Friday , October 20 2017
Home / India / आसाम शुमाल मशरिक़ के लिए तरक़्क़ी का मर्कज़ बने : मनमोहन सिंह

आसाम शुमाल मशरिक़ के लिए तरक़्क़ी का मर्कज़ बने : मनमोहन सिंह

उल्फ़ा के मुख़ालिफ़ बात चीत ग्रुप की जानिब से सिक्योरिटी ख़तरात और अस्करीयत पसंदों की जानिब से बंद के ऐलान को ख़ातिर में लाए बगैर वज़ीर आज़म डाक्टर मनमोहन सिंह ने आसाम क़ानूनसाज़ असेंबली की प्लेटिनम जुब्ली तक़ारीब का इफ़्तेताह अंजाम दिय

उल्फ़ा के मुख़ालिफ़ बात चीत ग्रुप की जानिब से सिक्योरिटी ख़तरात और अस्करीयत पसंदों की जानिब से बंद के ऐलान को ख़ातिर में लाए बगैर वज़ीर आज़म डाक्टर मनमोहन सिंह ने आसाम क़ानूनसाज़ असेंबली की प्लेटिनम जुब्ली तक़ारीब का इफ़्तेताह अंजाम दिया और कहा कि वो चाहते हैं कि रियासत आसाम मुल्क के शुमाल मशरिक़ी इलाक़ा के लिए तरक़्क़ी का मर्कज़ बन कर उभरे ।

आसाम और खासतौर पर गोहाटी के अवाम ने अस्करीयत पसंदों की धमकियों को ख़ातिर में लाए बगैर वज़ीर आज़म की एक झलक देखने के लिए सड़कों पर उतर आए थे । डाक्टर मनमोहन सिंह 1995 , 2001 और फिर 2007 मैं आसाम से राज्य सभा के लिए मुंतख़ब हुए हैं।

डाक्टर सिंह ने अपनी मुतबन्ना आबाई रियासत आसाम का शुक्रिया अदा किया कि इसने उन्हें अपनाईयत का एहसास दिया है । उन्होंने कहा कि वो चाहते हैं कि रियासत आसाम शुमाल मशरिक़ी इलाक़ा के इलावा सारे मुल़्क के लिए तरक़्क़ी के नए मर्कज़ के तौर पर उभरे ।

उन्होंने कहा कि वो यक़ीनी तौर पर अपनी मुतबन्ना आबाई रियासत का दौरा करके ख़ुशी महसूस कर रहे हैं। वो खासतौर पर बेहो त्योहार के एक हफ़्ता बाद यहां आने पर अच्छा महसूस कर रहे हैं। वो चाहते हैं कि आसाम के अवाम अमन तरक़्क़ी और ख़ुशहाली पाएं ।

उन्होंने कहा कि वो एक दूर दराज़ गावँ में पैदा हुए थे जो अब हिंदूस्तान का हिस्सा नहीं है । कम उम्र में वो बेघर हो गए और मुहाजिर क़रार पाए । आसाम में उन्हें बिलआख़िर अपने घर का एहसास हुआ जिसने उन्हें अपनापन दिया है । वज़ीर ए आज़म ने आसाम क़ानूनसाज़ असेंबली को जम्हूरियत का सबसे ऊंचा सतून क़रार दिया है और यहां आने वाले फ़र्र ज़िंदाँ‍ ओ‍ दुख्तर उन को ख़राज पेश किया ।

उन्होंने कहा कि यहां पहूंचने वाले अफ़राद ने आसामी अवाम की आज़ादाना आवाज़ को उठाया है । उन्होंने कहा कि जम्हूरियत में असेंबली की अहमियत है । ये हमारे लिए मुक़द्दस जगह है कि हम यहां अपने दस्तूरी अज़म हक़ूक़-ए-इंसानी सैक्यूलर अज़म और हर शहरी के एहतेराम को यक़ीनी बनाने के जज़बा के साथ काम करते हैं।

उन्होंने रियासत को तरक़्क़ी की नई मंज़िलों तक पहूँचाने पर हुकूमत आसाम की भी सताइश की । डाक्टर सिंह ने इआदा किया कि वो चाते हैं कि आसाम बारहवीं पंच साला मंसूबा के दौरान ना सिर्फ शुमाल मशरिक़ी इलाक़ा के लिए बल्कि सारे मुल़्क के लिए तरक़्क़ी का मर्कज़ और जज़बा बन कर उभरे ।

उन्हें यक़ीन है कि बारहवीं पंच साला मंसूबे के दौरान आसाम में 9 फीसद से ज़्यादा की रिकॉर्ड तरक़्क़ी होगी । उन्होंने इस मक़सद के हुसूल के लिए मर्कज़ की जानिब से हर मुम्किना मदद फ़राहम करने का तीक़न दिया । वज़ीर आज़म ने आसाम गैस कराकर प्रॉजेक्ट 750 मेगावाट के थर्मल पावर प्रॉजेक्ट का भी हवाला दिया और कहा कि इन प्राजेक्टस की तक़्मील के साथ आसाम की तरक़्क़ी की रफ़्तार और भी तेज़ हो जाएगी ।

TOPPOPULARRECENT