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आज़ाद एनकाउंटर की आज़ादाना तहक़ीक़ात पर ग़ौर से सुप्रीम कोर्ट का इत्तिफ़ाक़

सुप्रीम कोर्ट ने एक टाप माविस्ट लीडर चीरो कोरी राजकुमार उर्फ़ आज़ाद और एक सहाफ़ी हेमचन्द्र पांडे की एक मुबय्यना फ़र्ज़ी एनकाउंटर में हलाकत की आज़ादाना तहक़ीक़ात करवाने की इस्तेदा पर ग़ौर करने से इत्तेफ़ाक़ कर लिया है। चीरो कोरी राजकुम

सुप्रीम कोर्ट ने एक टाप माविस्ट लीडर चीरो कोरी राजकुमार उर्फ़ आज़ाद और एक सहाफ़ी हेमचन्द्र पांडे की एक मुबय्यना फ़र्ज़ी एनकाउंटर में हलाकत की आज़ादाना तहक़ीक़ात करवाने की इस्तेदा पर ग़ौर करने से इत्तेफ़ाक़ कर लिया है। चीरो कोरी राजकुमार उर्फ़ आज़ाद और हेमचन्द्र पांडे को आंधरा प्रदेश पुलिस ने एक एनकाउंटर में हलाक कर दिया था जिस पर बाअज़ गोशों का इद्दिआ है कि ये एनकाउंटर हक़ीक़ी नहीं बल्कि फ़र्ज़ी था।

सी बी आई की जानिब से की गई तहक़ीक़ात में इस एनकाउंटर में आंधरा प्रदेश पुलिस को क्लीनचिट भी दी जा चुकी है। जस्टिस आफ़ताब आलम और जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई पर मुश्तमिल एक बंच ने वकील प्रशांत भूषण की जानिब से सी बी आई तहक़ीक़ात की ग़ैर जांबदारी पर शकूक-ओ-शुबहात के इज़हार के बाद आज़ादाना तहक़ीक़ात की इस्तेदा पर ग़ौर से इत्तिफ़ाक़ कर लिया है।

मिस्टर भूषण ने कहा कि उन्हें शुबा है कि मर्कज़ी वज़ीर-ए-दाख़िला की जानिब से सी बी आई तहक़ीक़ात पर असर अंदाज़ होने का शुबा है क्योंकि आई पी एस ओहदेदारों का कंट्रोल उन की ज़रूरत के तहत है। मिस्टर भूषण ने अदालत से कहा कि सी बी आई की जानिब से आंधरा प्रदेश पुलिस को क्लीनचिट दिया जाना समझ से बालातर है और इस पर यक़ीन भी नहीं होता क्योंकि एजेंसी की जानिब से पेश कर्दा रिपोर्ट में कई नक़ाइस पाते जाते हैं।

उन्होंने इस्तेदलाल पेश किया कि सी बी आई ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और दीगर तहक़ीक़ाती काम मर्कज़ी वज़ीर-ए-दाख़िला के असर में रहते हुए किया है क्योंकि आई पी एस ओहदेदारों का कंट्रोल उन की वज़ारत के तहत ही है। मिस्टर भूषण ने इद्दिआ किया कि आज़ाद को आंधरा प्रदेश पुलिस की जानिब से वज़ीर-ए-दाख़िला की इजाज़त या मंज़ूरी के बगै़र हलाक नहीं किया जा सकता क्योंकि वज़ीर-ए-दाख़िला उस वक़्त आज़ाद से राबिता में थे।

ये ये राबते हुकूमत‍ ओ‍ माविस्टों के माबैन जंग बन्दी से मुताल्लिक़ थी। मिस्टर भूषण महलूक सहाफ़ी हेमचन्द्र पांडे की बेवा बनीता पांडे की पैरवी कर रहे थे। अदालत ने इबतदा में आज़ादाना तहक़ीक़ात की इस्तेदा वाली दरख़ास्त पर ग़ौर करने से इनकार किया था ताहम सी बी आई तहक़ीक़ात पर तहरीरी अदम इत्मीनान ज़ाहिर किए जाने के बाद इस दरख़ास्त को समाअत के लिए कुबूल कर लिया गया है।

अदालत ने ताहम वाज़िह कर दिया कि आज़ादाना तहक़ीक़ात से इत्तेफ़ाक़ का मतलब ये नहीं है कि सी बी आई ने जो तहक़ीक़ाती रिपोर्ट पेश की है इस पर अमल रोक दिया जाए। अदालत ने एक और समाजी कारकुन स्वामी अग्नी वेश की दरख़ास्त का जायज़ा लेने से भी इत्तेफ़ाक़ किया जिस में इस्तेदा की गई है कि सी बी आई रिपोर्ट का जायज़ा लिया जाए।

सी बी आई की नुमाइंदगी करने वाले एडीशनल सॉलीसिटर जनरल हरेन रावल ने ताहम उस की मुख़ालिफ़त की। आज़ाद और पांडे को ज़िला आदिलाबाद में जुलाई 2010 में एक एनकाउंटर में हलाक कर दिया गया था।

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