को एक बी जे पी ज़ेर क़ियादत तहरीक क़रार देते हुए असल अपोज़ीशन पार्टी ऑल इंडिया यूनाईटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (ए आई यू डी एफ़) ने आज कहा कि इससे मसला फ़िर्कावाराना रंग इख़तियार कर सकता है।

इस ने आसाम की कांग्रेस हुकूमत को भी बोडोलैंड टेरीटोरीयल एरिया डिस्ट्रिक्टस (बी टी ए डी) ख़ित्ते की सूरत-ए-हाल पर क़ाबू पाने और गै़रक़ानूनी अस्लाह को ज़ब्त करने में नाकामी का मौरिद इल्ज़ाम ठहराया। सदर ए आई यू डी एफ़ और रुकन लोक सभा मौलाना बदर उद्दीन अजमल ने कहा, ये कोई विदेशी आंदोलन नहीं है।

ये बी जे पी आंदोलन है। इस मर्तबा एजीटेशन की क़ियादत बी जे पी कर रही है और ये आसाम के लिए परेशानी पैदा कर सकता है और सूरत-ए-हाल को फ़िर्कावाराना बना सकता है। उन्होंने इल्ज़ाम आइद किया कि बी जे पी फ़िर्कावाराना जज़बात भड़काने की कोशिश कर रही है क्योंकि इसके पास कोई दीगर ( दूसरा) मसला नहीं जिस के साथ वो आसाम में आने वाले पंचायत चुनाव से क़बल वोटरों से रुजू हो सके।

उन्होंने कहा कि सयासी जमातें गै़रक़ानूनी तारकीन-ए-वतन का पता चलाने और उन्हें मुल्क वापस भेजने के ताल्लुक़ से संजीदा नहीं हैं और ये मसला सिर्फ़ इलेक्शन के वक़्त उठाते हैं। मौलाना अजमल ने कहा कि रियास्ती हुकूमत भी बदस्तूर ख़ामोश रही जब लोगों ने मुख़ालिफ़ बैरूनी शहरी एजीटेशन के नाम पर क़ानून अपने हाथों में लिया है।

उन्होंने कहा कि बे टी ए डी ख़ित्ते में अवाम के हाथों में बड़ी तादाद में गै़रक़ानूनी अस्लाह के नतीजे में वक़फ़े वक़फ़े से तशद्दुद पेश आया। हम ने बराह मर्कज़ और रियासत दोनों से दरख़ास्त की कि सख़्त कार्रवाई किए और गै़रक़ानूनी अस्लाह ज़ब्त किए जाएं। ताहम अभी तक सिर्फ़ 23 अदद हथियार ज़ब्त किए गए हैं।

मौलाना अजमल ने रियास्ती हुकूमत पर ये इल्ज़ाम भी आइद किया कि तशद्दुद के लिए ज़िम्मेदार अनासिर के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं की गई जबकि इस साल के अवाइल बेटी ए डी ख़ित्ता तशद्दुद की लपेट में रहा। हत्ता ( यहां तक) कि चंद गिरफ्तारियां भी ड्रामा के सिवा कुछ नहीं है।

उन्होंने कहा कि बड़ी तादाद में लोग जो रिफूजी कैम्पों से चले गए वो हनूज़ ( अभी तक) अपने मकानात को वापस नहीं हुए क्योंकि वहां कोई स्कियोरिटी नहीं है। उन्होंने मज़ीद कहा कि हुकूमत को अवाम के लिए गर्म कपड़ों का इंतेज़ाम करना चाहीए क्योंकि मौसिम-ए-सर्मा की आमद है।

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